जयपुर में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट, बुखार-खांसी वालों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी

जयपुर. जयपुर में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है. विभाग की ओर से बचाव को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है. इसमें खास तौर पर कहा गया है कि अगर बुखार, खांसी या गले में खराश जैसे लक्षण हैं तो भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें. जरूरत पड़ने पर मास्क पहनें और खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढककर रखें. विभाग ने साफ किया है कि स्वाइन फ्लू यानी इन्फ्लूएंजा सांस से जुड़ा संक्रमण है और ज्यादातर मरीज सही देखभाल तथा डॉक्टर की सलाह से ठीक हो जाते हैं.
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने बताया कि मौसमी फ्लू और दूसरे सांस से जुड़े संक्रमणों से बचने के लिए आम लोगों को छोटी-छोटी सावधानियां लगातार बरतनी चाहिए. बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और थकान इसके सामान्य लक्षण हो सकते हैं. खास बात यह है कि छोटे बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर या लंबे समय से बीमार लोगों में संक्रमण के कारण परेशानी बढ़ने का खतरा ज्यादा रहता है.
जानें क्या-क्या सावधानी रखने की है विशेष आवश्यकतास्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी के मुताबिक खांसते या छींकते समय रूमाल, टिश्यू या कोहनी से मुंह और नाक ढकना चाहिए. हाथों को साबुन और पानी से बार-बार अच्छी तरह धोने की सलाह दी गई है. जरूरत पड़ने पर हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है. अगर किसी व्यक्ति में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो उसे भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए और दूसरों से उचित दूरी रखनी चाहिए. जरूरत महसूस होने पर मास्क पहनना भी जरूरी बताया गया है.
विभाग ने पानी पीने की दी हिदायतविभाग ने पर्याप्त आराम करने और पानी समेत दूसरे तरल पदार्थ लेते रहने की सलाह दी है. फ्लू जैसे लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेने और उनकी सलाह के मुताबिक ही दवा लेने को कहा गया है. बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर या लंबे समय से बीमार लोगों में ऐसे लक्षण दिखाई दें तो परिवार के लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है. सांस लेने में परेशानी, लगातार तेज बुखार, बहुत ज्यादा कमजोरी, ऑक्सीजन का स्तर कम होना या कोई दूसरा गंभीर लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है.
डॉक्टर की सलाह के बिना दवा लेने से बचेंस्वास्थ्य विभाग ने लोगों से कहा है कि फ्लू जैसे लक्षण आने पर घबराने की जरूरत नहीं है और अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए. खास तौर पर डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा नहीं लेने को कहा गया है. अपनी मर्जी से दवा की खुराक तय करके लंबे समय तक दवा लेना भी ठीक नहीं है. यानी लक्षण दिखने पर इलाज अपनी तरफ से शुरू करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है.
स्कूल, ऑफिस, समारोह या दूसरी भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचेंबीमारी की हालत में स्कूल, ऑफिस, समारोह या दूसरी भीड़ वाली जगहों पर जाने से भी बचना चाहिए. इससे संक्रमण दूसरे लोगों तक फैलने का खतरा कम किया जा सकता है. खांसते या छींकते समय मुंह और नाक खुला नहीं रखना चाहिए और इस्तेमाल किए गए टिश्यू या रूमाल को इधर-उधर नहीं फेंकना चाहिए. जिन लोगों में संक्रमण या फ्लू जैसे लक्षण हैं, उनके बहुत करीब जाने से भी बचने की सलाह दी गई है.
डरने के बजाय बरतें सावधानीस्वास्थ्य विभाग का जोर इस बात पर है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण आने पर डरने के बजाय सावधानी बरती जाए. साफ-सफाई, हाथ धोना, खांसते और छींकते समय मुंह ढकना और जरूरत पड़ने पर भीड़ से दूरी रखना जैसी सामान्य सावधानियां संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद कर सकती हैं. खासकर उन परिवारों को सतर्क रहने की जरूरत है जहां छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं या गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोग हैं.



