फाल्टा विधानसभा सीट पर फिर से डाले जाएंगे वोट, सभी 285 पोलिंग बूथ पर होगी वोटिंग, ECI ने क्यों लिया ये फैसला?

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फाल्टा विधानसभा सीट पर फिर से डाले जाएंगे वोट, ECI ने क्यों लिया ये फैसला?
Last Updated:May 02, 2026, 22:48 IST
पश्चिम बंगाल की 144-फाल्टा सीट पर 29 अप्रैल 2026 के मतदान में भारी गड़बड़ियों के बाद चुनाव आयोग ने सभी 285 बूथों पर 21 मई को पुनर्मतदान के आदेश दिए हैं. जबकि 24 मई को वोटों की गिनती होगी. फाल्टा विधानसभा के कई बूथों पर अनियमितता की शिकायत मिली थी.
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फाल्टा विधानसभा की सभी सीटों पर 21 मई को वोटिंग होगी. (फाइल फोटो)
कोलकाता. पश्चिम बंगाल की 144-फाल्टा विधानसभा सीट पर चुनावी गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग ने बड़ा और सख्त फैसला लिया है. 29 अप्रैल 2026 को मतदान के दौरान कई बूथों पर गंभीर अनियमितताओं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोपों के बाद आयोग ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया है.
चुनाव आयोग के निर्देश के अनुसार, इस सीट के सभी 285 मतदान केंद्रों, जिसमें सहायक (ऑक्सिलियरी) बूथ भी शामिल हैं, पर फिर से वोटिंग कराई जाएगी. यह कदम चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मतदान 21 मई 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कराया जाएगा. इसके बाद सभी वोटों की गिनती 24 मई 2026 को होगी.
फाल्टा में कई बूथों की वीडियोग्राफी गायबफाल्टा विधानसभा सीट पर मतदान में गड़बड़ियों के गंभीर आरोप लगे थे, कई बूथों की वीडियोग्राफी गायब मिली. फाल्टा में विधानसभा क्षेत्र में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए थे. स्पेशल ऑब्जर्वर और जिला निर्वाचन अधिकारी की जांच में कई मतदान केंद्रों पर भारी अनियमितताएं सामने आई. रिपोर्ट के मुताबिक, कई बूथों की वीडियोग्राफी अधूरी या पूरी तरह से गायब पाई गई, जबकि कुछ जगहों पर रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई गई है.
जांच में यह भी सामने आया है कि कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के साथ आए लोगों (कंपैनियन) द्वारा वोट डाले जाने के कई मामले मिले. इसके अलावा, अनधिकृत लोगों के बार-बार मतदान कक्ष में प्रवेश करने, मतदान अधिकारियों के बार-बार अंदर जाने और प्रक्रियाओं के उल्लंघन के भी आरोप लगे हैं.
रिपोर्ट के अनुसार…* कई बूथों पर घंटों तक वीडियो फुटेज उपलब्ध नहीं है.* कुछ जगहों पर एक ही व्यक्ति द्वारा कई बार वोटिंग कंपार्टमेंट में जाने की घटनाएं दर्ज की गईं.* एक ही समय में दो-दो लोगों के मतदान कक्ष में मौजूद रहने के मामले सामने आए.* पोलिंग एजेंट द्वारा मतदाता की जगह वोट डालने जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं.* कुछ बूथों पर मतदान शुरू होने से लेकर दोपहर तक कोई वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं मिली.* कई मामलों में अधिकारियों की मौजूदगी या कार्रवाई का रिकॉर्ड नहीं मिला, जिससे Action Taken Report को अविश्वसनीय बताया गया.
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुछ स्थानों पर मतदाताओं को डराने और मतदान में बाधा डालने के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी क्योंकि उस समय की वीडियो फुटेज उपलब्ध नहीं थी. अंत में, स्पेशल ऑब्जर्वर और जिला निर्वाचन अधिकारी ने निष्कर्ष निकाला कि कई मतदान केंद्रों पर पूरी चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हुई. खासतौर पर बैलेट यूनिट के बटन पर कथित तौर पर काले टेप या इत्र लगाने के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है.
About the AuthorRakesh Ranjan Kumar
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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