उदयपुर डबल मर्डर खुलासे में पड़ोसी ही निकला मास्टरमाइंड; डेढ़ साल से बना रहा था लूट की साजिश

Last Updated:August 27, 2026, 20:02 IST
Udaipur News : उदयपुर में वृद्ध दंपती की हत्या का खुलासा, पड़ोसी कुशल पालीवाल ने कर्ज के चलते रची थी साजिश. पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया. पुलिस के अनुसार इस योजना पर करीब डेढ़ साल पहले से काम चल रहा था. वारदात के लिए आरोपियों ने 11 अगस्त की रात का समय चुना. पुलिस के मुताबिक किशन और जीवन जन्मपत्री दिखाने के बहाने लहरीलाल और राधाबाई के घर पहुंचे. बातचीत के दौरान उन्होंने घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया.
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वृद्ध दंपती हत्याकांड: पड़ोसी ने रची थी साजिश.
उदयपुर. सायरा थाना क्षेत्र के पुनावली गांव में वृद्ध दंपती लहरीलाल पालीवाल और उनकी पत्नी राधाबाई की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक इस दोहरे हत्याकांड की साजिश दंपती के पड़ोसी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल ने रची थी. पैसों की जरूरत और कर्ज के चलते करीब डेढ़ साल पहले उसने बुजुर्ग दंपती को लूटने की योजना बनाई थी, जो बाद में हत्या की वारदात में बदल गई. पुलिस ने मामले में कुशल समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
एसपी डॉ. अमृता दुहन के मुताबिक लहरीलाल और राधाबाई 12 अगस्त से अपने घर से लापता थे. परिवार और आसपास के लोगों को उनकी कोई जानकारी नहीं मिली. 14 अगस्त को उनके मकान से दुर्गंध आने लगी तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली. तलाशी के दौरान घर के अंदर रखे लोहे के बक्से से दोनों के शव बरामद हुए. शवों को प्लास्टिक की थैलियों और टेप से पैक किया गया था. आरोपियों ने बक्से के ऊपर बिस्तर रखकर शवों को छिपाने की कोशिश की थी.
पड़ोसी को पता था घर में अकेले रहते हैं बुजुर्ग दंपतीपुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कुशल उर्फ खुशी पालीवाल को अच्छी तरह पता था कि लहरीलाल और राधाबाई घर में अकेले रहते हैं. उसे यह भी जानकारी थी कि लहरीलाल लोगों को रुपये उधार दिया करते थे. इसी वजह से उसके मन में बुजुर्ग दंपती के घर लूट करने का विचार आया. पुलिस के अनुसार इस योजना पर करीब डेढ़ साल पहले से काम चल रहा था. वारदात के लिए आरोपियों ने 11 अगस्त की रात का समय चुना. पुलिस के मुताबिक किशन और जीवन जन्मपत्री दिखाने के बहाने लहरीलाल और राधाबाई के घर पहुंचे. बातचीत के दौरान उन्होंने घर का मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया. इसी मौके का फायदा उठाकर कुशल घर के अंदर पहुंच गया और बाथरूम में जाकर छिप गया.
रात में सो गए दंपती तो साथियों को बुलायापुलिस के अनुसार रात में जब लहरीलाल और राधाबाई सो गए तो कुशल ने अपने साथियों चंदन, दिलीप और विकास को भी घर के अंदर बुला लिया. इसके बाद आरोपी पूरी रात घर में रहे और वारदात को अंजाम दिया. जांच के मुताबिक कुशल ने सो रहे लहरीलाल के सिर पर हथौड़ी से वार किया, जिससे उनकी मौत हो गई. इसके बाद आरोपियों ने राधाबाई के जागने का इंतजार किया. अलसुबह जब राधाबाई उठीं तो चंदन ने उनका मुंह दबा दिया और कुशल ने उनका गला घोंट दिया. दोनों की हत्या के बाद आरोपियों ने घर से नकदी और जेवरात लूट लिए.
शवों को बक्से में छिपाकर घर से निकल गए आरोपीदोनों की हत्या के बाद आरोपियों ने शवों को प्लास्टिक की थैलियों में पैक किया और टेप से बांध दिया. इसके बाद दोनों शवों को लोहे के बक्से में रखकर ऊपर बिस्तर डाल दिया गया, ताकि किसी को शक न हो. पुलिस के मुताबिक वारदात के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने की भी योजना बनाई थी. आरोपियों ने रोजाना इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन गाड़ी में रखकर अलग-अलग जगहों पर घुमाए, जबकि वारदात के लिए अलग मोबाइल का इस्तेमाल किया गया. इतना ही नहीं, मृतक दंपती के मोबाइल फोन भी हाईवे पर फेंक दिए गए और उन्हें चालू रखा गया. मकसद यह था कि पुलिस को दंपती और आरोपियों की गलत लोकेशन मिलती रहे और जांच भटक जाए.
ब्लू रंग की ग्रैंड विटारा बनी अहम कड़ीपुलिस की तकनीकी जांच में एक ब्लू रंग की ग्रैंड विटारा कार अहम कड़ी बनी. कार की संदिग्ध आवाजाही, मोबाइल लोकेशन और अलग-अलग जगहों से मिले सीसीटीवी फुटेज को जोड़ते हुए पुलिस धीरे-धीरे आरोपियों तक पहुंची. जांच आगे बढ़ने के बाद पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कुशल उर्फ खुशी पालीवाल, चंदन यादव, दिलीप चौधरी, किशन पालीवाल और जीवन पालीवाल को गिरफ्तार किया है. वारदात में इस्तेमाल किया गया वाहन भी बरामद कर लिया गया है. अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और लूटे गए जेवरात तथा नकदी की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं.
करीब डेढ़ साल से बनाई जा रही थी लूट की योजनाइस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि पुलिस के अनुसार दंपती को लूटने की योजना अचानक नहीं बनी थी. कुशल करीब डेढ़ साल पहले से इस बारे में सोच रहा था. उसे बुजुर्ग दंपती के अकेले रहने और लहरीलाल के लोगों को रुपये उधार देने की जानकारी थी. इसी जानकारी के आधार पर उसने साथियों के साथ मिलकर वारदात की योजना तैयार की. फिलहाल पांचों आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वारदात में लूटे गए जेवरात और नकदी कहां रखी गई और इस साजिश में आरोपियों के अलावा कोई और व्यक्ति शामिल था या नहीं. तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने जिस तरह मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी के सहारे आरोपियों तक पहुंच बनाई, उससे मामले की कई कड़ियां सामने आई हैं.
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आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Udaipur,Rajasthan
First Published :
August 27, 2026, 20:01 IST



