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टेस्ट में सबसे ज्यादा उम्र में कप्तानी करने वाले 5 कप्तान, 127 साल से नहीं टूटा विश्व कीर्तिमान

Last Updated:September 19, 2026, 05:01 IST

5 Oldest captains in Test: टेस्ट क्रिकेट के डेढ़ सौ साल के इतिहास में कई दिग्गजों ने उम्र को मात देकर अपनी टीमों की कमान संभाली. पचास वर्ष की उम्र में इंग्लैंड की अगुआई करने वाले डब्ल्यूजी ग्रेस से लेकर गबी एलन, डब्लूआर हैमंड, ऑस्ट्रेलिया के वारेन बार्ड्सले और मॉडर्न दौर में पाकिस्तान के मिस्बाह-उल-हक तक, इन खिलाड़ियों ने साबित किया कि कप्तानी केवल शारीरिक फुर्ती का खेल नहीं, बल्कि अनुभव और मानसिक दृढ़ता का संगम है.टेस्ट में सबसे ज्यादा उम्र में कप्तानी करने वाले 5 कप्तान Zoomटेस्ट इतिहास में किसी ने 45 तो किसी ने 50 की उम्र में की कप्तानी.

नई दिल्ली. क्रिकेट के डेढ़ सौ साल से लंबे इतिहास में कप्तानी एक ऐसा कांटों भरा ताज रही है, जिसे संभालना हर किसी के बस की बात नहीं. जब उम्र ढलने लगती है और शरीर जवाब देने लगता है, तब मैदान पर युवाओं की टोली की अगुआई करना किसी चुनौती से कम नहीं होता. लेकिन टेस्ट क्रिकेट के लंबे सफर में कुछ ऐसे दिग्गज भी रहे, जिन्होंने अपनी उम्र को केवल एक आंकड़ा साबित किया. जब अधिकांश खिलाड़ी संन्यास लेकर घर में आराम फरमाते हैं, तब ये जांबाज पचास और चालीस की उम्र में अपनी-अपनी नेशनल टीमों की कमान संभाल रहे थे.

इस ऐतिहासिक लिस्ट में सबसे पहला और सबसे गौरवशाली नाम आता है आधुनिक क्रिकेट के पितामह कहे जाने वाले इंग्लैंड के डब्ल्यू. जी. ग्रेस (WG. Grace) का. 1 जून 1899 को जब नॉटिंघम के मैदान पर इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें आमने-सामने हुईं, तब ग्रेस की उम्र 50 साल 320 दिन थी. सफेद लंबी दाढ़ी और विशाल शरीर वाले ग्रेस जब मैदान पर टॉस के लिए उतरे, तो उन्होंने टेस्ट क्रिकेट का वह रिकॉर्ड बना दिया जो सवा सौ साल बाद भी कायम है. वे दुनिया के एकमात्र ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्होंने पचास वर्ष की उम्र पार करने के बाद भी किसी टेस्ट मैच में टीम की कप्तानी संभाली. उनके इस मैच को टेस्ट इतिहास के 60वें टेस्ट के रूप में दर्ज किया गया.

एलन ने द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद इंग्लैंड की कमान संभालीग्रेस के इस अभूतपूर्व कीर्तिमान के करीब पांच दशक बाद इंग्लैंड के ही एक और अनुभवी खिलाड़ी ने इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज कराया. वे थे गबी एलन (Gubby Allen). 27 मार्च 1948 को जब किंग्स्टन के मैदान पर इंग्लैंड का सामना वेस्टइंडीज से हुआ, तब एलन 45 साल 245 दिन की उम्र में इंग्लैंड की अगुवाई कर रहे थे. द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद के उस दौर में, अनुभव की कमी से जूझ रही इंग्लैंड टीम को एलन ने अपनी परिपक्वता और नेतृत्व क्षमता से मजबूती दी. यह ऐतिहासिक मुकाबला टेस्ट इतिहास का 298वां मैच था.

हैमंड का जुनून और अनुभव का संगमदिलचस्प बात यह है कि एलन से ठीक एक साल पहले इंग्लैंड की ही कमान एक और महान बल्लेबाज के हाथों में थी. बात 21 मार्च 1947 की है, जब क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में वैली हैमंड (Wally Hammond) ने अपनी टीम का नेतृत्व किया था. 43 साल 279 दिन की उम्र में मैदान पर उतरे वॉली हैमंड का यह मुकाबला टेस्ट नंबर 284 था. अपनी कप्तानी और बेहतरीन बल्लेबाजी के दम पर उन्होंने दर्शाया कि खेल के प्रति जुनून उम्र की बंदिशों को आसानी से लांघ सकता है.

वारेन बार्ड्सले का एशेज का तनावपूर्ण मुकाबला और ऑस्ट्रेलिया का प्रतिनिधित्वइंग्लैंड के इन दिग्गजों के दबदबे के बीच ऑस्ट्रेलिया के एक धुरंधर ने भी इस एलीट क्लब में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. 24 जुलाई 1926 को मैनचेस्टर के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए 166वें टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के वारेन बार्ड्सले (Warren Bardsley) ने कप्तानी की जिम्मेदारी संभाली. उस दिन उनकी उम्र 43 साल 233 दिन थी. एशेज जैसी हाई-वोल्टेज और तनावपूर्ण सीरीज में इतनी परिपक्व उम्र में कप्तानी करना बार्ड्सले के मानसिक संयम और नेतृत्व गुणों का जीता-जागता सबूत था.

मॉडर्न दौर में कप्तानी का मिसाल मिस्बाह-उल-हकपुराने दौर की इस सूची में आधुनिक क्रिकेट का प्रतिनिधित्व किया पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक (Misbah-ul-Haq) ने. मिस्बाह का करियर खुद में एक प्रेरणादायक कहानी रहा है, जिन्होंने अपनी उम्र के ढलान पर पाकिस्तान क्रिकेट को एक नए शिखर पर पहुंचाया. 10 मई 2017 को रोज़ो में वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला गया टेस्ट मैच मिस्बाह के करियर का यादगार पड़ाव बना. 42 साल 351 दिन की उम्र में वे पाकिस्तान टीम के कप्तान के तौर पर मैदान पर उतरे. यह टेस्ट इतिहास का 2261वां मुकाबला था. मिस्बाह ने न सिर्फ कप्तानी की, बल्कि अपनी अनुशासित शैली से युवा टीम को जीत का पाठ पढ़ाया.

About the AuthorKamlesh Raiचीफ सब एडिटर

कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…

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New Delhi,New Delhi,Delhi

First Published :

September 19, 2026, 05:01 IST

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