Rajasthan

कभी नारद मुनि तो कभी सुग्रीव, अब राजा दशरथ के किरदार से पहचान बना चुके हैं झामन शर्मा, छू लिया सबका दिल

Last Updated:October 15, 2026, 12:45 IST

Barmer Ramleela News: मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जीवनगाथा जब रामलीला के मंच पर साकार होती है, तो कलाकारों का अभिनय दर्शकों को त्रेतायुग की अनुभूति करा देता है. बाड़मेर की ऐतिहासिक रामलीला में राजा दशरथ का किरदार निभाने वाले झामन शर्मा भी ऐसे ही कलाकार हैं. जिनका अभिनय दर्शकों के हृदय को छू जाता है.

ख़बरें फटाफट

Amazon Prime DayTop Deals Inside

बाड़मेर. बाड़मेर की ऐतिहासिक रामलीला में जब झामन शर्मा राजा दशरथ के रूप में पुत्र श्रीराम के वियोग की पीड़ा को मंच पर साकार करते हैं तो दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं. यूनाइटेड इंश्योरेंस इंडिया कंपनी से सेवानिवृत्त झामन शर्मा पिछले 36 वर्षों से इस किरदार को जीवंत कर रहे हैं. उनके लिए रामलीला महज अभिनय नहीं बल्कि प्रभु श्रीराम के प्रति आस्था, भक्ति और समर्पण की साधना है.

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जीवनगाथा जब रामलीला के मंच पर साकार होती है तो कलाकारों का अभिनय दर्शकों को त्रेतायुग की अनुभूति करा देता है. बाड़मेर की ऐतिहासिक रामलीला में राजा दशरथ का किरदार निभाने वाले झामन शर्मा भी ऐसे ही कलाकार हैं जिनका अभिनय दर्शकों के हृदय को छू जाता है. यूनाइटेड इंश्योरेंस इंडिया कंपनी से सेवानिवृत्त झामन शर्मा पिछले 36 वर्षों से लगातार राजा दशरथ के किरदार को जीवंत कर रहे हैं.

1978 में पहली बार बाड़मेर में शुरू हुई रामलीला, 1979 में जुड़े रामलीला सेवर्ष 1978 में मथुरा से आई प्रसिद्ध रामलीला मंडली के मंचन से प्रेरित होकर झामन शर्मा के मन में रामलीला से जुड़ने की इच्छा जगी और वर्ष 1979 में बाड़मेर में स्थानीय स्तर पर रामलीला मंचन की शुरुआत हुई तब से रामकथा और रंगमंच से जुड़े हुए है.1979 में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष लेहरचंद जैन थे और अब वर्तमान में प्रदीप कुमार जोशी के हाथों में इसकी बागडोर है. दशरथ के अलावा वे देवर्षि नारद, देवराज इंद्र, वानरराज सुग्रीव, भक्त केवट और लक्ष्मण का किरदार भी निभा चुके हैं.

नारद मुनि से सुग्रीव तक, कई किरदारों में दिखाई अभिनय प्रतिभापिछले 36 वर्षों से महाराजा दशरथ के रूप में विशेष पहचान बना चुके झामन शर्मा का अभिनय सफर केवल एक किरदार तक सीमित नहीं रहा है. उन्होंने रामलीला के मंच पर अलग-अलग भूमिकाओं में आकर अपनी अभिनय क्षमता का परिचय दिया है. झामन शर्मा पहले देवर्षि नारद, देवराज इंद्र, वानरराज सुग्रीव, भक्त केवट और अनुज लक्ष्मण के किरदारों को उन्होंने मंच पर साकार किया है.

बाड़मेर की जनता का प्यार राजा दशरथ का किरदार निभा रहे झामन शर्मा बताते है कि मंच पर किसी भी किरदार को जीवंत करने के लिए बड़े साधनों या भौतिक चकाचौंध की जरूरत नहीं होती है. असली ताकत कलाकार की भावना, संवेदना और समर्पण में होती है. जब अंतरात्मा से भक्ति और कला का मिलन होता है तो अभिनय सीधे दर्शकों के हृदय तक पहुंचता है. वे बताते है कि 36 साल से वे राजा दशरथ बन रहे है इसके पीछे बाड़मेर की जनता का प्यार है जो उन्हें हर समय प्रेरित करता है.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

और पढ़ेंLocation :

Barmer,Rajasthan

First Published :

October 15, 2026, 12:45 IST

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj