कोटा के नयागांव में पानी का संकट

Last Updated:May 16, 2026, 09:27 IST
Water Crisis in Kota: कोटा के नयागांव और आवली रोझड़ी क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है. पिछले 20 सालों से इस समस्या से जूझ रहे लोग अब 1500 रुपये महीना देकर निजी बोरिंग से पानी खरीदने को मजबूर हैं. क्षेत्र में सरकारी ट्यूबवेल और पानी की टंकी तो बनी है, लेकिन वे चालू नहीं हैं. स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नलों के जरिए पानी की सप्लाई शुरू करने की मांग की है.
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Water Crisis in Kota: राजस्थान के कोटा शहर में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच नयागांव और आवली रोझड़ी क्षेत्र में पानी की भारी किल्लत सामने आ रही है. हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि लोगों को पीने तक का साफ पानी नसीब नहीं हो पा रहा है. नहाने-धोने से लेकर रोजमर्रा का खाना बनाने तक के लिए स्थानीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. क्षेत्र के कई परिवार अब मजबूरी में उन लोगों से पैसे देकर पानी खरीद रहे हैं, जिनके घरों में निजी बोरिंग लगी हुई है.
स्थानीय निवासियों का कहना है कि जिन गिने-चुने घरों में बोरिंग से पानी आ रहा है, वहीं से पाइपलाइन जोड़कर आसपास के लोग जैसे-तैसे अपना काम चला रहे हैं. लेकिन लगातार बढ़ती गर्मी और गिरते भूजल स्तर के कारण अब इन बोरिंगों ने भी जवाब देना शुरू कर दिया है. ऐसे में पानी का यह वैकल्पिक स्रोत भी बंद होने की कगार पर है, जिससे लोगों की परेशानी हर दिन लगातार बढ़ती जा रही है.
सरकारी सिस्टम फेल, 20 सालों से नहीं हुआ स्थायी समाधानक्षेत्रवासियों का सीधा आरोप है कि इलाके में सरकारी ट्यूबवेल और बोरिंग होने के बावजूद पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पा रही है. कई जगह सरकारी बोरिंग तो खुदी हुई हैं, लेकिन उनमें पानी ही नहीं आता. लोगों का दर्द है कि पिछले करीब 20 वर्षों से वे लगातार इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है.
कनेक्शन के 10 हजार और हर महीने 1500 रुपये का खर्चस्थानीय महिला संजू ने बताया कि जब से यह बस्ती बसी है, तब से ही पानी की समस्या जस की तस बनी हुई है. उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने निजी स्तर पर अपना सिस्टम बनाकर बोरिंग से पानी की सप्लाई शुरू कर रखी है. इस निजी पानी के लिए लोगों से कनेक्शन के नाम पर करीब 10 हजार रुपए और हर महीने 1500 रुपए तक वसूले जा रहे हैं, जो गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ है.
शोपीस बनी पानी की टंकी, पाइपलाइन में नहीं आता पानीवहीं लक्ष्मी विहार रोझड़ी निवासी गोविंद यादव का कहना है कि क्षेत्र में जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा पाइपलाइन तो डाली गई है, लेकिन उसमें आज तक पानी नहीं आया. गर्मी के इस मौसम में निजी बोरिंग भी सूखने लगी हैं. उन्होंने प्रशासन की पोल खोलते हुए बताया कि इलाके में पानी की टंकी का बकायदा उद्घाटन तो कर दिया गया था, लेकिन आज तक उसमें पानी की सप्लाई शुरू नहीं की गई. ऐसे में वह टंकी सिर्फ एक शोपीस या ढांचा बनकर खड़ी है. क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि जल्द से जल्द पाइपलाइन चालू कर घर-घर तक नलों में पानी पहुंचाया जाए, ताकि इस भीषण गर्मी में आम जनता को राहत मिल सके.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें
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Location :
Kota,Kota,Rajasthan



