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जयपुर में गजब चुनावी खेल, 52 प्रत्याशी खुद को नहीं दे पाएंगे वोट, दूसरे को करना होगा मतदान

Last Updated:September 08, 2026, 10:32 IST

Jaupur Nagar Nikay Chunav 2026: जयपुर में निकाय चुनाव 2026 के दौरान एक दिलचस्प चुनावी तस्वीर सामने आई है. नगर निगम चुनाव में 52 प्रत्याशी ऐसे हैं, जो जिस वार्ड से चुनाव लड़ रहे हैं, वहां के मतदाता नहीं हैं. ऐसे में ये प्रत्याशी अपने ही नाम के सामने वोट नहीं डाल पाएंगे. उन्हें अपने मतदाता वाले वार्ड में किसी दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करना होगा. वार्ड परिसीमन और राजनीतिक समीकरण बदलने के बाद कई नेताओं ने जीत की संभावनाओं को देखते हुए अपना चुनावी वार्ड बदल लिया. इसके चलते उनका नाम पुराने वार्ड की मतदाता सूची में है, जबकि वे चुनाव दूसरे वार्ड से लड़ रहे हैं. अब इन प्रत्याशियों की नजर दूसरे वार्ड के मतदाताओं पर है और खुद को वोट देने का मौका नहीं होने के बावजूद जीत के लिए पूरा जोर लगा रहे हैं.जयपुर में गजब चुनावी खेल, 52 प्रत्याशी खुद को नहीं दे पाएंगे वोट, जानें वजहZoomजयपुर नगर निगम चुनाव में 52 प्रत्याशी खुद के नाम पर नहीं डाल पाएंगे वोट (फाइल इमेज)

जयपुर. राजस्थान निकाय चुनाव 2026 में राजधानी जयपुर से एक दिलचस्प चुनावी तस्वीर सामने आई है. यहां 52 ऐसे प्रत्याशी मैदान में हैं, जो चुनाव तो लड़ रहे हैं, लेकिन अपने ही नाम के सामने वोट नहीं डाल पाएंगे. इसकी वजह यह है कि इन प्रत्याशियों ने अपना वार्ड बदलकर दूसरे वार्ड से चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है. ऐसे में जिस वार्ड की मतदाता सूची में उनका नाम दर्ज है, वहां किसी दूसरे प्रत्याशी के लिए मतदान करना होगा. यानी जीत के लिए दूसरे वार्ड के मतदाताओं से वोट मांगने वाले ये प्रत्याशी अपने ही बूथ पर खुद को वोट नहीं दे सकेंगे.

दरअसल, जयपुर में वार्डों के परिसीमन और संख्या में बदलाव के बाद कई प्रत्याशियों के सामने चुनावी समीकरण बदल गए. पहले नगर निगम के दोनों क्षेत्रों में कुल 250 वार्ड थे, लेकिन नए परिसीमन के बाद वार्डों की संख्या 150 हो गई. वार्डों की सीमाएं बदलने से कई नेताओं और संभावित प्रत्याशियों का पुराना राजनीतिक क्षेत्र नए वार्डों में बंट गया. ऐसे में कुछ प्रत्याशियों ने अपनी जीत की संभावनाओं को देखते हुए दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ने का फैसला किया.

अपने ही वार्ड में दूसरे को देना पड़ेगा वोट

इस चुनावी स्थिति का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि प्रत्याशी जिस वार्ड से चुनाव लड़ रहा है, जरूरी नहीं कि वह वहीं का मतदाता भी हो. ऐसे में उसका वोट दूसरे वार्ड में दर्ज है. वह अपने निवास वाले वार्ड में जाकर मतदान तो कर सकता है, लेकिन अपने नाम के सामने वोट डालने का मौका नहीं मिलेगा. चुनाव मैदान में उतरने वाले प्रत्याशियों के लिए आमतौर पर अपना वोट खुद को देना प्रतीकात्मक रूप से भी अहम माना जाता है. लेकिन जयपुर के इन 52 प्रत्याशियों के लिए इस बार यह संभव नहीं होगा. इन्हें अपने मतदाता क्षेत्र में किसी दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करना पड़ेगा. हालांकि, चुनावी नतीजे पर इसका कितना असर होगा, यह पूरी तरह दूसरे वार्ड के मतदाताओं के रुख पर निर्भर करेगा.

जीत के लिए बदला चुनावी ठिकाना

वार्ड बदलकर चुनाव लड़ने के पीछे कई प्रत्याशियों की रणनीति भी चर्चा में है. परिसीमन के बाद पुराने वार्डों का भूगोल बदल गया है. कुछ जगहों पर राजनीतिक समीकरण बदले तो कहीं आरक्षण की स्थिति में बदलाव आया. ऐसे में कई प्रत्याशियों ने अपने पुराने राजनीतिक नेटवर्क और जीत की संभावना को देखते हुए दूसरे वार्ड से मैदान में उतरना बेहतर समझा. ऐसे कई प्रत्याशी हैं जिनके वोट दूसरे वार्ड में हैं, जबकि वे चुनाव किसी अन्य वार्ड से लड़ रहे हैं. उदाहरण के तौर पर वार्ड 137 में बीजेपी प्रत्याशी मोहम्मद रईस का वोट वार्ड 136 में बताया गया है. इसी तरह वार्ड 9 में भी बीजेपी और कांग्रेस से जुड़े प्रत्याशियों के वोट दूसरे वार्ड में दर्ज हैं. वार्ड 130 में बीजेपी प्रत्याशी सूरज शर्मा वार्ड 132 के वोटर हैं, जबकि निर्दलीय प्रत्याशी राकेश मीणा वार्ड 131 के मतदाता बताए गए हैं.

परिसीमन ने बदली चुनावी तस्वीर

जयपुर में वार्डों की सीमाएं बदलने के बाद कई पुराने राजनीतिक समीकरण भी बदल गए हैं. जिन नेताओं की वर्षों से किसी खास वार्ड में पकड़ थी, उन्हें नए वार्ड में जाकर मतदाताओं के बीच अपनी पहचान और नेटवर्क बनाने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. वहीं कुछ प्रत्याशियों ने पुराने राजनीतिक संपर्कों को आधार बनाकर नए वार्ड में चुनावी दांव खेला है. अब 9 और 11 सितंबर को होने वाले मतदान में यह देखना दिलचस्प होगा कि दूसरे वार्ड से चुनाव लड़ रहे इन प्रत्याशियों को वहां के मतदाता कितना समर्थन देते हैं. फिलहाल जयपुर के निकाय चुनाव में 52 प्रत्याशियों का यह मामला चुनावी चर्चा का एक अनोखा पहलू बन गया है.

About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer

दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…

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Jaipur,Rajasthan

First Published :

September 08, 2026, 10:32 IST

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