जिनके भरोसे होगा पंचायत चुनाव, वही नहीं डाल पाएंगे वोट, 3 लाख कर्मचारियों से क्यों छिना वोट का अधिकार?

Last Updated:October 08, 2026, 10:15 IST
Rajasthan Panchayat Chunav: राजस्थान पंचायत चुनाव में करीब 3 लाख सरकारी कर्मचारियों के अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर पाने की स्थिति बन रही है. राजस्थान में 14,403 ग्राम पंचायतों में कुल 45,384 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इन बूथों पर करीब 5.90 लाख कर्मचारी और पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. 4.03 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान करेंगे.पंचायत चुनाव में 5.90 लाख कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, जिनमें करीब 3 लाख कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े हैं. ये कर्मचारी चुनाव ड्यूटी के कारण अपने क्षेत्र के मतदान केंद्र पर नहीं पहुंच पाएंगे. पंचायत चुनाव में मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू होने के कारण ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए पोस्टल बैलेट की सुविधा नहीं है. ऐसे में चुनाव कराने की जिम्मेदारी निभाने वाले कर्मचारी खुद मतदान से वंचित रह सकते हैं. अब सवाल है कि चुनाव आयोग इन कर्मचारियों के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करेगा या करीब 3 लाख वोट पंचायत चुनाव में नहीं पड़ पाएंगे.राजस्थान पंचायत चुनाव में करीब 3 लाख सरकारी कर्मचारियों के अपने मताधिकार से वंचित रह सकते हैं
जयपुर. राजस्थान में पंचायत चुनाव को लेकर गजब का मामला सामने आया है. यह ममला सीधे तौर पर मतदान कर्मियों के मतदान से जुड़ा है. राजस्थान में होने वाले पंचायत चुनाव के दौरान करीब 3 लाख सरकारी कर्मचारियों के वोट नहीं पड़ पाएंगे. ये कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनकर दूसरे मतदाताओं का मतदान तो कराएंगे, लेकिन खुद अपने मताधिकार का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. पंचायत चुनाव में 5.90 लाख कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई जा रही है. इनमें करीब 3 लाख कर्मचारी ग्रामीण इलाकों से जुड़े हैं और पंचायत चुनाव में खुद भी मतदाता हैं. चुनाव ड्यूटी के कारण ये कर्मचारी अपने मतदान केंद्र तक नहीं पहुंच पाएंगे. इसकी मुख्य वजह पंचायत चुनाव की व्यवस्था है.
पंचायत चुनाव में मतदान खत्म होने के तुरंत बाद मतगणना शुरू कर दी जाती है. इसलिए इन चुनावों में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए पोस्टल बैलेट से मतदान की व्यवस्था नहीं है. यानी जो कर्मचारी चुनाव कराने के लिए मतदान केंद्रों पर तैनात रहेंगे, वे अपने गांव या क्षेत्र में वोट डालने नहीं जा पाएंगे. इससे करीब 3 लाख मतदाता अपने मताधिकार से वंचित रह सकते हैं. मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि ये कर्मचारी चुनाव की पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि पंचायत चुनाव में ड्यूटी करने वाले इन कर्मचारियों के मतदान के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था होगी या नहीं.
5.90 लाख कर्मचारी-पुलिसकर्मियों की लगेगी ड्यूटी
राजस्थान में 14,403 ग्राम पंचायतों में कुल 45,384 मतदान केंद्र बनाए गए हैं. इन बूथों पर करीब 5.90 लाख कर्मचारी और पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. 4.03 करोड़ से अधिक मतदाता मतदान करेंगे. पंचायत चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने की इनपर जिम्ममेदारी रहेगी. मतदान केंद्रों पर पीठासीन अधिकारी समेत अन्य कर्मचारी मतदान की पूरी प्रक्रिया संभालेंगे. वहीं पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाएंगे. इनमें करीब 3 लाख कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े हैं. ऐसे में वे पंचायत चुनाव के मतदाता भी हैं, लेकिन चुनाव के दिन उनकी ड्यूटी किसी दूसरे मतदान केंद्र पर लग सकती है. वहीं कर्मचारी संगठनों का कहना है चुनाव में एक-एक वोट का महत्व है. चुनाव कर्मियों को मतदान से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए. इसको लेकर जरूरत पड़ी तो कोर्ट भी जाएंगे.
पोस्टल बैलेट का भी नहीं है विकल्प
पंचायत चुनाव में मतदान और मतगणना के बीच ज्यादा अंतर नहीं होता. मतदान खत्म होते ही मतगणना की प्रक्रिया शुरू कर दी जाती है. इसी वजह से चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मचारियों को अपने मतदान क्षेत्र में जाकर वोट डालने का मौका नहीं मिल पाता. विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तरह पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों के लिए पोस्टल बैलेट की व्यवस्था नहीं है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश वर्मा का कहना है कि सरपंच चुनाव में पोस्टल बैलेट का प्रावधान नहीं है. प्रक्रिया में कम समय रहता है और मतदान के दिन ही परिणाम घोषित होते हैं. इसको लेकर कोई ठोस विकल्प भी नहीं आया है. ऐसे में चुनाव ड्यूटी में लगे ग्रामीण कर्मचारियों के सामने मतदान करने का कोई आसान विकल्प नहीं है. कर्मचारी चुनाव कराने में अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे, लेकिन खुद मतदान नहीं कर पाएंगे. अब अब सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग इन कर्मचारियों के मताधिकार के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करेगा या करीब 3 लाख वोट पंचायत चुनाव में नहीं पड़ पाएंगे.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jaipur,Rajasthan
First Published :
October 08, 2026, 10:15 IST



