भीड़ में भी क्यों अकेले हैं लोग? टीवी स्टार शुभांगी अत्रे ने बताई वजह, सोशल मीडिया के ‘दिखावे’ की खोली पोल

Last Updated:June 26, 2026, 23:28 IST
टीवी एक्ट्रेस शुभांगी अत्रे ने सोशल मीडिया के दौर में रिश्तों और अकेलेपन पर अपने जज्बात बयां किए हैं. शुभांगी अत्रे की मानें, तो अकेलापन लोगों की कमी से नहीं, बल्कि गहरे इमोशनल कनेक्शन और सतही बातचीत की वजह से होता है. लोगों को सोशल मीडिया ने एक-दूसरे की जिंदगी में दिखा तो दिया है, लेकिन वे एहसासों को महसूस करने की गहराई खो चुके हैं. उन्होंने बताया कि उनकी 19 साल की बेटी आशी और कुछ करीबी दोस्तों के रवैये की वजह से खुद को भाग्यशाली मानती हैं.
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शुभंगी अत्रे टीवी शो ‘भाभी जी घर पर हैं’ से पॉपुलर हुई थीं.
नई दिल्ली: मशहूर टीवी एक्ट्रेस शुभांगी अत्रे ने ग्लैमर की दुनिया के पीछे छिपे अकेलेपन और आज के दौर में रिश्तों की कड़वी सच्चाई पर खुलकर बात की. शुभांगी का मानना है कि अकेलापन सिर्फ इस वजह से नहीं होता कि आपके आस-पास लोग नहीं हैं, बल्कि यह तब महसूस होता है जब आपके पास दिल का हाल बांटने के लिए कोई गहरा इमोशनल कनेक्शन न हो. उन्होंने कहा कि वह खुद को बहुत लकी मानती हैं क्योंकि उनकी लाइफ में कुछ ऐसे गिने-चुने लोग हैं जो उनसे पूछते हैं कि ‘आप कैसी हैं?’ वे सिर्फ औपचारिकता नहीं निभाते बल्कि उनके जवाब का सच में इंतजार भी करते हैं. शुभांगी ने कहा कि किसी भी इंसान के लिए सबसे बड़ा सुकून यही होता है कि कोई उसे बिना किसी जजमेंट के, बिना टोक-टाक किए बस शांति से सुन ले. कई बार इंसान को किसी की बड़ी-बड़ी सलाह की जरूरत नहीं होती, बल्कि सिर्फ यह एहसास ही काफी होता है कि कोई उसे समझने के लिए खड़ा है.
शुभांगी ने आजकल के सोशल मीडिया के बढ़ते क्रेज पर अपना नजरिया रखा. उन्होंने कहा कि आज हम सब इंटरनेट के जरिए एक-दूसरे की जिंदगी से बहुत अच्छी तरह वाकिफ हैं, लेकिन उनकी असली भावनाओं से कोसों दूर हो चुके हैं. हम फोन की स्क्रीन पर यह तो आसानी से देख लेते हैं कि सामने वाला कहां घूम रहा है, क्या खा रहा है या क्या पोस्ट कर रहा है, लेकिन हम कभी यह नहीं जान पाते कि वह अंदर से असल में क्या महसूस कर रहा है. सोशल मीडिया ने लोगों को दिखावे के मामले में तो बहुत आगे बढ़ा दिया है, लेकिन इंसानी जज्बातों को समझने वाली गहराई को पूरी तरह खत्म कर दिया है. शुभांगी की मानें, तो आज लोग भीड़ में रहते हुए भी अंदर से बिल्कुल अकेले हैं, क्योंकि बातचीत सिर्फ सतही बनकर रह गई है. असली और सुकून देने वाली बातचीत हमेशा मोबाइल की स्क्रीन से दूर, आमने-सामने बैठकर ही मुमकिन हो पाती है.
बेटी आशी है उनकी जिंदगी का खूबसूरत हिस्सा शुभांगी ने रिश्तों की अहमियत पर बात करते हुए कहा कि आज के इस मतलबी दौर में सच्चे और भरोसेमंद रिश्ते बनाना कोई बच्चों का खेल नहीं है. किसी भी रिश्ते में भरोसा, समझदारी और अपनापन आने में लंबा वक्त लगता है और इसके लिए दोनों तरफ से धैर्य रखना बहुत जरूरी है. जिंदगी में वही लोग सबसे ज्यादा कीमती होते हैं जो आपके अच्छे दिनों में ताली बजाने के साथ-साथ आपके बुरे वक्त में भी ढाल बनकर आपके साथ खड़े रहें. ऐसे मजबूत रिश्ते ही इंसान को दिमागी तौर पर सुकून देते हैं और अकेलेपन के डर को दूर भगाते हैं. शुभांगी ने अपनी पर्सनल लाइफ का जिक्र करते हुए बताया कि उनकी 19 साल की बेटी आशी उनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा है. वह इतनी समझदार है कि हमेशा अपनी मां का ख्याल रखती है और उनका हालचाल लेती रहती है. बेटी और कुछ बेहद करीबी दोस्तों के इसी प्यार की वजह से शुभांगी अपनी जिंदगी में कभी भी अकेलापन महसूस नहीं करती हैं.
About the AuthorAbhishek NagarSenior Sub Editor
अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ में सीनियर सब एडिटर के पद पर काम कर रहे हैं. दिल्ली के रहने वाले अभिषेक नागर ‘न्यूज18 डिजिटल’ की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. उन्होंने एंटरटेनमेंट बीट के अलावा करियर, हेल्थ और पॉल…और पढ़ें
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