Health

चौंकाने वाली रिसर्च, डायबिटीज के मरीजों में बढ़ रही आंख की बीमारी, समय पर नहीं कराया इलाज तो हो सकते हैं अंधे!

Last Updated:October 26, 2026, 11:43 IST

सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज की रिसर्च में सामने आया है कि डायबिटीज के साथ थायराइड होने पर डायबिटिक रेटिनोपैथी की संभावना बढ़ जाती है. समय पर इलाज और जांच से आंखों की रोशनी बचाई जा सकती है. थायराइड होने पर भी अगर आप जल्दी डॉक्टर के पास पहुंचते हैं तो यह दृष्टि बचाने में काफी मदद कर सकते हैं.

सागर. भारत में डायबिटीज तेजी से अपने पैर पसार रहा है लेकिन चिंता सिर्फ इस बात की नहीं है कि लोग शुगर पेशेंट हो रहे हैं बल्कि इसकी वजह से कई और बीमारियां भी इंसानों को अपनी चपेट में ले रही हैं. इन्हीं में से एक रेटिनोपैथी भी है जिसमें आंख के पर्दा की बीमारी होती है. धीरे-धीरे आंख की रोशनी कम होती जाती है और अगर समय पर इलाज ना करवाया जाए तो एक समय वह भी आ जाता है जब इंसान पूरी तरह से अपनी आंखों की रोशनी खो देता है. सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर और आंखों की डॉक्टर अंजलि बीरानी पटेल ने इसी पर रिसर्च किया है जिसमें पाया है कि डायबिटीज के साथ जिन लोगों में थायराइड है उनमें एक समय के बाद डायबिटिक रेटिनोपैथी भी होने की संभावना है. अगर समय पर थायराइड का इलाज किया जाए तो इस संभावना को कम किया जा सकता है.

रिसर्च करने वाली डॉक्टर अंजलि बीरानी पटेल ने बताया कि इंडिया को आज की डेट में डायबिटीज कैपिटल कहा जा रहा है. मतलब हमारे यहां बहुत ज्यादा तादाद में ऐसे लोग हैं जिनको डायबिटीज हो रहा है. जितने लोगों को डायबिटीज होता है उन लोगों में कभी ना कभी यह पॉसिबिलिटी रहेगी. डायबिटिक रेटिनोपैथी जो आंख के पर्दे की बीमारी है. वह संभावना होने की बनी रहेगी. ऐसे लोग जिनको डायबिटीज रेटिनोपैथी होती है उनको कई ऐसे कॉम्प्लिकेशन हो सकते हैं जो उनकी नजर छीन सकते हैं. वह अंधत्व की तरफ जा सकते हैं. तो डायबिटिक रेटिनोपैथी में यह कहा जाता है कि आप जितने जल्दी उसको पकड़ के इलाज करें या या टाइम टू टाइम स्क्रीन करते रहें तो आप अपनी दृष्टि को उतना बचाकर रखने की संभावना रखते हैं.

डायबिटीज रेटिनोपैथी की पूरी जानकारीइसमें हमारी जो रिसर्च थी उसमें कोई ऐसे शारीरिक फैक्टर हैं जो कि डायबिटिक रेटिनोपैथी की सीरियसनेस को बढ़ाने में कंट्रीब्यूट करते हैं. ऐसे कई सारे फैक्टर ऑलरेडी इस्टैबलिश्ड है. इंसान की एज कितनी है उसका ड्यूरेशन ऑफ डायबिटीज कितना है उसका डायबिटीज पर कंट्रोल कितना है?

इसी के साथ हमने यह फाइंड आउट करने की कोशिश करी की क्या आपकी थायराइड की बीमारी आपके डायबिटिक रेटिनोपैथी के सीरियसनेस को बढ़ा सकती है. तो हमने अपने शोध में इस चीज को पाया कि हमारे ऐसे मरीज थे जिनको सीरियस टाइप की डायबिटीज रेटिनोपैथी थी उनमें थायराइड की बीमारियां थी उनका थायराइड सही से काम नहीं कर पा रहा था ऐसी स्थिति में जब वह इतने सीरियस लेवल पर जा रहे हैं तो हो सकता है कि आगे की कंडीशन में थायराइड के डिसऑर्डर को ट्वीट करके रेटिनोपैथी के बढ़ते प्रभाव को रोक पाए या ऐसा इलाज जिससे उसका ज्यादा अच्छा असर आए उसमें हम कंट्रीब्यूट कर पाए.

इन टिप्स का करें पालनडायबिटीज के हर मरीज को यह जानकारी होनी चाहिए जिस दिन आपको डायबिटीज का पता चला है उस दिन आपको अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए. आंखों की स्थिति क्या है उसके हिसाब से डॉक्टर आपको यह बताएंगे कि कितने-कितने समय में आपको अपनी आंखों की स्क्रीनिंग करते रहना है. नॉर्मल तौर पर यह कहा जाता है कि 1 साल में एक बार आई चेकअप होना बिल्कुल जरूरी है. लेकिन हम ध्यान नहीं दे पाते हैं. अगर इसको हम रेगुलर फॉलो करते रहें तो हम रेटिनोपैथी को जरूर पकड़ पाएंगे तो उसको हम काफी हद तक कंट्रोल करने में हेल्प कर पाएंगे.

About the AuthorMohd Majid

With more than 6 years of experience in journalism, I have been associated with Network18 since 2023. Currently, I am working as a Content Editor at News 18. I primarily cover Madhya Pradesh, Chhattisgarh hard …

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Sagar,Madhya Pradesh

First Published :

October 26, 2026, 11:43 IST

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