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कहां से आती है आम में इतनी मिठास, क्या धूप, गर्मी और पानी का रिश्ता, मोहक पीले रंग का राज

सूखी मिट्टी पर लगे आम के पेड़ की छाल से लेकर पत्ती में कहीं कोई मिठास नहीं होती. पत्तियां कड़वी होती हैं. ये पेड़ धरती से पानी और उर्वरा लेकर फलता फूलता है तो इस पर लगे आमों में इतनी मिठास कहां से आ जाती होगी. खाते ही मीठापन और मधुरता बाग – बाग कर देती है. आम दुनिया के तमाम फलों में खास है. उसका रंगरूप उसको और मोहक बना देता है. आम में इतनी मिठास आती कहां से है. कहां से मिलता है इतना उम्दा पीला रंग. वैसे इसका संबंध धूप से भी है

आम की मिठास का राज़ उसमें मौजूद प्राकृतिक शक्कर है. और आपको ये भी बता दें कि गन्ने की तरह आम से भी चीनी बनाने की कोशिश की गई. इससे अच्छी चीनी बनी भी लेकिन ये प्रोसेस इतना आसान नहीं था.

आम में मिठास कहां से आती है

आम में मुख्य रूप से तीन तरह की प्राकृतिक शक्कर होती हैं, जो मिलकर उसे मीठा स्वाद देती हैं. एक स्टडी के अनुसार, पके आम के गूदे में कुल शक्कर का बड़ा हिस्सा सुक्रोज होता है, जो लगभग 12.7 ग्राम प्रति 100 ग्राम पाया जाता है. इसके अलावा, फ्रक्टोज करीब 4.8 ग्राम और ग्लूकोज करीब 1.4 ग्राम मौजूद होते हैं.

भारत में आम की लगभग 1,000 किस्में पाई जाती हैं, हालांकि व्यावसायिक खेती कुछ चुनिंदा किस्मों की ही होती है. आम को फलों का राजा कहा जाता है, क्योंकि इसका स्वाद, सुगंध और विविध किस्में बहुत प्रसिद्ध हैं. (AI Photo)

दिलचस्प बात यह है कि अलग-अलग किस्मों में शक्कर का अनुपात भी अलग होता है. उदाहरण के लिए, ‘नाम डोक माई’ किस्म के आम में ग्लूकोज की मात्रा 30.03% और फ्रक्टोज 31.41% पाई गई है. मतलब ये भी है कि कुछ आमों में मीठे की मात्रा कम भी हो सकती है और कुछ में बहुत ज्यादा.

वैसे आपको ये बता दें कि भारत में आम की मिठास काफी हद तक किस्म और उसके उगाने के क्षेत्र पर निर्भर करती है. आम की मिठास को मापने के लिए ‘डिग्री ब्रिक्स’ का पैमाना इस्तेमाल होता है, ये संख्या जितनी ज़्यादा होगी, आम उतना ही मीठा होगा.

भारत का सबसे मीठा आम

सबसे मीठा आम दशहरी होता है, उत्तर प्रदेश के इस प्रसिद्ध आम में 22 से 24 डिग्री ब्रिक्स की मिठास होती है. ये इसे सबसे मीठी किस्मों में एक बनाता है.

यूपी में पैदा होने वाला दशहरी आम सबसे मीठा होता है. वैसे भारत के सबसे ज्यादा आम यूपी में ही पैदा होते हैं. (AI Photo)

लंगड़ा और चौसा भी उत्तर प्रदेश की ही प्रमुख मीठी किस्में हैं. इनमें दशहरी की तरह ही 22 से 24 डिग्री ब्रिक्स की मिठास रहती है. तो ये कह सकते हैं कि यूपी में होने वाले आम ज्यादा मीठे होते हैं.

अल्फांसो इनसे कम मीठा होता है. मिठास के लिहाज से इसका ब्रिक्स स्कोर करीब 20 होता है. गुजरात का फेमस आम केसर कम मीठा होता है, उसका ब्रिक्स स्कोर 18-19 होता है.

कच्चा आम तो खट्टा होता है तो फिर मीठा कैसे बनता है

कच्चे आम में खट्टापन होता है, इससे खटाई भी बनाई जाती है. लेकिन जैसे ही ये आम बड़ा होता है और पक जाता है, ये जबरदस्त मीठा हो जाता है. इस फल को मीठा बनाने की प्रक्रिया कई जैविक और रासायनिक प्रक्रियाओं का नतीजा होता है. जिससे ये फल अद्भुत मीठा स्वाद पाता है.

मीठा होना आमों के डीएनए में शामिल होता है. जब आम पकना शुरू होता है, तो उसके अंदर जटिल रासायनिक बदलाव होते हैं. कच्चे आम में अधिकांश कार्बोहाइड्रेट स्टार्च के रूप में होते हैं, जो बेस्वाद होता है. पकने की प्रक्रिया में एंजाइम इस स्टार्च को तोड़कर फ्रुक्टोज, ग्लूकोज और सुक्रोज में बदल देते हैं. यही वो चीज होते हैं, जो हमें मीठा स्वाद देते हैं. पकने के साथ आम में मौजूद कार्बनिक अम्ल की मात्रा कम हो जाती है और चीनी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे खट्टापन कम और मिठास अधिक महसूस होती है.

आम की मिठास का खास रिश्ता तेज धूप, तेज गर्मी और कम पानी से होता है. (AI Photo)

धूप, गर्मी, पानी और मिठास का रिश्ता

आम का पेड़ सूरज की रोशनी को ऊर्जा में बदलता है. कार्बन डाइऑक्साइड व पानी से ग्लूकोज बनाता है. यह चीनी पेड़ के माध्यम से आम तक पहुंचती है और फल में जमा होती है. ज्यादा धूप पाने वाले आमों में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया अधिक होती है, जिससे वे अधिक चीनी जमा कर पाते हैं. आम को मीठा बनाने के लिए गर्म और शुष्क जलवायु सबसे अच्छी मानी जाती है. गर्म दिन भी इसीलिए इसको मीठा बनाते हैं. मजे कि बात ये भी कि पानी की थोड़ी कमी आम को और मीठा बनाती है.

आम का पेड़ मिट्टी से क्या लेता है

मिट्टी में मौजूद पोटैशियम जैसे खनिज आम में चीनी को पहुंचाने में मददगार होते हैं. मिट्टी की गुणवत्ता भी फल के पूरे स्वाद को बेहतर बनाती है.

क्या आम से शक्कर बनाई जा सकती है

हां, ऐसा हो चुका है. इस पर कई शोध भी हुए हैं. कोलंबिया के प्रोविडेंसिया द्वीप पर आम को भी शक्कर बनाने के लिए प्रोसेस किया जाता रहा है. ये एक पुरानी प्रथा है जो वहां 100 सालों से कहीं ज्यादा पहले से चल रही और अब भी जारी है. हाल ही के एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने फ्रीज ड्राई तकनीक का उपयोग करके आम को सफलतापूर्वक दानेदार शक्कर में बदल दिया.

कोलंबिया देश में 100 सालों से कहीं ज्यादा समय से आम से दानेदार चीनी बनाई जा रही है. (AI Photo)

छिलके से भी बनती है शक्कर

हैरानी की बात यह है कि सिर्फ गूदा ही नहीं, बल्कि आम के छिलके से भी ग्लूकोज निकाला जा सकता है. एक शोध में पाया गया कि छिलके से ग्लूकोज एक्सट्रैक्ट किया जा सकता है.

पीला ही क्यों होता है आम का रंग

आम का पीला रंग और उसका पीला गूदा मुख्य रूप से कैरोटीनॉयड्स की वजह से होता है, खासकर बीटा-कैरोटीन. पकने के दौरान आम में हरा रंग देने वाला क्लोरोफिल कम होने लगता है. पीले-नारंगी रंजक ज्यादा दिखने लगते हैं.कच्चा आम हरा इसलिए दिखता है क्योंकि उसमें क्लोरोफिल ज्यादा होता है. पकने पर वह घटता जाता है. उसी समय कैरोटीन जैसे रंजक बढ़ते या ज्यादा स्पष्ट होते हैं, इसलिए आम पीला दिखाई देता है.

आम के गूदे में मौजूद प्राकृतिक कैरोटीनॉयड्स ही उसके अंदरूनी हिस्से को पीला-नारंगी रंग देते हैं. कुछ किस्मों में यह रंग हल्का होता है, कुछ में गहरा, इसलिए हर आम एक जैसा पीला नहीं दिखता.

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