उज्बेकिस्तान से मिलेगा यूरेनियम, चलेगा भारत का UPI; पीएम मोदी की यात्रा में हुए 11 ऐतिहासिक समझौते, 5 बड़े ऐलान

Last Updated:August 30, 2026, 17:49 IST
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है और दोनों देश यूरेनियम की दीर्घकालिक आपूर्ति के लिए एक व्यवस्था बनाने की प्रक्रिया में हैं. भारत असैन्य उद्देश्यों के लिए परमाणु ऊर्जा के उत्पादन के लिए उज्बेकिस्तान से यूरेनियम खरीदने पर विचार कर रहा है.भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी शुरू हुई है.
नई दिल्ली. भारत और उज़्बेकिस्तान ने रविवार को अपने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देते हुए ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुंचाने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के बीच हुई वार्ता के बाद दोनों देशों ने 11 समझौतों और MoU पर हस्ताक्षर किए, जबकि पांच प्रमुख घोषणाएं भी की गईं. दोनों देशों के बीच 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. साथ ही, ऊर्जा और रणनीतिक खनिजों के क्षेत्र में दीर्घकालिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण फैसले हुए हैं.
भारत और उज़्बेकिस्तान ने यूरेनियम की आपूर्ति के लिए दीर्घकालिक व्यवस्था स्थापित करने पर सहमति जताई है. इसके अलावा महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों और भूविज्ञान के क्षेत्र में सहयोग के लिए भी समझौता हुआ है. इसे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक खनिजों की जरूरतों के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
भारत की डिजिटल भुगतान व्यवस्था UPI को उज़्बेकिस्तान के UZQR सिस्टम से जोड़ने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है. इसके तहत भारतीय UPI ऐप से उज़्बेकिस्तान में व्यापारियों के UZQR को स्कैन कर भुगतान किया जा सकेगा. इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल कनेक्टिविटी और कारोबारी लेनदेन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.
किन-किन क्षेत्रों में हुए समझौतेदोनों देशों के बीच हुए समझौतों में 2026-30 के लिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, पर्यटन सहयोग, आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन, उच्च शिक्षा एवं वैज्ञानिक अनुसंधान तथा आर्थिक-वित्तीय संवाद जैसे क्षेत्र शामिल हैं. इसके अलावा भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार और उज़आर्काइव के बीच सहयोग, राजनयिक प्रशिक्षण के लिए सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट और उज़्बेक डिप्लोमैटिक एकेडमी के बीच सहयोग भी तय हुआ है.
बौद्ध विरासत के संरक्षण पर समझौताउज़्बेकिस्तान के तेरमेज स्थित फयाज तेपा और कारा तेपा बौद्ध स्थलों के संरक्षण एवं पुनर्स्थापना के लिए Letter of Intent पर सहमति बनी है. यह समझौता भारत और मध्य एशिया के बीच ऐतिहासिक एवं सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.
अराल सागर और हिंदी को लेकर भी घोषणाएंभारत अराल सागर क्षेत्र में वनीकरण के लिए 10 लाख डॉलर की सहायता देगा. वहीं, हिंदी के अध्ययन को बढ़ावा देने के लिए 100 लाल बहादुर शास्त्री स्कॉलरशिप की घोषणा की गई है. ताशकंद स्टेट यूनिवर्सिटी में ICCR संस्कृत चेयर स्थापित करने का भी फैसला हुआ है.
भारत के गुजरात और उज़्बेकिस्तान के समरकंद क्षेत्र के बीच पार्टनरशिप संबंध स्थापित करने के समझौते पर भी हस्ताक्षर हुए. इससे दोनों क्षेत्रों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने का रास्ता खुलेगा. कुल मिलाकर, रणनीतिक साझेदारी का अपग्रेड, यूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स में सहयोग तथा UPI–UZQR कनेक्टिविटी भारत-उज़्बेकिस्तान संबंधों के तीन सबसे महत्वपूर्ण आयाम बनकर उभरे हैं.
About the AuthorRakesh Ranjan Kumar
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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New Delhi,Delhi
First Published :
August 30, 2026, 17:48 IST



