कॉलेज में पानी, हॉस्टल जर्जर और स्टेडियम बदहाल, सूरतगढ़ में करोड़ों के कामों पर सवाल

Last Updated:August 08, 2026, 08:58 IST
Suratgarh: श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ स्थित श्री गुरुशरण छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय, खेल स्टेडियम और हॉस्टल बरसाती पानी के भराव के कारण बदहाली का शिकार हो रहे हैं. परिसर और अंडरग्राउंड ऑडिटोरियम में पानी भरने से इमारत की नींव को खतरा हो गया है. ढही बाउंड्री वॉल से आवारा पशु अंदर घूम रहे हैं, वहीं लाखों की लागत का हॉस्टल शुरू हुए बिना जर्जर हो रहा है. खराब ट्रैक से डिफेंस अभ्यर्थियों को परेशानी हो रही है. स्थानीय लोगों व छात्रों ने प्रशासन से तुरंत मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था सुधारने की मांग की है.
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बारिश में डूबा करोड़ों का विकास! सूरतगढ़ कॉलेज से स्टेडियम तक बदहाली का आलम
Suratgarh: श्रीगंगानगर जिले का सूरतगढ़ शहर वर्तमान में उत्तर राजस्थान में उच्च शिक्षा और डिफेंस की तैयारियों के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है. राज्य के कोने-कोने से हजारों विद्यार्थी कोचिंग संस्थानों तथा श्री गुरुशरण छाबड़ा राजकीय महाविद्यालय में अपने सुनहरे भविष्य की नींव रखने आते हैं. हालांकि, युवाओं के सपनों को आकार देने वाला यह प्रतिष्ठित राजकीय महाविद्यालय, छात्र हॉस्टल और विशाल खेल स्टेडियम आज स्वयं प्रशासनिक उपेक्षा और जलभराव के कारण बदहाली के आंसू बहा रहा है.
करोड़ों रुपये का बजट खर्च किए जाने के बावजूद हर बारिश के सीजन के बाद महाविद्यालय की स्थिति बेहद चिंताजनक हो जाती है. बरसात के पानी की उचित निकासी न होने से पूरा कॉलेज परिसर और नवनिर्मित अंडरग्राउंड ऑडिटोरियम लबालब भर जाता है. लंबे समय तक पानी ठहरा रहने से भवन की नीवों के कमजोर होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है. इसके अतिरिक्त, महाविद्यालय की मुख्य बाउंड्री वॉल जगह-जगह से ढह चुकी है. सुरक्षा दीवार न होने के कारण कॉलेज परिसर में आवारा मवेशी खुलेआम घूमते रहते हैं, जिससे विद्यार्थियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
जर्जर होता हॉस्टल और बदहाल स्टेडियम ट्रैकलाखों रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ राजकीय छात्रावास निर्माण के बाद से आज तक छात्रों के उपयोग के लिए नहीं खोला गया है. उचित रखरखाव के अभाव और कथित घटिया निर्माण सामग्री के प्रयोग के कारण यह भवन समय से पहले ही जर्जर होने लगा है. दूसरी ओर, सेना और पुलिस जैसी डिफेंस सेवाओं तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं की तैयारी करने वाले स्थानीय युवाओं के लिए स्टेडियम का ट्रैक मुसीबत का सबब बना हुआ है.
ट्रैक की खस्ताहाली: स्टेडियम का दौड़ने वाला ट्रैक इतना उबड़-खाबड़ और क्षतिग्रस्त हो चुका है कि खिलाड़ियों का उस पर दौड़ना तो दूर, सामान्य चलना भी कठिन हो गया है.
बजट का दुरुपयोग: स्थानीय निवासियों और खिलाड़ियों का आरोप है कि ठेकेदारों की लापरवाही और घटिया निर्माण कार्य के कारण सरकारी बजट की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं.
छात्रों व खेल प्रेमियों ने उठाई त्वरित कार्रवाई की मांगस्थानीय छात्रों, खेल प्रशिक्षकों (कोच) और जागरूक नागरिकों ने महाविद्यालय परिसर व स्टेडियम की इस दुर्दशा से कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका है.
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जल निकासी की पुख्ता व्यवस्था, बाउंड्री वॉल का पुनर्निर्माण, हॉस्टल की शुरुआत और स्टेडियम ट्रैक का नवीनीकरण नहीं कराया गया, तो सरकार की करोड़ों रुपये की यह सार्वजनिक संपत्ति पूरी तरह नष्ट हो जाएगी.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Ganganagar,Ganganagar,Rajasthan
First Published :
August 08, 2026, 08:58 IST



