Udaipur Dussehra: उदयपुर में दशहरे की तैयारी तेज, बरेली से आए मुस्लिम कारीगर बना रहे 30 फीट के रावण

Last Updated:October 09, 2026, 15:23 IST
Udaipur Dussehra: उदयपुर के गांधी ग्राउंड में दशहरे की तैयारियां तेज हो गई हैं, यहां करीब 30 फीट ऊंचे रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले तैयार किए जा रहे हैं. खास बात यह है कि बरेली से आए मुस्लिम कारीगर अपने परिवार के साथ इन विशाल प्रतिमाओं को आकार दे रहे हैं. इन्हें बनाने में करीब डेढ़ महीने तक का समय लगता है.
उदयपुर. अपनी खूबसूरत झीलों, ऐतिहासिक इमारतों और शानदार त्योहारों के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी जाना जाता है. यहां दशहरे का पर्व भी खास अंदाज में मनाया जाता है, हर साल गांधी ग्राउंड में रावण दहन देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं. इस बार भी दशहरे को खास बनाने की तैयारियां चल रही हैं, यहां करीब 30 फीट ऊंची रावण, कुंभकरण और मेघनाथ की प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं. इन विशाल प्रतिमाओं को बनाने के लिए बरेली से मुस्लिम कारीगर अपने परिवार के साथ उदयपुर पहुंचे हैं.
इन प्रतिमाओं को तैयार करने का काम सिंधी समाज की ओर से करवाया जाता है. कारीगर पूरी मेहनत और लगन के साथ इन प्रतिमाओं को आकार देने में जुटे हैं. इनका काम इतना बारीक होता है कि प्रतिमाओं का चेहरा, पहनावा और पूरा स्वरूप लोगों का ध्यान खींचता है. यही वजह है कि हर साल दशहरे के मौके पर इन विशाल प्रतिमाओं को देखने के लिए लोगों में खास उत्साह रहता है.
एक से डेढ़ महीने में तैयार होती हैं प्रतिमाएं
रावण, कुंभकरण और मेघनाथ की विशाल प्रतिमाएं तैयार करना आसान काम नहीं है, इन्हें बनाने में करीब एक से डेढ़ महीने का समय लग जाता है. कारीगर पहले ढांचा तैयार करते हैं और फिर धीरे-धीरे उस पर अलग-अलग हिस्सों को जोड़कर प्रतिमाओं का स्वरूप देते हैं. इसके बाद रंग-रोगन और सजावट का काम किया जाता है. इतने बड़े आकार की प्रतिमाओं को तैयार करने के लिए काफी मेहनत, अनुभव और धैर्य की जरूरत होती है. बरेली से आए ये कारीगर हर साल अपने परिवार के साथ उदयपुर पहुंचते हैं. यहां रहकर वे दशहरे से पहले प्रतिमाओं को तैयार करने का काम पूरा करते हैं. उनके लिए यह सिर्फ काम नहीं, बल्कि सालों से चली आ रही एक परंपरा का हिस्सा भी है.
गांधी ग्राउंड में होगा भव्य आयोजन
उदयपुर के गांधी ग्राउंड में दशहरे के मौके पर इन प्रतिमाओं को स्थापित किया जाता है. यहां रावण दहन के साथ भव्य रामलीला का मंचन भी होता है. आयोजन को खास बनाने के लिए लंका का निर्माण भी किया जाता है, जिससे लोगों को रामायण से जुड़े प्रसंगों का अनुभव मिल सके. रावण, कुंभकरण और मेघनाथ की विशाल प्रतिमाएं इस पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण रहती हैं. उदयपुर में दशहरे का आयोजन देखने के लिए शहर के लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं.
शहर में घूमने आने वाले देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए भी यह आयोजन आकर्षण का केंद्र रहता है. विशाल प्रतिमाएं, रामलीला का मंचन और रावण दहन का नजारा लोगों को अपनी ओर खींचता है. दशहरे की तैयारियों में जुटे कारीगरों की मेहनत इस आयोजन को खास बनाती है.अलग-अलग समुदायों के लोगों की भागीदारी और वर्षों से चली आ रही यह परंपरा उदयपुर की सांस्कृतिक पहचान को भी दिखाती है.यही वजह है कि यहां दशहरे का इंतजार हर साल लोगों को रहता है.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Udaipur,Rajasthan
First Published :
October 09, 2026, 15:23 IST



