21 दिन सूखी रहेगी नर्मदा नहर! जालौर-सांचौर के 300+ गांवों पर मंडराया जल संकट, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

Last Updated:May 02, 2026, 16:32 IST
Narmada Canal Shutdown 2026: नर्मदा नहर के 21 दिनों तक बंद रहने के कारण राजस्थान के जालौर और सांचौर क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति बन गई है. इस निर्णय से 300 से अधिक गांवों की पानी सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है, जिससे गर्मी के इस मौसम में लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं. प्रशासन ने स्थिति को देखते हुए अलर्ट जारी किया है और ग्रामीणों से पानी का संयमित उपयोग करने की अपील की है. अधिकारियों के अनुसार, नहर बंद रहने के दौरान वैकल्पिक व्यवस्थाएं करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन जल आपूर्ति पूरी तरह सामान्य रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. इस बीच टैंकरों और अन्य संसाधनों के जरिए पानी उपलब्ध कराने की योजना भी बनाई जा रही है.
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जालौर-सांचौर के 300+ गांवों पर मंडराया जल संकट
जालौर: राजस्थान के जालौर और सांचौर क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर है. 1 मई से नर्मदा परियोजना की मुख्य नहर में पानी की सप्लाई पूरी तरह से बंद कर दी गई है. यह क्लोजर 21 मई तक यानी पूरे 21 दिनों तक प्रभावी रहेगा. इस दौरान नहर में मरम्मत और रखरखाव का कार्य किया जाएगा, जिसके चलते पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी.
गुजरात और राजस्थान सरकार के बीच सहमति के बाद इस क्लोजर को लागू किया गया है. हालांकि प्रशासन ने संभावित जल संकट को देखते हुए पहले से ही तैयारी शुरू कर दी थी. अधिकारियों को दो सप्ताह पहले ही निर्देश दे दिए गए थे कि पेयजल का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को परेशानी न हो.
एफआर प्रोजेक्टजालौर शहर सहित करीब 300 गांव-कस्बों को पानी सप्लाई करने वाले इस प्रोजेक्ट में तैतरोल स्थित स्टॉक टैंक में 2100 एमएल पानी जमा किया गया है. यह टैंक 6.75 मीटर गेज तक भरा हुआ है और दावा किया जा रहा है कि 100 एलपीसीडी के हिसाब से यह पानी 21 दिनों तक पर्याप्त रहेगा.
डीआर प्रोजेक्टयह सांचौर सहित 160 गांव-कस्बों को जोड़ता है. इसका स्टॉक टैंक पहाड़पुरा में स्थित है, जिसकी क्षमता 1045 एमएल है. हालांकि इसकी क्षमता कम है, लेकिन गांवों की संख्या भी कम होने के कारण यहां भी पूरे 21 दिनों तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है.
पानी की सप्लाई जारी रखी जा सकेइसके अलावा ईआर प्रोजेक्ट, जो भीनमाल सहित 306 गांवों को कवर करता है, फिलहाल आंशिक रूप से ही चालू है. अभी केवल 19 गांव और भीनमाल शहर इससे जुड़े हैं. इस प्रोजेक्ट के तहत स्टॉक टैंक में 2130 एमएल पानी 6 मीटर स्तर तक भर लिया गया है, जिससे क्लोजर अवधि में पानी की सप्लाई जारी रखी जा सके.
अधिकारियों का कहना है कि क्लोजर के दौरान सभी जरूरी मरम्मत कार्य किए जाएंगे, ताकि भविष्य में पानी की सप्लाई और बेहतर हो सके. नर्मदा परियोजना के एसई बाबूलाल गेहलोत के अनुसार, इस दौरान सभी योजनाओं में पर्याप्त पानी का स्टॉक पहले ही कर लिया गया है.
जल संकट को बढ़ा सकती हैप्रशासन के दावों के बावजूद लोगों को सलाह दी जा रही है कि वे पानी का सही उपयोग करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें. क्योंकि गर्मी के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी जल संकट को बढ़ा सकती है.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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