बारिश के मौसम में क्यों बढ़ रहे खांसी-जुकाम और त्वचा रोग? डॉक्टर ने बताए कारण और बचाव के तरीके

अंबाला: प्रदेशभर में लगातार हो रही बारिश और बदलते मौसम ने जहां गर्मी से राहत दी है, वहीं अब इसका असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है. दरअसल बारिश के बाद वातावरण में बढ़ी नमी, जगह-जगह जमा पानी और दूषित पानी के संपर्क में आने से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है. अंबाला जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों खांसी-जुकाम, बुखार, गले में संक्रमण, चर्म रोग और आंखों से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है. बता दें कि अस्पताल में सबसे अधिक भीड़ जनरल और चर्म रोग ओपीडी में दिखाई दे रही है. चिकित्सकों के अनुसार थोड़ी सी सावधानी बरतकर इन मौसमी बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है.
बारिश के बाद वायरल संक्रमण के मरीज बढ़े
वहीं अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में कार्यरत होम्योपैथिक डॉ. रजिता ने लोकल 18 को बताया कि बारिश के मौसम में वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि ओपीडी में खांसी, जुकाम और बुखार से पीड़ित बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं.
उबालकर पानी पीने की डॉक्टर ने दी सलाह
उन्होंने बताया कि मौसम बदलने के साथ लोगों को अपनी दिनचर्या और खान-पान में भी बदलाव करना चाहिए. डॉ. रजिता ने लोगों को साफ और सुरक्षित पानी पीने की सलाह देते हुए कहा कि पानी को उबालकर पीना बेहतर है. इसके साथ ही हाथों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए और बारिश में भीगने के बाद गीले कपड़ों में ज्यादा देर तक रहने से बचें और तुरंत कपड़े बदल लें.
बाहर के खाने और तली-भुनी चीजों से रहें दूर
उन्होंने बाहर के खाद्य पदार्थों और ज्यादा तली-भुनी चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी, क्योंकि इस मौसम में पेट और गले के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में त्वचा संबंधी समस्याएं भी बढ़ रही हैं.
बच्चों में बैक्टीरियल तो बड़ों में फंगल इंफेक्शन
उनके मुताबिक बच्चों में बैक्टीरिया से होने वाले त्वचा संक्रमण अधिक देखने को मिल रहे हैं, जबकि वयस्कों में फंगल इंफेक्शन के मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं. इसका प्रमुख कारण वातावरण में मौजूद नमी, अधिक पसीना, लंबे समय तक गीले कपड़े पहनना और त्वचा की ठीक से सफाई नहीं करना है.
गीले कपड़ों में ज्यादा देर रहने से बचें
वहीं उन्होंने लोगों को सूती और ढीले कपड़े पहनने, शरीर को साफ और सूखा रखने तथा बारिश में भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलने की सलाह दी है. साथ ही तौलिया, कपड़े या निजी इस्तेमाल की वस्तुएं एक-दूसरे के साथ साझा न करने को कहा गया है.
गले में खराश हो तो कर सकते हैं गरारे
डॉ. रजिता ने बताया कि गले में खराश या हल्की परेशानी होने पर गुनगुने पानी में थोड़ा नमक डालकर गरारे किए जा सकते हैं. उन्होंने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ लेने की सलाह दी. हालांकि किसी भी घरेलू उपाय को बीमारी का इलाज मानने के बजाय लगातार लक्षण रहने पर चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है.
अदरक तुलसी और काली मिर्च से गर्म पेय का सेवन
उन्होंने बताया कि अदरक, तुलसी और काली मिर्च जैसी चीजों से तैयार गर्म पेय का सेवन भी लोग सामान्य सर्दी-जुकाम में राहत के लिए करते हैं. वहीं रात में गुनगुना हल्दी वाला दूध भी लिया जा सकता है, लेकिन तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी, लगातार खांसी या त्वचा संक्रमण बढ़ने पर खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
सिर्फ 5 रुपये में नागरिक अस्पताल में मिलेगा परामर्श
वहीं डॉ. रजिता ने बताया कि नागरिक अस्पताल में मरीज महज 5 रुपये की पर्ची बनवाकर चिकित्सकीय परामर्श ले सकते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि मौसम बदलने के दौरान लापरवाही न बरतें और साफ पानी, संतुलित भोजन, व्यक्तिगत स्वच्छता और समय पर चिकित्सकीय सलाह ही बारिश के मौसम में संक्रमण से बचने का सबसे बेहतर तरीका है.



