डेयरी सेक्टर में महा-इन्वेस्टमेंट! 1 करोड़ की लागत से बना 500 टन का यह ‘सुपर गोदाम’, अब नहीं होगी घी की किल्लत!

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डेयरी सेक्टर में धमाका! 1 करोड़ की लागत से बना 500 टन क्षमता वाला आधुनिक गोदाम
Last Updated:April 27, 2026, 14:41 IST
Pali Hindi News:डेयरी सेक्टर में बड़ा निवेश करते हुए 1 करोड़ रुपये की लागत से 500 टन क्षमता वाला आधुनिक गोदाम तैयार किया गया है. इस अत्याधुनिक सुविधा का उद्देश्य घी और दूध पाउडर के भंडारण को बेहतर बनाना और सप्लाई चेन को मजबूत करना है. इससे डेयरी उत्पादों की गुणवत्ता सुरक्षित रहेगी और बाजार में उनकी उपलब्धता बढ़ेगी. यह कदम डेयरी उद्योग के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. नई स्टोरेज सुविधा से किसानों और डेयरी उत्पादकों को सीधा लाभ मिलेगा और उत्पादन-भंडारण व्यवस्था अधिक सशक्त होगी.
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पाली: राजस्थान के डेयरी उद्योग और पशुपालकों के लिए पाली से एक बड़ी और अच्छी खबर सामने आ रही है. पाली डेयरी अब अपनी पुरानी सीमाओं को पीछे छोड़कर आधुनिकता की ओर कदम बढ़ा चुकी है. डेयरी परिसर में सालों पुरानी समस्याओं का अंत करते हुए दो बड़े प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया गया है.पहली बड़ी उपलब्धि है डेयरी की स्टोरेज क्षमता में विस्तार. करीब 1 करोड़ 5 लाख रुपये की लागत से 500 टन क्षमता का एक विशाल गोदाम बनकर तैयार हो गया है. इस गोदाम की खासियत यह है कि इसे दो हिस्सों में बांटा गया है.
जिसके ‘एसी’ वाले हिस्से में शुद्ध घी को सुरक्षित रखा जाएगा, तो दूसरे हिस्से में दूध के पाउडर का स्टॉक किया जा सकेगा. यही नहीं, डेयरी ने अपनी 20 साल पुरानी तौल व्यवस्था को भी अलविदा कह दिया है. अब तक यहाँ महज 20 टन क्षमता का पुराना कांटा था, जिसकी जगह अब 33 लाख रुपये की लागत से 80 टन क्षमता का आधुनिक वजन कांटा (वे-ब्रिज) स्थापित किया गया है.
पूजा अर्चना के साथ किया गया लोकापर्ण पाली जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (पाली डेयरी) में को विकास कार्यों की नई कड़ी जुड़ी. डेयरी परिसर में नवनिर्मित विशाल गोदाम और आधुनिक वजन कांटे का भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया. डेयरी अध्यक्ष प्रतापसिंह बिठिया एवं संचालक मंडल के सदस्यों ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद इनका लोकार्पण किया.
1 करोड़ का बजट और 500 टन की क्षमताडेयरी अध्यक्ष प्रतापसिंह बिठिया ने बताया कि डेयरी की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए 1 करोड़ 5 हजार रुपए की लागत से 500 टन क्षमता का विशाल गोदाम तैयार किया गया है. इस गोदाम के शुरू होने से डेयरी की स्टोरेज क्षमता में भारी इजाफा हुआ है. अब डेयरी को अपने उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए जगह की कमी नहीं खलेगी.
दो हिस्सों में बंटा गोदाम: घी के लिए ‘एसी’ और पाउडर के लिए अलग सेक्शननवनिर्मित गोदाम को वैज्ञानिक पद्धति से दो विशेष हिस्सों में बांटा गया है. गोदाम के एक हिस्से में एयर कंडीशनिंग (AC) की व्यवस्था की गई है, जहां घी को उचित तापमान पर स्टोर किया जाएगा ताकि उसकी गुणवत्ता बरकरार रहे. दूसरे हिस्से में दूध के पाउडर का सुरक्षित भंडारण किया जाएगा.
20 साल पुराने कांटे की जगह अब ‘डिजिटल’ वजन कांटाउद्घाटन कार्यक्रम के दौरान डेयरी परिसर में 80 टन क्षमता के नए वजन कांटे का भी शुभारंभ किया गया. इसके निर्माण पर 33 लाख रुपए का खर्च आया है. गौरतलब है कि डेयरी में पिछले 20 सालों से पुराना 20 टन क्षमता का कांटा उपयोग में लाया जा रहा था, जिससे बड़े वाहनों के तौल में परेशानी होती थी. अब नया और अधिक क्षमता वाला कांटा लगने से समय और श्रम की बचत होगी.
About the AuthorJagriti Dubey
Hi, I am Jagriti Dubey, a media professional with 6 years of experience in social media and content creation. I started my career with an internship at Gbn 24 news channel in 2019 and have worked with many repu…और पढ़ें
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First Published :
April 27, 2026, 14:41 IST



