डिजिटल हुआ व्यापार लेकिन कंप्यूटर-लैपटॉप के दौर में भी नहीं बदली परंपरा, बही-खातों से आज भी बरकरार है नाता

Last Updated:November 06, 2026, 16:45 IST
Bahi Khata Puja: दीपावली पर झुंझुनूं के बाजारों में बही-खातों की खरीदारी बढ़ने लगी है. डिजिटल दौर में जहां व्यापारी कंप्यूटर और लैपटॉप से हिसाब रख रहे हैं, वहीं नई बही खरीदने और उसका पूजन करने की सदियों पुरानी परंपरा आज भी कायम है. खास बात यह है कि अब व्यापारी बही-खातों के साथ कंप्यूटर और लैपटॉप का भी पूजन करने लगे हैं.
झुंझुनूं/ सत्यप्रकाश सोनी. समय के साथ व्यापार करने के तरीके बदल गए हैं, अब दुकानदार कंप्यूटर, लैपटॉप और डिजिटल माध्यमों से अपने व्यापार का हिसाब-किताब रखने लगे हैं. इसके बावजूद वर्षों पुरानी बही-खातों की परंपरा आज भी कायम है. दीपावली के अवसर पर व्यापारी नई बही खरीदकर उनका पूजन करते हैं और नए व्यापारिक साल की शुरुआत करते हैं. झुंझुनूं के बाजारों में भी दीपावली को लेकर बही-खातों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है.
दीपावली व्यापारियों के लिए खास महत्व रखती है, इस दिन व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों में शुभ मुहूर्त के अनुसार लक्ष्मी पूजन के साथ नई बही-खातों का पूजन करते हैं. इसके बाद नई बही में नए साल का हिसाब-किताब लिखना शुरू किया जाता है. व्यापारियों का मानना है कि शुभ मुहूर्त में पूजा करके नए काम की शुरुआत करने से कारोबार में सुख-समृद्धि आती है. बही के साथ कांटा-तराजू और बांट का भी पूजन किया जाता है.
बाजार में कई तरह की बहियां उपलब्ध
दीपावली नजदीक आने के साथ ही बही-खातों की दुकानों पर रौनक बढ़ गई है, बाजार में छोटी से लेकर बड़ी बहियां उपलब्ध हैं. इनके अलग-अलग आकार और डिजाइन भी ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं. छोटे दुकानदार अपनी जरूरत के हिसाब से छोटी बहियां खरीद रहे हैं, वहीं बड़े व्यापारी बड़े आकार की बहियां ले रहे हैं. कई व्यापारी हर साल दीपावली पर नई बही खरीदने की परंपरा निभाते हैं.
अब कंप्यूटर और लैपटॉप का भी होता है पूजन
आज व्यापार का काफी काम कंप्यूटर और लैपटॉप से होने लगा है, ऑनलाइन बिलिंग और डिजिटल भुगतान ने काम को आसान बना दिया है. इसके बाद भी कई व्यापारी बही में हिसाब लिखना पसंद करते हैं, उनका मानना है कि बही-खाता व्यापार का जरूरी हिस्सा है, इसलिए आधुनिक तकनीक के साथ पुरानी परंपरा भी चल रही है. पहले दीपावली पर व्यापारी बही-खातों, कांटा-तराजू और बांट की पूजा करते थे. अब समय के साथ कंप्यूटर और लैपटॉप भी पूजा में शामिल हो गए हैं. जिन व्यापारियों का ज्यादातर काम कंप्यूटर से होता है, वे इन उपकरणों का भी विधि-विधान से पूजन करते हैं.
नई पीढ़ी भी निभा रही परंपरा
युवा व्यापारी भी अपने बुजुर्गों की इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं, वे आधुनिक तकनीक से व्यापार करते हैं, लेकिन दीपावली पर नई बही खरीदना और उसका पूजन करना नहीं भूलते. बही विक्रेता रमेश गाडिया ने बताया कि समय बचाने और काम को आसान बनाने के लिए व्यापारी कंप्यूटर की ओर बढ़े हैं, लेकिन बही-खातों का महत्व आज भी बना हुआ है. छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबारी तक बहियों का उपयोग करते हैं. दीपावली पर नई बही खरीदने और उसका पूजन करने की परंपरा आज भी जारी है. अब व्यापारी बही के साथ कंप्यूटर और लैपटॉप का भी पूजन करने लगे हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Jhunjhunu,Rajasthan
First Published :
November 06, 2026, 16:45 IST



