जयपुर से महज 27 किमी दूर मानोता गांव में बुनियादी सुविधाओं का अकाल, विकास के मुद्दे पर चुना जाएगा नया सरपंच

Last Updated:October 09, 2026, 15:28 IST
Rajasthan Panchayat Election 2026: राजस्थान में पंचायत चुनाव की हलचल के बीच न्यूज़18 राजस्थान की टीम जयपुर के करीब मानोता गांव पहुंची. राजधानी से महज 27 किमी दूर स्थित इस गांव में सड़क, पानी, सीवर और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है. गांव में पानी का कोई प्राकृतिक स्रोत न होने से जलापूर्ति बड़ी चुनौती बनी हुई है. इस बार ग्रामीणों ने जाति-बिरादरी के बजाय विकास कार्य करने वाले उम्मीदवार को चुनने का मन बनाया है ताकि गांव की प्रमुख समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके.
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Rajasthan Panchayat Election 2026: जयपुर से 27 KM दूर गांव में पानी-सड़क का संकट, इस बार विकास पर होगा फैसला
Jaipur: राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव का बिगुल बजते ही ग्रामीण इलाकों में सियासी पारा चढ़ने लगा है. प्रदेशभर में गांव की नई सरकार चुनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इस बार के पंचायत चुनाव में सबसे अहम सवाल यही खड़ा हो रहा है कि ग्रामीण जनता अपने मताधिकार का प्रयोग किन मुद्दों के आधार पर करेगी. क्या इस बार भी चुनाव जातिगत और परंपरागत सियासी समीकरणों के इर्द-गिर्द सिमट कर रह जाएंगे या फिर गांव का वास्तविक विकास और बुनियादी सुविधाएं उम्मीदवारों की असली कसौटी बनेंगी. इन्हीं सभी तीखे सवालों के निष्पक्ष जवाब तलाशने के लिए न्यूज़18 राजस्थान की विशेष टीम गांव-गांव और ढाणी-ढाणी पहुंचकर ग्राउंड जीरो से रिपोर्टिंग कर रही है. इस मुहिम का मुख्य मकसद ग्रामीणों की नब्ज टटोलना, उनकी रोजमर्रा की जमीनी समस्याओं को समझना और यह जानना है कि गांव की जनता अपनी आने वाली सरकार से क्या उम्मीदें लगाए बैठी है.
इसी चुनावी पड़ताल के तहत न्यूज़18 राजस्थान की टीम जयपुर के बेहद करीब स्थित मानोता गांव पहुंची. राजस्थान की राजधानी जयपुर से महज 27 किलोमीटर की दूरी पर बसे इस गांव की स्थिति देखकर हर कोई हैरान रह जाता है. राजधानी के इतने करीब होने के बावजूद मानोता गांव आज भी विकास की राह देख रहा है. गांव में पक्की सड़कों की खस्ताहाली, सीवर लाइन का अभाव, पेयजल संकट और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियां मुंह बाए खड़ी हैं. डिजिटल इंडिया के इस दौर में और राजधानी के इतने नजदीक होने के बावजूद गांव में मोबाइल नेटवर्क न होना ग्रामीणों के लिए एक बहुत बड़ी दैनिक समस्या बना हुआ है. युवाओं को पढ़ाई करने या किसी से फोन पर बात करने के लिए ऊंची जगहों पर जाना पड़ता है.
पानी का बड़ा संकट और बुनियादी व्यवस्थाओं का अभावग्रामीणों के मुताबिक गांव में पानी की व्यवस्था भी एक बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है. मानोता गांव में पानी का कोई बड़ा प्राकृतिक स्रोत या प्रमुख तालाब मौजूद नहीं है. इसके साथ ही गांव में पर्याप्त सरकारी जलापूर्ति की व्यवस्था भी नहीं हो पाई है. पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को टैंकरों या दूर-दराज के इलाकों पर निर्भर रहना पड़ता है. सीवरेज और नालियों की समुचित व्यवस्था न होने के कारण गांव के मुख्य रास्तों पर पानी भरा रहता है जिससे आवागमन में लोगों को काफी परेशानी होती है. इन तमाम विकट समस्याओं के बीच आगामी पंचायत चुनाव को लेकर गांव के लोगों की उम्मीदें पूरी तरह से साफ नजर आती हैं.
जातिगत समीकरण छोड़ काम करने वाले प्रतिनिधि की तलाशमानोता गांव के निवासियों का स्पष्ट रूप से कहना है कि इस बार उनका ध्यान पारंपरिक जाति-बिरादरी के समीकरणों के बजाय धरातल पर काम करने वाले उम्मीदवारों पर रहेगा. वे एक ऐसा जनप्रतिनिधि चुनना चाहते हैं जो गांव की वास्तविक समस्याओं को गहराई से समझे, हमेशा ग्रामीणों के बीच उपलब्ध रहे और बुनियादी सुविधाओं के स्थायी समाधान के लिए ईमानदारी से काम करे. ग्रामीणों का मानना है कि चुनाव सिर्फ जीतने और हारने का खेल नहीं है, बल्कि उस पवित्र भरोसे की परीक्षा है जो जनता अपने प्रतिनिधि पर जताती है. गांव वालों की नई पंचायत सरकार से यही अपेक्षा है कि वह सड़क, पानी, सीवर और मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी समस्याओं को अपनी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखे, ताकि विकास का वास्तविक लाभ गांव के हर अंतिम परिवार तक पहुंच सके.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
October 09, 2026, 15:28 IST



