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Okra Pest Attack: भिंडी की फसल पर फली छेदक कीट का हमला; किसान ऐसे करें फसल का बचाव, कृषि विभाग ने दी सलाह

Last Updated:August 24, 2026, 09:55 IST

Bharatpur Okra Pest Attack: भरतपुर में भिंडी की फसल पर फली छेदक कीट का प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है. यह कीट फलियों में छेद कर अंदरूनी हिस्से को खाकर फसल खराब कर देता है, जिससे फलियां टेढ़ी-मेढ़ी होकर सड़ने लगती हैं. कृषि विभाग ने किसानों को खेत की नियमित निगरानी करने और प्रभावित फलियों को नष्ट करने की सलाह दी है. साथ ही, विशेषज्ञों द्वारा सुझाई गई कीटनाशकों की अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करने की अपील की गई है ताकि फसल की गुणवत्ता और उत्पादन को बचाया जा सके.

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Bharatpur: राजस्थान के भरतपुर जिले में इन दिनों भिंडी की खेती करने वाले किसानों की चिंता बढ़ गई है. मौसम में आए लगातार बदलाव और अनुकूल परिस्थितियों के कारण भिंडी की फसल पर फली छेदक (फ्रूट बोरर) कीट का प्रकोप तेजी से फैलता दिखाई दे रहा है. यह कीट फसल की गुणवत्ता और पैदावार को सीधे तौर पर प्रभावित कर रहा है, जिससे समय रहते नियंत्रण न पाने पर किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, फली छेदक कीट की मादा पत्तियों और कोमल फलियों पर अंडे देती है. अंडे से बाहर निकलते ही सुंडी (इल्ली) भिंडी की कोमल फलियों में छेद करके अंदर घुस जाती है. इसके बाद यह अंदरूनी हिस्से को खाकर फली को पूरी तरह खराब कर देती है. खेत में भिंडी की फलियों पर छोटे-छोटे छेद दिखाई देना, फलियों का टेढ़ा-मेढ़ा होना और अंदर से सड़न या कीड़े की मौजूदगी इसके प्रमुख लक्षण हैं. कई बार प्रभावित भिंडी बाहर से देखने में सामान्य लगती है, लेकिन काटने पर अंदर से सड़ चुकी होती है. इससे बाजार में उत्पाद की गुणवत्ता और दाम दोनों गिर जाते हैं.

संक्रमित फलियों को तुरंत नष्ट करने की सलाहकृषि विभाग ने किसानों को अपने खेतों की नियमित निगरानी करने और पौधों की बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए हैं. विभाग की ओर से सलाह दी गई है कि यदि खेत में कीट से प्रभावित या छिद्रित फलियां नजर आएं, तो उन्हें तुरंत तोड़कर खेत से दूर ले जाकर गहरा गड्ढा खोदकर दबा दें या नष्ट कर दें. शुरुआती चरण में संक्रमित फलियों को हटाने से कीट की वंश वृद्धि रुकती है और प्रकोप आगे नहीं फैलता.

रासायनिक छिड़काव में रखें इन बातों का ध्यानविशेषज्ञों का कहना है कि कीट नियंत्रण के लिए कृषि विभाग द्वारा अनुशंसित कीटनाशकों का ही निर्धारित मात्रा में छिड़काव करना चाहिए. कीटनाशक का प्रयोग करते समय दवा की सही खुराक, पानी की मात्रा और छिड़काव के समय अंतराल का विशेष ध्यान रखें. बिना किसी कृषि सलाहकार की सिफारिश के रासायनिक दवाओं का अत्यधिक इस्तेमाल करने से फसल के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच सकता है. किसानों से अपील की गई है कि वे शुरुआती लक्षण दिखते ही वैज्ञानिक तरीकों से कीट नियंत्रण के उपाय अपनाएं.

About the Authorvicky Rathore

Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…

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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan

First Published :

August 24, 2026, 09:55 IST

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