जंगली सूअरों के आतंक से किसान परेशान, खेतों में घुसकर बर्बाद कर रहे फसलें, प्रशासन से मदद की गुहार

Last Updated:October 03, 2026, 15:38 IST
Rajsamand News: राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र के कानावास में जंगली सूअरों के झुंड से किसान परेशान हैं. ग्रामीणों के अनुसार, जंगली सूअर खेतों में घुसकर फसलों को रौंद रहे हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. फसलें बर्बाद होने से ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से जंगली सूअरों पर नियंत्रण की मांग की है. साथ ही नुकसान का सर्वे करवाकर किसानों को उचित मुआवजा देने की भी मांग उठाई गई है.
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खेतों में घुसकर फसलें रौंद रहे जंगली सूअरों के झुंड
राजसमंद: जिले के भीम उपखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली छापली ग्राम पंचायत के कानावास गांव में इन दिनों जंगली सूअरों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि किसानों का जीना मुहाल हो चुका है. खेतों में घुसकर जंगली सूअरों के झुंड लहलहाती और फसलों को बुरी तरह रौंद रहे हैं, जिससे किसानों की महीनों की कड़ी मेहनत और पूंजी पलक झपकते ही मिट्टी में मिल रही है. इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों और किसानों में गुस्सा है और उन्होंने अब जिला प्रशासन तथा वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है.
कानावास गांव के स्थानीय किसानों के अनुसार, पिछले कुछ समय से जंगली सूअरों ने रिहायशी बस्तियों के नजदीक स्थित खेतों को अपना मुख्य अड्डा बना लिया है. ये जंगली जानवर शाम ढलते ही या रात के सन्नाटे में झुंड के झुंड बनाकर खेतों में बेधड़क घुस जाते हैं. एक साथ दर्जनों की संख्या में आने वाले ये जंगली सूअर खेत की मजबूत बाड़ और सुरक्षा प्रबंधों को दरकिनार करते हुए अंदर घुस जाते हैं और पूरी फसल को अपने पैरों तले कुचलकर तहस-नहस कर देते हैं. मक्का, बाजरा और अन्य मौसमी फसलें इन जानवरों के आतंक का शिकार हो रही हैं.
किसानों की आजीविका और लागत पर फिरा पानीक्षेत्र के किसानों की माली हालत पहले से ही काफी कमजोर है और वे खेती-किसानी पर ही पूरी तरह निर्भर हैं. फसल उगाने के लिए किसानों ने महंगे बीज, कीटनाशक दवाइयां, खाद और बोरिंग के पानी के जरिए भारी भरकम खर्च किया था. लेकिन जंगली सूअरों द्वारा पूरी फसल को नष्ट कर दिए जाने के कारण किसानों की सारी लागत और मेहनत पर पानी फिर गया है. अन्नदाताओं के सामने अब अपने परिवार का पालन-पोषण करने और कर्ज चुकाने का गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है, जिससे वे गहरी मानसिक और शारीरिक परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं.
प्रशासनिक मदद और विशेष गिरदावरी की मांगइस मुश्किल परिस्थिति से त्रस्त होकर कानावास गांव के किसानों ने एकजुट होकर स्थानीय प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है. किसानों का साफ कहना है कि यदि समय रहते इन जंगली जानवरों के आतंक को नहीं रोका गया, तो वे भुखमरी के कगार पर आ जाएंगे. ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष कुछ मुख्य मांगें रखी हैं, जिनमें सबसे प्रमुख मांग यह है कि राजस्व विभाग और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें गांव में आकर खेतों में हुए नुकसान का मौके पर सर्वे करें.
इसके साथ ही, किसानों ने प्रभावित खेतों की गिरदावरी करवाने की मांग की है ताकि नुकसान का आंकलन हो सके और सरकार की ओर से किसानों को ठीक मुआवजा राशि मिल सके. इसके अलावा, वन विभाग से यह भी पुरजोर मांग की गई है कि वह क्षेत्र में गश्त बढ़ाए और जंगली सूअरों को आबादी व कृषि क्षेत्रों से दूर रखने के लिए कोई ठोस और प्रभावी वैज्ञानिक कदम उठाए.
विभाग की कार्रवाई का इंतजार कर रहे अन्नदाताफिलहाल पूरे इलाके के किसानों की निगाहें वन विभाग और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों पर टिकी हुई हैं कि वे कब इस गंभीर मामले का संज्ञान लेते हैं और कानावास के किसानों को इस भारी आफत से निजात दिलाते हैं. किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो वे बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Rajsamand,Rajasthan
First Published :
October 03, 2026, 15:38 IST



