Vitamin D की कमी को हल्के में न लें! शरीर में दिखने लगते हैं ये 5 संकेत, ऐसे करें पहचान

Last Updated:August 24, 2026, 17:18 IST
Vitamin D Deficiency: विटामिन D शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्वों में शामिल है. यह कैल्शियम और फॉस्फोरस के इस्तेमाल में मदद करता है, जिससे हड्डियों और दांतों की सेहत बनाए रखने में सहायता मिलती है. शरीर में इसकी कमी होने पर कुछ लोगों में थकान, मांसपेशियों की कमजोरी या हड्डियों से जुड़ी परेशानी महसूस हो सकती है. हालांकि, इन लक्षणों के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए कमी की पुष्टि के लिए डॉक्टर की सलाह से जांच कराना जरूरी है.
विटामिन D शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है. यह कैल्शियम और फॉस्फोरस के इस्तेमाल में मदद करता है, इसलिए हड्डियों और दांतों की सेहत के लिए इसका पर्याप्त स्तर जरूरी माना जाता है. शरीर में विटामिन D की कमी होने पर कुछ लोगों में थकान, मांसपेशियों में कमजोरी या हड्डियों से जुड़ी परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर विटामिन D की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती. इसकी जांच के लिए डॉक्टर की सलाह से ब्लड टेस्ट कराया जाता है.
विटामिन D की कमी होने पर कुछ लोगों को बिना ज्यादा मेहनत के भी थकान महसूस हो सकती है. रोजमर्रा के काम करने में ऊर्जा कम लगना या शरीर में कमजोरी महसूस होना इसके संभावित संकेतों में शामिल हो सकता है. हालांकि, थकान के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं. शरीर में विटामिन D का स्तर कम होने पर मांसपेशियों की ताकत प्रभावित हो सकती है. सीढ़ियां चढ़ने, लंबे समय तक खड़े रहने या सामान्य शारीरिक गतिविधियों में परेशानी महसूस हो सकती है. लगातार ऐसी समस्या रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है.
विटामिन D कैल्शियम के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसकी कमी लंबे समय तक रहने पर हड्डियों में दर्द या कमजोरी से जुड़ी समस्या हो सकती है. बच्चों में गंभीर कमी हड्डियों के सामान्य विकास को प्रभावित कर सकती है, जबकि वयस्कों में हड्डियों की कमजोरी का खतरा बढ़ सकता है.
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विटामिन D शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाता है. कुछ शोधों में विटामिन D के कम स्तर और कुछ संक्रमणों के बीच संबंध देखा गया है, लेकिन केवल विटामिन D की कमी को बार-बार बीमार पड़ने का एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता.
शरीर विटामिन D का निर्माण सूरज की UVB किरणों की मदद से करता है. इसके अलावा कुछ खाद्य पदार्थों से भी विटामिन D प्राप्त किया जा सकता है. फैटी फिश जैसे सैल्मन और सार्डिन, अंडे की जर्दी और विटामिन D से फोर्टिफाइड दूध या अन्य खाद्य पदार्थ इसके स्रोत हो सकते हैं. शाकाहारी लोगों के लिए फोर्टिफाइड फूड्स उपयोगी विकल्प हो सकते हैं. धूप से विटामिन D बनता है, लेकिन इसकी जरूरत हर व्यक्ति में त्वचा के रंग, उम्र, मौसम, स्थान और धूप में रहने की अवधि जैसे कई कारकों पर निर्भर करती है. बहुत ज्यादा धूप में रहने से त्वचा को नुकसान भी हो सकता है, इसलिए केवल विटामिन D के लिए लंबे समय तक तेज धूप में रहना जरूरी नहीं है.
अगर आपको लगातार थकान, मांसपेशियों में कमजोरी या हड्डियों में दर्द जैसी समस्या रहती है, तो खुद से विटामिन D की हाई-डोज सप्लीमेंट शुरू न करें. डॉक्टर जरूरत के अनुसार जांच और उचित मात्रा की सलाह दे सकते हैं. संतुलित आहार और सुरक्षित तरीके से धूप लेना शरीर में विटामिन D के पर्याप्त स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकता है.
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August 24, 2026, 17:18 IST



