Rajasthan

Agriculture News : आधुनिक खेती का वरदान… हवा में उगते पौधे, 90% कम पानी में डबल मुनाफा!

Last Updated:November 06, 2025, 16:13 IST

Agriculture News : खेती की दुनिया में एयरोपोनिक्स तकनीक ने मचा दी है क्रांति! इस तकनीक में न मिट्टी की जरूरत है, न ज्यादा पानी की. पौधों की जड़ें हवा में रहकर पोषक फुहारों से पोषण लेती हैं, जिससे उत्पादन कई गुना बढ़ जाता है. यह तकनीक किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा मुनाफे का नया जरिया बन गई है.agriculture News

सीकर : खेती में किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर परंपरागत तरीकों से अधिक मुनाफा कमा सकते हैं. ऐसी ही एक तकनीक है एयरोपोनिक्स तकनीक, यह तकनीक आधुनिक खेती में एक बड़ी क्रांति साबित हो रही है. खास बात ये है कि इस तकनीक में मिट्टी की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि पौधों की जड़ें हवा में लटकी रहती हैं और उन्हें पोषक तत्वों से भरपूर पानी की महीन फुहार समय-समय पर दी जाती है. इससे पौधों को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषण दोनों एक साथ प्राप्त होते हैं, जिससे उनकी वृद्धि तेजी से होती है और उत्पादन क्षमता बढ़ती है.

agriculture News

पारंपरिक खेती के मुकाबले एयरोपोनिक्स तकनीक का सबसे बड़ा लाभ है पानी की भारी बचत. इसमें पौधों को पानी में डुबोया नहीं जाता बल्कि फुहार के माध्यम से केवल उतना ही पानी दिया जाता है जितनी आवश्यकता होती है. यही कारण है कि इस तकनीक से 90 फीसदी तक पानी की खपत कम होती है. जल संकट झेल रहे क्षेत्रों में यह तकनीक किसानों के लिए वरदान से कम नहीं है.

agriculture News

एग्रीकल्चर एक्सपर्ट दिनेश जाखड़ ने बताया कि एयरोपोनिक्स तकनीक में मिट्टी का उपयोग नहीं होता, इसलिए फसल में मिट्टी जनित बीमारियों और कीटों का खतरा लगभग समाप्त हो जाता है. इससे पौधों की जड़ें स्वस्थ रहती हैं और कीटनाशकों की जरूरत भी बहुत कम हो जाती है. ऐसे में फसलें अधिक जैविक, सुरक्षित और पौष्टिक बनती हैं. उन्होंने बताया कि इस यह स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी एक स्वच्छ और टिकाऊ खेती का विकल्प बनती जा रही है.

agriculture News

एयरोपोनिक्स तकनीक में पौधों की जड़ों को हवा से सीधे ऑक्सीजन मिलती है, जिससे पौधों की वृद्धि पारंपरिक खेती की तुलना में 40 से 50 प्रतिशत तक तेजी से होती है. पौधों को आवश्यक पोषक तत्व नियंत्रित मात्रा में दिए जाने से उनकी गुणवत्ता बनी रहती है. इससे फसलें न केवल जल्दी तैयार होती हैं बल्कि उनका आकार, स्वाद और पौष्टिकता भी बेहतर होती है.

agriculture News

एग्रीकल्चर एक्सपर्ट के अनुसार, यह तकनीक वर्टिकल फार्मिंग के लिए बहुत परफेक्ट है क्योंकि इससे कम जगह में अधिक पौधे उगाए जा सकते हैं. शहरी क्षेत्रों में जहां भूमि की कमी रहती है, वहां छतों, बालकनियों या कंटेनर फार्म में भी एयरोपोनिक्स के जरिए यह खेती आसानी से की जा सकती है. इससे शहरों में रहने वाले लोग भी ताजा और जैविक सब्जियां अपने घरों में उगा सकते हैं, जिससे उनके घरेलू बजट में भी बचत बढ़ेगी.

agriculture News

एग्रीकल्चर एक्सपर्ट दिनेश जाखड़ ने बताया कि एयरोपोनिक्स खेती पर्यावरण संरक्षण में भी अहम भूमिका निभा रही है. क्यूंकि, इसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग बहुत कम किया जाता है, जिससे भूमि, जल और वायु प्रदूषण घटता है. साथ ही, यह तकनीक बंद वातावरण में काम करती है, जिससे पानी और पोषक तत्वों की बर्बादी नहीं होती. इससे खेती अधिक स्वच्छ, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनती है.

agriculture News

ऐसे बिना जमीन और कम पानी की तकनीक से होने वाली इस खेती को भविष्य की टिकाऊ और स्मार्ट खेती के रूप में जाना जाने लगा है. वर्तमान में भी इस तकनीक को अपनाकर किसान कम मेहनत, कम पानी और सीमित स्थान में भी बंपर पैदावार ले सकते हैं. यह तकनीक जलवायु परिवर्तन और घटते जलस्तर और धीरे धीरे खत्म हो रही कृषि भूमि की चुनौती से निपटने का एक अच्छा जरिया है. आने वाले समय में एयरोपोनिक्स तकनीक आधुनिक कृषि की रीढ़ बन सकती है.

First Published :

November 06, 2025, 16:13 IST

homerajasthan

आधुनिक खेती का वरदान! हवा में उगते पौधे, 90% कम पानी में डबल मुनाफा!

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj