कोटा अस्पताल में फिर प्रसूता की मौत, सिजेरियन के बाद किडनी हुई खराब, 5 महीने पहले गई थीं 5 जानें

कोटा. राजस्थान के कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी खराब होने से एक और प्रसूता की मौत हो गई है. 40 वर्षीय रेशमा ने शुक्रवार रात इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. 14 अक्टूबर को अस्पताल में रेशमा और 30 वर्षीय अनिता का सिजेरियन ऑपरेशन हुआ था. आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ ही घंटों बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी और उनकी किडनी के काम करने में गंभीर परेशानी सामने आई. रेशमा की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए थे, लेकिन सुधार नहीं होने पर शुक्रवार शाम उसे वापस न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया.
यहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. वहीं, दूसरी प्रसूता अनिता की हालत भी गंभीर बनी हुई है. उसे अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के आईसीयू में भर्ती किया गया है. इस मामले ने एक बार फिर अस्पताल में प्रसूताओं के इलाज और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. चिंता की बात यह है कि करीब पांच महीने पहले भी इसी अस्पताल में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 12 प्रसूताओं की किडनी खराब होने का मामला सामने आया था. इनमें पांच महिलाओं की मौत हो गई थी. उस मामले की जांच के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट अब तक लंबित बताई जा रही है.
सिजेरियन के बाद बिगड़ी थी दोनों प्रसूताओं की तबीयत
14 अक्टूबर को न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के गायनी विभाग में 40 वर्षीय रेशमा और 30 वर्षीय अनिता का सिजेरियन ऑपरेशन किया गया था. ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद ही दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी. उनकी यूरिन आउटपुट में गिरावट आई और किडनी के काम करने में परेशानी सामने आई. रेशमा की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर गए. वहां भी उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ. इसके बाद शुक्रवार शाम परिजन उसे वापस न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की एसएसबी विंग लेकर पहुंचे. यहां इलाज के दौरान रेशमा की मौत हो गई. परिवार ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाए जाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ी थी.
अस्पताल की रिपोर्ट में थ्रोम्बोएम्बोलिक अटैक की आशंका
अस्पताल अधीक्षक डॉ. आशुतोष शर्मा की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, रेशमा को इमरजेंसी सिजेरियन के तुरंत बाद सांस लेने में परेशानी हुई थी. उसका ब्लड प्रेशर भी गिर गया था. रिपोर्ट में इन लक्षणों को थ्रोम्बोएम्बोलिक अटैक की आशंका से जोड़ा गया है. हालांकि, रेशमा की मौत के कारणों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा. दूसरी प्रसूता अनिता की हालत भी गंभीर बनी हुई है. अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, उसके प्लेटलेट्स घटकर 21 हजार रह गए हैं. डॉक्टरों ने उसकी स्थिति को HELLP सिंड्रोम और थ्रोम्बोटिक माइक्रोएंजियोपैथी से जुड़ा बताया है. अनिता को नेफ्रोलॉजी विभाग के आईसीयू में शिफ्ट किया गया है, जहां उसका उपचार जारी है.
पांच महीने पहले पांच प्रसूताओं की हुई थी मौत
न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इससे पहले 5 मई 2026 को सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 12 प्रसूताओं की किडनी खराब होने का मामला सामने आया था. इनमें पायल, ज्योति, पिंकी, प्रिया और शिरीन की मौत हो गई थी. उस समय भी अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया और प्रसूताओं की हालत बिगड़ने के कारणों को लेकर सवाल उठे थे. मामले की जांच के लिए नमूने कोलकाता की लैब भेजे गए थे. बताया जा रहा है कि पांच महीने बीतने के बाद भी उनकी रिपोर्ट का इंतजार है.
बहाल हो चुके हैं पुराने मामले में निलंबित डॉक्टर
पिछले मामले में तीन डॉक्टरों को निलंबित किया गया था. बाद में जांच कमेटियों से क्लीनचिट मिलने के बाद उन्हें हाल ही में बहाल कर दिया गया. अब रेशमा की मौत और अनिता की गंभीर हालत ने पुराने मामले की जांच और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. सबसे बड़ा सवाल यही है कि पहले हुई मौतों के बाद भी ऐसी स्थिति दोबारा क्यों सामने आई. रेशमा की मौत के कारणों और दोनों प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के पीछे की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है, ताकि जिम्मेदारी तय की जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाया जा सके.



