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US Iran peace deal | Russia Ukraine War | ईरान-अमेरिका डील के बाद अब रूस-यूक्रेन जंग खत्म कराने की बारी! डोनाल्ड ट्रंप की पुतिन से हुई सीधी बात

Last Updated:June 15, 2026, 07:28 IST

Russia Ukraine War: ईरान के साथ शांति समझौते पर मुहर के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म कराने की कोशिशों में जुट गए हैं. ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से 55 मिनट की बातचीत में कहा कि यूक्रेन में युद्धविराम बेहद जरूरी है और वह यूरोपीय देशों और कीव के साथ मिलकर समाधान निकालने को तैयार हैं. इसी बीच ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की से भी बातचीत की है. जी-7 शिखर सम्मेलन से पहले हुई ये कूटनीतिक कवायद यूक्रेन युद्ध को लेकर नई उम्मीदें जगा रही है.

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अब रूस-यूक्रेन जंग खत्म कराने की बारी! ट्रंप की पुतिन से हुई सीधी बातZoomईरान के साथ जंग खत्म होने के बाद अब डोनाल्ड ट्रंप का फोकस एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध पर लौटता दिख रहा है. (फाइल फोटो)

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर आखिरकार लंबे इंतजार के बाद मुहर लग गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार तड़के (भारतीय समय) ईरान के साथ हुई इस डील की जानकारी देते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट पर जारी नाकेबंदी अब पूरी तरह खत्म हो जाएगी और इसी के साथ पेट्रोल-गैस की किल्लत से जूझ रही दुनिया के आगे खड़ी एक बड़ी मुसीबत भी टल जाएगी. ईरान के साथ जंग खत्म होने के बाद अब डोनाल्ड ट्रंप का फोकस एक बार फिर रूस-यूक्रेन युद्ध पर लौटता दिख रहा है. ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर हुई लंबी बातचीत में साफ कहा कि यूक्रेन में युद्ध को खत्म करना बेहद जरूरी है और वह इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं. यह बातचीत ऐसे समय हुई है, जब फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन शुरू होने वाला है और दुनिया की निगाहें यूक्रेन युद्ध के भविष्य पर टिकी हैं.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने क्रेमलिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव के हवाले से बताया कि ट्रंप और पुतिन के बीच करीब 55 मिनट तक बातचीत हुई. इस दौरान ट्रंप ने युद्धविराम की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि वह यूरोपीय देशों और यूक्रेन के साथ मिलकर समाधान निकालने के लिए तैयार हैं. उन्होंने संकेत दिया कि जी-7 सम्मेलन के दौरान भी इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण बातचीत हो सकती है.

ईरान समझौते से यूक्रेन तक बात

इस फोन कॉल का एक बड़ा हिस्सा ईरान को लेकर भी रहा. उशाकोव के अनुसार ट्रंप ने रविवार रात (भारतीय समय) हुई बातचीत में पुतिन को बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अंतिम चरण में है और कठिन बातचीत के बाद जल्द सकारात्मक नतीजे सामने आ सकते हैं. माना जा रहा है कि ईरान के साथ टकराव खत्म कम होने के बाद अब अमेरिकी अपनी कूटनीतिक ऊर्जा यूक्रेन संकट पर केंद्रित करना चाहता है.

यही वजह है कि ट्रंप ने पुतिन से बातचीत में यूक्रेन युद्ध को प्राथमिकता देने का संदेश दिया. अमेरिका की ओर से लंबे समय से मध्यस्थता की कोशिशें चल रही हैं, लेकिन हाल के महीनों में ईरान संकट के कारण यह प्रक्रिया धीमी पड़ गई थी.

यूक्रेन से बातचीत को तैयार रूस?

क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि रूस बातचीत के रास्ते को पूरी तरह बंद नहीं करना चाहता. ट्रंप-पुतिन वार्ता के बाद यह भी जानकारी सामने आई कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर जल्द ही एक बार फिर रूस का दौरा कर सकते हैं. इन दोनों नेताओं ने पहले भी यूक्रेन शांति वार्ता में अहम भूमिका निभाई है.

हालांकि रूस अब भी अपने पुराने रुख पर कायम दिख रहा है. पुतिन का मानना है कि यूक्रेन और उसके यूरोपीय सहयोगी युद्ध को लंबा खींच रहे हैं, जबकि कीव लगातार रूस पर नए हमले कर रहा है. ऐसे में शांति वार्ता का रास्ता आसान नहीं माना जा रहा.

ट्रंप ने जेलेंस्की से भी की बात

दिलचस्प बात यह है कि पुतिन से बातचीत के अलावा ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से भी संपर्क किया. दोनों नेताओं के बीच युद्ध की स्थिति और शांति प्रक्रिया पर चर्चा हुई. जेलेंस्की ने बाद में कहा कि उन्होंने ट्रंप के साथ शांति की संभावनाओं पर विस्तृत बातचीत की और जी-7 सम्मेलन में आमने-सामने मुलाकात पर भी सहमति बनी है.

क्या अब खत्म हो सकती है जंग?

रूस-यूक्रेन युद्ध को चार साल से ज्यादा समय हो चुका है. जंग खत्म कराने के लिए हुई कई दौर की बातचीत विफल रही हैं और दोनों पक्षों के बीच भरोसे की भारी कमी है. ऐसे में केवल ट्रंप और पुतिन की फोन बातचीत से तत्काल युद्धविराम की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी. लेकिन यह जरूर माना जा रहा है कि अगर ईरान मुद्दे पर अमेरिका को कूटनीतिक सफलता मिलती है, तो ट्रंप प्रशासन यूक्रेन में भी किसी बड़े समझौते की कोशिश तेज कर सकता है.

फिलहाल दुनिया की नजरें फ्रांस में होने वाले जी-7 सम्मेलन पर हैं, जहां ट्रंप, जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं के बीच होने वाली बातचीत से यूक्रेन युद्ध को लेकर कोई नई दिशा निकल सकती है.

About the AuthorSaad Omar

साद बिन उमर को पत्रकारिता के क्षेत्र में 15 साल से अधिक का अनुभव है, जिनमें से 12 साल उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता को दिए है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने आज तक, एनडीटीवी, पीटीआई और नया इंडिया जैसे प्र…और पढ़ें

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