वजन का काटा टस से मस नहीं हो रहा? डाइटिंग और वर्कआउट भी नहीं आ रहा काम! ये है वे 10 वजहें जो नहीं बताता कोई

Weight Loss Tips: क्या आप भी जिम में घंटों पसीना बहाने और सख्त डाइट फॉलो करने के बाद इस बात से परेशान हैं कि आपका वजन टस से मस नहीं हो रहा? अक्सर जब वजन का कांटा एक जगह आकर ठहर जाता है, तो निराशा होना स्वाभाविक है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी इस मेहनत पर पानी फेरने के लिए आपकी ही कुछ बेहद सामान्य सी आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं? भोजन के बीच लंबा गैप रखना, ‘लो-फैट’ डाइट का धोखा, या फिर रोजमर्रा का छोटा-मोटा मानसिक तनाव; ये ऐसे दुश्मन हैं जो आपके मेटाबॉलिज्म को कछुए जैसा धीमा कर देते हैं. आइए जानते हैं फैट लॉस को रोकने वाले ऐसे ही 10 हैरान करने वाले कारण और उन्हें सुधारने के आसान उपाय.
वजन न घटने की 10 सीक्रेट वजहें-
मील स्किप करना या खाने में लंबा गैप (6-7 घंटे)जल्दी पतला होने की चाह में लोग अक्सर सुबह का नाश्ता छोड़ देते हैं या दोपहर और रात के खाने के बीच 6 से 7 घंटे का लंबा गैप रखते हैं. उन्हें लगता है कि इससे कैलोरी कम होगी, लेकिन नतीजा उल्टा होता है. लंबे समय तक भूखे रहने से शरीर ‘सर्वाइवल मोड’ में चला जाता है. वह मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देता है और अगली बार आप जो भी खाते हैं, उसे ऊर्जा के बजाय सीधे ‘फैट’ के रूप में जमा करने लगता है.
लगातार कुछ न कुछ खाते रहना (2 घंटे से कम का गैप)जहां लंबा गैप नुकसानदेह है, वहीं हर डेढ़-दो घंटे में कुछ न कुछ चबाते रहना (ग्रेजिंग) भी वजन बढ़ने का बड़ा कारण है. बार-बार खाने से आपका पाचन तंत्र भ्रमित हो जाता है. उसे आराम नहीं मिलता, जिससे भोजन का अवशोषण ठीक से नहीं हो पाता. आयुर्वेद और मॉडर्न साइंस दोनों मानते हैं कि दो भोजन के बीच कम से कम 3 से 4 घंटे का अंतर होना अनिवार्य है.
कब्ज और टॉक्सिन्स का जमा होनाअगर आपका पेट रोजाना साफ नहीं होता है, तो शरीर में गंदगी और विषाक्त पदार्थ (टॉक्सिन्स) जमा होने लगते हैं. जब शरीर अंदरूनी रूप से साफ नहीं होगा, तो उसका पूरा सिस्टम धीमा पड़ जाएगा और फैट बर्न करना लगभग असंभव हो जाएगा.
जंक फूड और रिफाइंड कार्ब्स का चस्कामैदा, चीनी, कोल्ड ड्रिंक्स, पैकेज्ड स्नैक्स और तला-भुना खाना केवल ‘एम्प्टी कैलोरी’ (Empty Calories) देते हैं. ये चीजें शरीर में एसिड का स्तर बढ़ाती हैं, लीवर पर दबाव डालती हैं और आपके मेटाबॉलिज्म को पूरी तरह क्रैश कर देती हैं.
‘डाइट फूड्स’ और ‘लो-फैट’ का धोखाबाजार में मिलने वाले डाइट चिप्स, लो-फैट बिस्किट या योगर्ट वजन घटाने के सबसे बड़े दुश्मन हैं. कंपनियां फैट कम करने के बाद स्वाद बनाए रखने के लिए इनमें भारी मात्रा में छिपी हुई चीनी (Hidden Sugar) और प्रिजर्वेटिव्स मिलाती हैं. ये उत्पाद आपको पतले नहीं, बल्कि और बीमार बनाते हैं.
अंदरूनी सेहत और लाइफस्टाइल से जुड़ी रुकावटें-
हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance)कई बार कमी आपकी कोशिशों में नहीं, बल्कि शरीर के अंदरूनी केमिकल्स में होती है. सुस्त थायराइड (Hypothyroidism), इंसुलिन रेजिस्टेंस या विटामिन D और B12 की भारी कमी मेटाबॉलिज्म की रफ्तार को कछुए जैसा बना देती है. ऐसे में डॉक्टर से जांच कराना ही एकमात्र उपाय है.
डिहाइड्रेशन और लीवर पर दबाव भी वजहकम पानी पीना या शराब और स्मोकिंग की आदत सीधे लीवर को प्रभावित करती है. जब शरीर डिहाइड्रेटेड या टॉक्सिन्स से भरा होता है, तो लीवर फैट बर्न करने का अपना मुख्य काम छोड़कर शरीर को साफ (Detoxify) करने में व्यस्त हो जाता है.
अनजाना और छोटा-मोटा तनाव (Hidden Stress)क्या आप जानते हैं कि ऑफिस की डेडलाइन, ट्रैफिक जाम या कामवाली बाई का न आना भी आपका वजन बढ़ा सकता है? जब आप लगातार ओवरथिंकिंग या तनाव में होते हैं, तो शरीर में ‘कोर्टिसोल’ (Cortisol) नाम का स्ट्रेस हार्मोन बढ़ता है. यह हार्मोन सीधे पेट के आसपास फैट जमा करने का काम करता है.
रिकवरी के बिना ओवर-एक्सरसाइजघंटों जिम में पसीना बहाना और कार्डियो करना तब तक बेअसर है, जब तक शरीर को आराम न मिले. बिना आराम के हैवी वर्कआउट करने से शरीर में सूजन और स्ट्रेस बढ़ता है. वेट लॉस के लिए हैवी कार्डियो के बजाय स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और रोजाना वॉक का बैलेंस सबसे बेहतरीन माना जाता है.
अधूरी और खराब नींदनींद के दौरान ही हमारा शरीर खुद को रिपेयर करता है और हार्मोन्स को संतुलित करता है. यदि आप रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद नहीं ले रहे हैं, तो आपके हंगर हार्मोन्स (घ्रेलिन और लेप्टिन) बिगड़ जाएंगे, जिससे अगले दिन आपको ज्यादा भूख लगेगी और क्रेविंग होगी.
क्या हो एक्शन प्लानवजन घटाना सिर्फ कम खाने का खेल नहीं है, यह एक सही लाइफस्टाइल का नाम है. इस लिस्ट में से उन 2 या 3 आदतों को चुनिए जो आपके रूटीन को खराब कर रही हैं. अगले 21 दिनों तक केवल घर का बना शुद्ध खाना खाएं, पर्याप्त पानी पीएं और अपनी कमियों को ठीक करें- फैट लॉस का रुका हुआ कांटा फिर से घूमने लगेगा.



