उदयपुर में जल्द शुरू होगा किडनी ट्रांसप्लांट, संभाग के 2 हजार मरीजों को मिलेंगी ये सुविधाएं

Last Updated:October 28, 2026, 15:39 IST
Udaipur Health Department : उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज में जल्द किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होने की उम्मीद है. एसएसबी में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और अगले दो महीने में अनुमति के लिए फाइल भेजी जाएगी. इस बार कॉलेज प्रशासन ने सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने पर ध्यान दिया है. सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर ट्विन ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू तैयार किए गए हैं.
उदयपुर. उदयपुर संभाग के किडनी मरीजों के लिए राहत की उम्मीद जगी है. रवींद्रनाथ टैगोर (आरएनटी) मेडिकल कॉलेज में जल्द ही किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू हो सकती है. इसके लिए सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक (एसएसबी) में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. अब सिर्फ संबंधित अधिकारियों से अनुमति मिलने का इंतजार है.
कॉलेज प्रशासन अगले दो महीने में अनुमति के लिए फाइल जयपुर भेजने की तैयारी कर रहा है. इसके बाद जांच टीम अस्पताल में व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगी. मंजूरी मिलने पर संभाग के मरीजों को किडनी ट्रांसप्लांट के लिए दूसरे शहरों में जाने की परेशानी से राहत मिल सकेगी.
2024 में पूरा नहीं हो पाया था कामदरअसल, साल 2024 में भी आरएनटी मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू करने की योजना बनाई गई थी, लेकिन कुछ तैयारियां अधूरी रहने के कारण अनुमति नहीं मिल पाई थी. इस बार कॉलेज प्रशासन ने सभी जरूरी व्यवस्थाएं पूरी करने पर ध्यान दिया है. सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक की पांचवीं मंजिल पर ट्विन ऑपरेशन थिएटर और आईसीयू तैयार किए गए हैं. यहां एक करोड़ रुपये से अधिक की लागत के आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं. इनमें केवल ऑपरेशन थिएटर पर ही करीब 40 लाख रुपये खर्च किए गए हैं.
विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की होगी तैनातीकिडनी ट्रांसप्लांट जैसी जटिल सर्जरी के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम जरूरी होती है. इसके लिए यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुनील गोखरू और डॉ. संदीप पुरोहित के साथ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. पंकज बेनीवाल, डॉ. हर्षा माखिजा और डॉ. जयदीप डामोर की टीम तैयार की जा रही है. इसके अलावा, दो असिस्टेंट सर्जन, दो फिजिशियन और 25 अनुभवी नर्सिंग स्टाफ की तैनाती भी प्रस्तावित है. जरूरत के अनुसार डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुनील गोखरू के मुताबिक, अस्पताल की ओर से जरूरी चिकित्सकीय और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. अब अनुमति के लिए फाइल भेजी जाएगी. जांच टीम के निरीक्षण और मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी.
निजी अस्पतालों में लाखों रुपये का खर्चकिडनी ट्रांसप्लांट का खर्च कई परिवारों के लिए बड़ी चुनौती होता है. निजी अस्पतालों में इसके लिए करीब 5 से 18 लाख रुपये तक खर्च हो सकते हैं. ट्रांसप्लांट से पहले की जांचों पर ही 50 हजार से एक लाख रुपये तक लग जाते हैं. इसके बाद मरीज को जिंदगीभर दवाएं लेनी पड़ती हैं. शुरुआती महीनों में दवाओं का खर्च 15 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह और बाद में करीब 8 से 12 हजार रुपये प्रतिमाह हो सकता है. ऐसे में सरकारी अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है.
संभाग के 100 से ज्यादा मरीज अंगदाता के इंतजार मेंउपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उदयपुर संभाग में क्रोनिक किडनी डिजीज के अंतिम चरण के करीब 1,500 से 2,000 मरीज नियमित डायलिसिस या इलाज पर निर्भर हैं. वहीं, अंगदान से किडनी मिलने का इंतजार कर रहे मरीजों में उदयपुर संभाग के करीब 80 से 120 मरीज शामिल हैं. सरकारी स्तर पर ट्रांसप्लांट की सुविधा नहीं होने से मरीजों को जयपुर, अहमदाबाद या निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है. आरएनटी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राहुल जैन का कहना है कि प्रशासनिक और चिकित्सकीय तैयारियां पूरी हैं. अनुमति मिलते ही सेवाएं शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा. उन्होंने लोगों से अंगदान के प्रति जागरूक होने और आगे आने की अपील भी की, ताकि जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सके.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Udaipur,Rajasthan
First Published :
October 28, 2026, 15:39 IST



