Rajasthan

चूड़ियों का प्रसाद, भीलवाड़ा के मां दधिमती मंदिर की अनोखी परंपरा जानकर रह जाएंगे हैरान

Last Updated:October 06, 2026, 16:52 IST

Bhilwara Manshapurna Maa Dadhimati Temple: भीलवाड़ा के आजाद नगर स्थित मंशापूर्ण मां दधिमती मंदिर अपनी अनूठी परंपरा के लिए प्रसिद्ध है. यहां माता को अर्पित की गई चूड़ियां सुहागिन महिलाओं को प्रसाद के रूप में दी जाती हैं. मान्यता है कि इन चूड़ियों को धारण करने से पति की दीर्घायु और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है. इसी आस्था के चलते महिलाएं दूर-दूर से मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन करती हैं और चूड़ियों का प्रसाद ग्रहण करती हैं.

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भीलवाड़ा: भीलवाड़ा के आजाद नगर स्थित मंशापूर्ण मां दधिमती मंदिर अपनी अनूठी परंपरा के लिए श्रद्धालुओं के बीच खास आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां माता को अर्पित की गई चूड़ियां ही सुहागिन महिलाओं को प्रसाद के रूप में दी जाती हैं. आमतौर पर मंदिरों में प्रसाद के तौर पर मिठाई या अन्य सामग्री मिलती है, लेकिन इस मंदिर में चूड़ियों का प्रसाद देने की परंपरा वर्षों से चली आ रही है. मान्यता है कि माता रानी को अर्पित चूड़ियां प्रसाद स्वरूप पाने और धारण करने से पति की आयु दीर्घायु होती है और दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

इसी आस्था के चलते दूर-दूर से महिलाएं मंदिर में पहुंचकर माता के दर्शन करती हैं और चूड़ियों का प्रसाद ग्रहण करती हैं. मंदिर में आने वाली सुहागिन महिलाएं माता को चूड़ियां अर्पित करती हैं, जिन्हें बाद में प्रसाद के रूप में अन्य महिलाओं को वितरित किया जाता है. आस्था और परंपरा से जुड़ी यह अनूठी मान्यता भीलवाड़ा के इस मंदिर को अन्य धार्मिक स्थलों से अलग पहचान देती है.

श्रद्धालुओं की लंबी भीड़ लगी रहतीमंदिर पुजारी मुकेश वैष्णव ने बताया कि भीलवाड़ा का यह मंदिर बहुत खास है भीलवाड़ा शहर के आजाद नगर में मन्सापूर्ण मां दधिमती का मंदिर हैं. यह मंदिर करीब 35 साल प्राचीन है नवरात्रि के समय यहां पर श्रद्धालुओं की लंबी भीड़ लगी रहती है और यहां पर दूर-दूर से श्रद्धालु माता रानी के दर्शन करने के लिए आते हैं. यहां पर श्रद्धालुओं की सभी मनोकामना पूरी हो जाती है. नागौर के गोठ मांगलोद माता मंदिर से से यहां पर ज्योत लाई गई. मंदिर की की मान्यता है कि यहां भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं. चाहे भक्त माता रानी से मकान मांगे या फिर नौकरी मांगे या फिर बालक मांगे भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

मेहंदी और श्रृंगार का सामान भी दिया जातायहां पर सुहागन महिलाओं को प्रसाद के रूप में माता रानी को अर्पित की गई चूड़ियां भेंट की जाती हैं, जिससे उनका स्वाग दीर्घायु रह सके. माता रानी के त्रिशूल पर भक्तों के लिए चूड़ियां अर्पित की जाती हैं और बाद में जो भी महिला श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आती हैं, तो उन्हें प्रसाद के रूप में चूड़ियां दी जाती हैं. इसके अलावा यहां मेहंदी और श्रृंगार का सामान भी दिया जाता है.

करीब 10 से 15 सालों से लगातार आ रहींवहीं दर्शन करने आई श्रद्धालु ललिता शर्मा ने कहा कि मैं यहां पर करीब 10 से 15 सालों से लगातार आ रहीं हुं. यह मंदिर बहुत खास है. यहां पर आने से भक्तों की मनोकामना पूरी हो जाती है. मेरे पहले पुत्र और पुत्री नहीं हो रहे लेकिन जब मैं यहां माता रानी से मनोकामना मांगी तो मुझे संतान की प्राप्ति हुई है इसलिए मेरी यहां पर एक अटूट आस्था है.

About the AuthorJagriti Dubey

मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…

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Bhilwara,Rajasthan

First Published :

October 06, 2026, 16:52 IST

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