150 रुपये किलो बिक रहा चित्तौड़गढ का सीताफल, 13 किमी में फैले प्राकृतिक बगीचे, मिठास ऐसी कि देश-विदेश तक बढ़ी भारी मांग

Last Updated:October 17, 2026, 09:34 IST
Chittorgarh Famous Sitafal: चित्तौड़गढ़ दुर्ग का प्रसिद्ध सीताफल अपनी अद्वितीय मिठास के कारण देश-विदेश में काफी लोकप्रिय है. 13 किमी की परिधि में फैले इस दुर्ग पर सैकड़ों सालों से बिना किसी बुवाई के प्राकृतिक रूप से सीताफल के पेड़ उगते आ रहे हैं. इन दिनों बाजार में यह फल 100 से 150 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. पर्यटकों की आवक से इसकी बिक्री में भारी बढ़ोतरी हुई है. व्यापारी अशोक राजोरा के अनुसार, कम बारिश से पैदावार घटी है, लेकिन महंगे दामों से व्यापारियों को अच्छी आय हो रही है.
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चित्तौड़गढ़ दुर्ग के सीताफल का जादू: 13 किमी में फैले प्राकृतिक बगीचे, मिठास ऐसी कि देश-विदेश तक बढ़ी भारी मांग
चित्तौड़गढ़: विश्व विख्यात राजस्थान का ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग अपनी वीरता, त्याग और वास्तुकला के लिए तो जाना ही जाता है, लेकिन यह दुर्ग एक विशेष फल की पैदावार और उसकी अनोखी मिठास के लिए भी पूरे देश में प्रसिद्ध है. चित्तौड़ दुर्ग के सीताफल (Custard Apple) ने न केवल राजस्थान में, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों तक अपनी एक विशिष्ट पहचान बनाई हुई है. इस दुर्ग के सीताफल की स्वाद और अद्वितीय मिठास अन्य स्थानों पर मिलने वाले सीताफल की तुलना में कहीं अधिक बेहतर मानी जाती है, जिसके कारण बाजार में इसकी मांग हमेशा जबरदस्त बनी रहती है.
लगभग 13 किलोमीटर की विशाल परिधि में फैले इस ऐतिहासिक दुर्ग के कई इलाकों में सैकड़ों वर्षों से सीताफल की पैदावार स्वतः ही होती आ रही है. इस फल से जुड़ा एक सबसे रोचक तथ्य यह है कि दुर्ग परिसर में लगे सीताफल के पेड़ों की बुवाई किसी मनुष्य ने नहीं की है. यह पेड़ सदियों से प्राकृतिक रूप से ही यहां उगते आ रहे हैं और समय के साथ इनकी संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है. आज भी इस दुर्ग पर सीताफल की प्राकृतिक खेती और उसकी पैदावार पूरी तरह बरकरार है.
100 से 150 रुपये किलो तक बिक रहा फल, पर्यटकों में भारी क्रेजइन दिनों चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर सीताफल का सीजन पूरे शबाब पर है और यह फल बाजार में 100 रुपये से लेकर 150 रुपये प्रति किलो तक की कीमत पर बिक रहा है. खास बात यह है कि सीताफल के सीजन के दौरान दुर्ग पर पर्यटन का सीजन भी चरम पर रहता है, जिससे यहां देसी और विदेशी पर्यटकों की खासी चहल-पहल देखने को मिलती है. देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के बीच चित्तौड़ के इस मीठे सीताफल के कद्रदानों और खरीदारों की कोई कमी नहीं है, जिससे स्थानीय फल विक्रेताओं और व्यापारियों की बिक्री में भारी इजाफा हुआ है.
कम बारिश से पैदावार घटी, महंगे ठेके से व्यापारियों को अच्छे मुनाफे की उम्मीदस्थानीय फल व्यापारी अशोक राजोरा ने बताया कि इस वर्ष क्षेत्र में कम वर्षा होने के कारण सीताफल की कुल पैदावार में थोड़ी कमी आई है, लेकिन पैदावार कम होने के बावजूद बाजार में इसके दाम काफी अच्छे मिल रहे हैं. इस बार बगीचों का ठेका भी महंगा छूटा है, जिसके चलते सीताफल के ठेकेदार और फुटकर विक्रेता इन दिनों अपनी अपेक्षानुरूप अच्छी आय अर्जित करने में लगे हुए हैं. चित्तौड़गढ़ दुर्ग का यह स्वादिष्ट सीताफल केवल एक साधारण फल नहीं है, बल्कि इस ऐतिहासिक धरोहर का एक मीठा प्रतीक बन चुका है, जिसकी महक और मिठास हर साल दूर-दूर से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Chittaurgarh,Chittaurgarh,Rajasthan
First Published :
October 17, 2026, 09:34 IST



