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अजब है बाड़मेर की यह परंपरा, राधा के भाव में कृष्ण को रिझाती हैं महिलाएं, 200 साल से चली आ रही रस्म

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200 साल से कायम है परंपरा, श्रीकृष्ण के प्रेम में राधा बनकर झूमती हैं महिलाएं

Last Updated:September 10, 2026, 11:18 IST

Barmer Veer Balaji Hanuman Temple Nandotsav: बाड़मेर के वीर बालाजी हनुमान मंदिर में नंदोत्सव के दौरान भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला. करीब 200 वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में सजकर राधा भाव से श्रीकृष्ण की आराधना की. मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और नृत्य के आयोजन ने माहौल को पूरी तरह कृष्णमय कर दिया. भजनों की धुन पर महिलाएं झूमती रहीं और भगवान कृष्ण के प्रति अपनी श्रद्धा व प्रेम प्रकट किया. सदर बाजार स्थित इस प्राचीन मंदिर में नंदोत्सव श्रद्धालुओं के लिए आस्था, परंपरा और उत्सव का खास अवसर बन गया.

बाड़मेर. कहीं राधा का भाव, कहीं कान्हा की भक्ति और कहीं भजनों पर झूमती महिलाएं… बाड़मेर के सदर बाजार स्थित वीर बालाजी हनुमान मंदिर में नंदोत्सव का नजारा भक्तिमय और उल्लास से भरा रहा. करीब 200 साल पुरानी परंपरा के तहत आयोजित इस उत्सव में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सजकर राधा भाव से श्रीकृष्ण की भक्ति की. भजन-कीर्तन और नृत्य से मंदिर परिसर कृष्णमय हो गया और हर ओर भक्ति एवं उल्लास की छटा देखने को मिली.

पश्चिमी सरहद पर बसे बाड़मेर शहर के इस प्राचीन मंदिर में नंदोत्सव की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. उत्सव के दौरान महिलाओं ने राधा भाव में श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम और समर्पण व्यक्त किया. भजनों की धुन पर महिलाएं झूमती नजर आईं. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और धार्मिक आयोजनों ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया. पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया यह उत्सव श्रद्धालुओं के लिए आस्था और आनंद का विशेष अवसर बना.

दो शताब्दियों से निभाई जा रही परंपरा

वीर बालाजी हनुमान मंदिर में नंदोत्सव की यह परंपरा स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है. लगभग दो सौ वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में पीढ़ी-दर-पीढ़ी श्रद्धालु भाग लेते आ रहे हैं. समय के साथ आयोजन का स्वरूप भले बदल गया है लेकिन इसके श्रद्धा और भक्ति की भावना आज भी कायम है. नंदोत्सव के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप और उनके जन्मोत्सव से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते है.

भजन-कीर्तन से कृष्णमय हुआ वातावरण, झूमती है महिलाएं

बालाजी मंदिर में लगातार भजन-कीर्तन का दौर चलता रहता है. पारंपरिक भक्ति गीतों के बीच महिलाएं समूह में नृत्य करती है. मंदिर परिसर में मौजूद हर व्यक्ति उत्सव के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंग में रंग जाता है. महिलाओं की पारंपरिक वेशभूषा, भजनों की स्वर लहरियां और सामूहिक नृत्य हर किसी का मनमोह लेता है. वीर बालाजी हनुमान मंदिर कमेटी की संगीता राठी के मुताबिक महिलाएं स्वयं को राधा के भाव से जोड़ते हुए श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम, विरह और समर्पण को भजनों और नृत्य के जरिए व्यक्त करती हैं. भक्ति गीतों के जरिए श्रद्धालुओं में उत्साह देखते ही बनता है.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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Barmer,Rajasthan

First Published :

September 10, 2026, 11:17 IST

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