असली सोने से सजेगी ऐतिहासिक सोनी जी की नसियां, 30 कारीगरों ने 4 साल में तैयार किया भव्य रूप

Last Updated:September 30, 2026, 12:56 IST
Ajmer Soniji Ki Nasiyan: अजमेर की प्रसिद्ध सोनी जी की नसियां को नया और भव्य स्वरूप देने का काम किया गया है. इसके लिए करीब चार साल तक 30 कारीगरों ने मेहनत की. परिसर में असली सोने की नक्काशी और बारीक कारीगरी को खास रूप दिया गया है. नया स्वरूप तैयार होने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षक कला और पारंपरिक कारीगरी देखने का अवसर मिलेगा.
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अजमेर. अजमेर की ऐतिहासिक सोनी जी की नसियां में अब भव्यता का नया रूप देखने को मिलेगा। लंबे समय से बंद फर्स्ट फ्लोर को विजिटर्स के लिए नए सिरे से तैयार कर खोला गया है. इस पूरे हिस्से को पारंपरिक वास्तुकला और बारीक कारीगरी को ध्यान में रखते हुए संवारा गया है. करीब चार साल तक चले इस काम में लगभग 30 कारीगरों ने मिलकर काम पूरा किया है. खास बात यह है कि यहां सजावट में सोने का इस्तेमाल किया गया है. जिससे पूरा परिसर ज्यादा आकर्षक और भव्य नजर आ रहा है.
सोनी जी की नसियां की देख रेख से जुड़े सदस्य भूपेंद्र ने बताया कि सेठ साहब की पहल के बाद फर्स्ट फ्लोर को विजिटर्स के लिए खोला गया है. यहां पर सबसे ज्यादा आकर्षण यहां कराया गया गोल्ड वर्क है. दीवारों और लॉबी में बारीक नक्काशी के साथ असली सोने का काम कराया गया है. इस काम के लिए अनुभवी और प्रतिष्ठित कारीगरों की मदद ली गई. पुराने डिजाइन और अंदर मौजूद पारंपरिक नक्काशी को ध्यान में रखते हुए पूरे हिस्से को री-टच किया गया, ताकि ऐतिहासिक स्वरूप के साथ नए काम का बेहतर तालमेल दिखाई दे. गोल्ड वर्क को नुकसान से बचाने और लंबे समय तक उसकी चमक बरकरार रखने के लिए उस पर प्लास्टिक कोटिंग भी की गई है.
मार्बल हटाकर लगाया नया ग्रेनाइट, लाइटिंग भी बदलीभूपेंद्र ने आगे बताया कि नवीनीकरण के दौरान परिसर के अंदर कई अन्य बदलाव भी किए गए हैं. पहले जहां मार्बल लगा हुआ था, वहां से पुराने मार्बल को हटाकर नया ग्रेनाइट लगाया गया है. तीन से चार फ्लोर तक अलग-अलग हिस्सों में ग्रेनाइट का काम कराया गया है. इसके साथ ही ऊपर की लाइटिंग व्यवस्था को भी पूरी तरह नया रूप दिया गया है. नई लाइट्स की रोशनी में दीवारों पर किया गया गोल्ड वर्क और बारीक नक्काशी और ज्यादा उभरकर सामने आती है.
चार साल में तैयार हुआ ऐतिहासिक धरोहर का नया रूपकरीब चार साल तक चले इस काम के दौरान कारीगरों ने एक-एक हिस्से को बारीकी से तैयार किया. करीब 30 लोगों की मेहनत के बाद नसियां का यह हिस्सा नए स्वरूप में तैयार हुआ है. फर्स्ट फ्लोर को पहले विजिटर्स के लिए खोला नहीं गया था, लेकिन अब इसे खोले जाने के बाद यहां की अंदरूनी भव्यता को देखा जा सकेगा. असली सोने की नक्काशी, पारंपरिक कारीगरी, नई लाइटिंग और ग्रेनाइट के काम से परिसर को नया स्वरूप मिला है.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Ajmer,Rajasthan
First Published :
September 30, 2026, 12:56 IST



