जहां 21 हजार लीटर गंगाजल से होता है भगवान शिव का भव्य महाअभिषेक, बरसों से जारी है परंपरा

Last Updated:August 24, 2026, 10:11 IST
Bhilwara Shiv Puja: भीलवाड़ा के बालाजी मार्केट स्थित पेच एरिया मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार को भगवान शिव का 21 हजार लीटर गंगाजल से भव्य सहस्त्रधारा महाअभिषेक किया गया. हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर से लाए गए गंगाजल से विधि-विधान के साथ अभिषेक संपन्न हुआ. ढोल-नगाड़ों के साथ भव्य महाआरती की गई और मंदिर को फूलों से सजाया गया. इस पावन अवसर पर दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. महाअभिषेक के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में गंगाजल भी वितरित किया गया.
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Bhilwara: मंदिर है जिसकी आस्था और परंपरा बेहद खास है. भीलवाड़ा के प्रसिद्ध बालाजी मार्केट स्थित पेच एरिया हनुमान मंदिर में सावन के अंतिम सोमवार पर भक्ति का अनूठा दृश्य देखने को मिला. यहां 21 हजार लीटर पवित्र गंगाजल से भगवान भोलेनाथ का भव्य और अलौकिक ‘सहस्त्रधारा महाअभिषेक’ संपन्न हुआ. इस दौरान पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गुंजायमान रहा.
मंदिर के मुख्य पुजारी आशुतोष शर्मा ने बताया कि हर वर्ष सावन मास के पावन अवसर पर इस भव्य धार्मिक आयोजन की परंपरा निभाई जाती है. इस विशेष महाअभिषेक के लिए हरिद्वार और उत्तर प्रदेश के गढ़मुक्तेश्वर से बड़े-बड़े कंटेनरों के माध्यम से 21 हजार लीटर पवित्र गंगाजल भीलवाड़ा लाया गया था. वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ जैसे ही गंगाजल की सहस्त्रधाराएं भगवान शिव पर अर्पित की जाने लगीं, श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया.
महाआरती और भव्य श्रृंगार रहा आकर्षण का केंद्रमहाअभिषेक के मुख्य कार्यक्रम से पूर्व मंदिर में विराजमान श्री हनुमान जी और भगवान शिव की भव्य महाआरती उतारी गई. इस दौरान ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे की मधुर धुनों पर भक्त झूमते नजर आए. मंदिर परिसर को भांति-भांति के सुगंधित देसी-विदेशी फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया था. अलसुबह से ही इस अलौकिक दर्शन और महाअभिषेक का पुण्य लाभ कमाने के लिए भीलवाड़ा शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे.
प्रसाद के रूप में घर-घर पहुंचा गंगाजलमहाअभिषेक संपन्न होने के पश्चात मंदिर समिति की ओर से उपस्थित सभी श्रद्धालुओं के बीच पवित्र गंगाजल को प्रसाद के रूप में वितरित किया गया. श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा और भाव के साथ इस गंगाजल को ग्रहण किया और अपने-अपने घरों को ले गए. वर्षो से चली आ रही इस अनूठी परंपरा को देखने और इसमें भागीदार बनने के लिए भीलवाड़ा के इस मंदिर में पूरे दिन आस्था का सैलाब उमड़ता रहा.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bhilwara,Bhilwara,Rajasthan
First Published :
August 24, 2026, 10:11 IST



