गर्दन के पीछे पड़ गया है काला निशान, इस खतरनाक बीमारी के हैं संकेत, तुरंत डॉक्टर के पास जाएं

Last Updated:August 26, 2026, 16:02 IST
Dark patches in neck: गर्दन के पीछे अगर काली, मोटी, मुलायमदार परत बन जाए तो इसे हल्के में न लें. यह कुछ गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं. आमतौर पर लोगों को लगता है कि गर्दन के पीछे धब्बेदार पट्टी के कोई नुकसान नहीं है लेकिन इसके खतरनाक मतलब होते है. इसलिए जब भी गर्दन के पीछे ये पट्टी बन जाए तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए. गर्दन के पीछे काली पट्टी की परत क्यों बनती है, इसके लिए हमने सी के बिड़ला अस्पताल, गुरुग्राम में डायबेट्स, ओब्सिटी एंड मेटाबोलिक क्लीनिक के डायरेक्टर डॉ. पारस अग्रवाल से बात की है.गर्दन के पीछे काले निशान का क्या मतलब.
शरीर में कितने ही तरह के निशान दिखते हैं लेकिन इन पर कौन ध्यान देता है. कहीं तिल होता है, कहीं मस्से निकल आते हैं तो कहीं दाने. आमतौर पर इन मामूली निशानों से कोई बड़ा नुकसान नहीं होता है लेकिन यदि इस तिल, मस्से या चकत्ते में किसी तरह का बदलाव होता है तो यह कैंसर के भी संकेत हो सकते हैं. इसी तरह गर्दन के पीछे अगर काले निशान पड़ जाए तो यह भी किसी बीमारी के संकेत हो सकते हैं. हालांकि इससे उतना घबराने की जरूरत नहीं क्योंकि यह निशान कैंसर के नहीं होते है. पर यह भी एक खतरनाक बीमारी के कारण हो सकते हैं और इसका नाम है डायबिटीज. डायबिटीज की पहचान शुरुआती दौर में बहुत मुश्किल है. बहुत बाद में पता चलता है कि किसी को डायबिटीज है. ऐसे में हमने सी के बिड़ला अस्पताल गुरुग्राम में डायबेट्स, ओब्सिटी एंड मेटाबोलिक क्लीनिक के डायरेक्टर डॉ. पारस अग्रवाल से पूछा कि गर्दन के पीछे काली पट्टी डायबिटीज के लिए कितना बड़ा संकेत है.
गर्दन के पीछे काली परत क्यों बनती है
डॉ. पारस अग्रवाल ने बताया कि गर्दन के पीछे जो काली और मोटी परत बन जाती है उसे मेडिकल भाषा में एकांथोसिस निग्रिकेंस कहते हैं. यह गर्दन ही नहीं, बगल, जांघ के जोड़ों और उंगलियों के जोड़ों में भी हो सकता है. यहां की त्वचा थोड़ी मोटी हो जाती है और रंग में भूरी या मटमैली हो जाती है. इसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन इंसुलिन रेजिस्टेंस इसका मजबूत कारण है. इंसुलिन रेजिस्टेंस का मतलब हुआ कि शरीर में इंसुलिन तो बहुत बन रहा है लेकिन वह सही से काम नहीं कर पा रहा है. इसलिए इंसुलिन से जो कार्बोहाइड्रैट का एब्जॉप्शन होता है. इसका सीधा मतलब हुआ कि आपको डायबिटीज हो गया है या भविष्य में हो सकता है. जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति रेजिस्टेंस हो जाती है तो पैनक्रियाज ब्लड शुगर को पचाने के लिए और अधिक इंसुलिन का निर्माण करने लगता है. यह इंसुलिन खून में पहुंचकर कोशिकाओं तक पहुंचती है और कोशिका में मौजूद IGF-1 नाम का रिसेप्टर्स सक्रिय हो जाता है. यह रिसेप्टर्स और इंसुलिन आपस में मिलकर कोशिका विभाजन और विकास को तेजी से बढ़ा देता है. इस कारण गर्दन के पीछे मोटी काली परत बन जाती है.
क्या इस निशान से डायबिटीज की पहचान पहले हो पाएगी
डॉ. पारस अग्रवाल कहते हैं कि जब ब्लड में इंसुलिन की मात्रा बढ़ेगी तो गर्दन पर ये लक्षण दिखते हैं. कुछ मरीजों में शुगर की बीमारी होने से पहले या बढ़ते ही यह निशान दिखने लगते हैं लेकिन जरूरी नहीं कि हर मरीजों में डायबिटीज की आहट से पहले यह लक्षण दिख जाए. वास्तव में यह शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस और प्री-डायबिटीज का एक बहुत ही शुरुआती और स्पष्ट शारीरिक मार्कर या संकेत है. अगर किसी में टाइप 1डायबिटीज है तो गर्दन पर यह निशान नहीं दिखेगा. इसके साथ ही अगर किसी में इंसुलिन कम बनता है या बनता ही नहीं तो भी यह लक्षण नहीं दिखेगा. हल्के या गोरे रंग की त्वचा वाले लोगों में इंसुलिन रेजिस्टेंस होने के बावजूद एकांथोसिस निग्रिकेंस बहुत हल्का होता है या बिल्कुल दिखाई नहीं देता, जबकि सांवली या गहरी रंगत वाली त्वचा पर यह बहुत जल्दी और स्पष्ट रूप से उभरता है. अगर गर्दन पर काले निशान के साथ स्किन टैग वाला मस्सा भी हो तो डायबिटीज के कंफर्म होने का चांस ज्यादा है. ये मस्से बगल में भी हो सकते हैं.
डॉक्टर के पास जाने से बीमारी का चांस बहुत कम
डॉ. पारस अग्रवाल कहते हैं कि अगर आपकी गर्दन में ये काले निशान बन गए हैं तो इस बात का ज्यादा रिस्क है कि आपको डायबिटीज होने वाला है. ये केस आमतौर पर प्री-डायबिटीज के होते हैं. अगर इसी स्थिति में डॉक्टर से संपर्क किया जाए तो प्री-डायबिटीज के डायबिटीज में बदलने का खतरा बहुत कम हो जाता है. इस स्थिति में बीमारी बेहतर तरीके से कंट्रोल में आ जाती है. इससे आगे के जीवन में इसका चांस कम हो जाएगा.
About the AuthorLakshmi Narayan
मीडिया में 20 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाले लक्ष्मी नारायण पत्रकारिता के हर विधा में माहिर हैं. भविष्य की आहट और ट्रेंड्स को समय से पहले भांपने की अद्भुत कला उनके अंदर समाहि…
और पढ़ेंLocation :
New Delhi,New Delhi,Delhi
First Published :
August 26, 2026, 16:02 IST



