डॉक्टर की रेटिंग देखकर हो जाते हैं प्रभावित? ऑनलाइन रिव्यू को लेकर एक्सपर्ट ने दी ये सलाह

नई दिल्ली: आज का दौर तकनीक का है. किसी भी तरह की परेशानी होने पर लोग सबसे पहले अपना फोन उठाते हैं और गूगल पर उसके बारे में जानकारी खोजने लगते हैं. खासकर जब बात सेहत की हो, तो लोग बीमारी के लक्षण से लेकर डॉक्टर की योग्यता, अनुभव और मरीजों की राय तक सब कुछ इंटरनेट पर देख लेते हैं. लेकिन इंटरनेट पर दिखाई देने वाली हर जानकारी सही हो, यह जरूरी नहीं है. किसी डॉक्टर की अच्छी रेटिंग का मतलब यह भी नहीं है कि वह डॉक्टर हर मरीज के लिए सही विकल्प ही होगा. इसी मुद्दे पर हमने Doublesure.Health और PeopleApps.AI के संस्थापक शिवम दीक्षित से बात की. उन्होंने बताया कि आज के समय में डॉक्टर चुनते वक्त सिर्फ इंटरनेट पर दिखने वाली रेटिंग या मरीजों की राय के आधार पर फैसला करना ठीक नहीं है.
एक जैसे शब्दों वाले कई रिव्यू से सावधानशिवम दीक्षित के मुताबिक, इंटरनेट पर डॉक्टरों के बारे में लिखी गई हर मरीज की राय असली हो, यह जरूरी नहीं है. कई बार फर्जी राय भी दिखाई दे सकती हैं. अगर किसी डॉक्टर के बारे में कई रिव्यू में बार-बार एक जैसे शब्द लिखे हों, जैसे ‘सबसे अच्छे डॉक्टर’, ‘सबसे अच्छे हृदय रोग विशेषज्ञ’ या ‘सबसे अच्छे हड्डी रोग विशेषज्ञ’, तो मरीज को थोड़ा सावधान हो जाना चाहिए. ऐसी स्थिति में सिर्फ रिव्यू पढ़कर आगे बढ़ने के बजाय उसे लिखने वाले व्यक्ति की प्रोफाइल भी देखी जा सकती है. उसकी पुरानी गतिविधियों और दूसरी राय को देखकर कुछ हद तक अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह वास्तविक व्यक्ति है या सिर्फ किसी डॉक्टर की रेटिंग बढ़ाने के लिए रिव्यू लिख रहा है.
डॉक्टर की योग्यता की जांच कैसे करेंऑनलाइन डॉक्टर खोजते समय उनकी शैक्षणिक योग्यता और अनुभव जरूर देखें. अगर डॉक्टर किसी अस्पताल में काम करते हैं, तो उस अस्पताल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भी जानकारी की पुष्टि की जा सकती है. मसलन, अगर किसी डॉक्टर की जानकारी में लिखा है कि वह किसी खास अस्पताल से जुड़े हैं, तो अस्पताल की आधिकारिक वेबसाइट पर उनका नाम और जानकारी मौजूद है या नहीं, यह जरूर देख लें. किसी एक वेबसाइट पर भरोसा करने के बजाय अलग-अलग भरोसेमंद जगहों से जानकारी मिलाना ज्यादा सही तरीका है.
अलग-अलग जानकारी मिले तो क्या करेंआजकल एआई से भी लोग स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी ले रहे हैं. लेकिन कई बार अलग-अलग जगहों पर एक ही व्यक्ति या विषय के बारे में अलग-अलग जानकारी दिखाई देती है. एआई में गलत या अधूरी जानकारी आने की इस स्थिति को एआई भ्रम कहा जाता है. ऐसे में किसी भी जानकारी को अंतिम सच मानने के बजाय उसके लिए भरोसेमंद और आधिकारिक स्रोत देखना जरूरी है. डॉक्टर की अपनी आधिकारिक वेबसाइट या जिस अस्पताल में वह काम करते हैं, उसकी वेबसाइट इस मामले में मदद कर सकती है.
गूगल पर ऊपर दिखने का मतलबकिसी डॉक्टर का गूगल पर ऊपर दिखाई देना और उसकी चिकित्सा विशेषज्ञता, दोनों अलग बातें हैं. कोई डॉक्टर बहुत अनुभवी और योग्य हो सकता है, लेकिन अगर उसकी इंटरनेट पर मौजूदगी कम है, तो वह गूगल की खोज में ऊपर दिखाई नहीं देगा. यानी गूगल पर अच्छी जगह मिलना सिर्फ इस बात को दिखाता है कि डॉक्टर की इंटरनेट पर मौजूदगी कितनी मजबूत है. इससे डॉक्टर की चिकित्सा क्षमता तय नहीं की जा सकती.
डॉक्टर चुनते समय किन बातों को देखेंअगर आप इंटरनेट पर डॉक्टर खोज रहे हैं, तो सबसे पहले उनकी योग्यता और अनुभव की जानकारी देखें. इसके बाद यह पता करें कि वह किन अस्पतालों या संस्थानों से जुड़े हुए हैं. मरीजों की राय जरूर पढ़ें, लेकिन केवल सितारों वाली रेटिंग देखकर फैसला न करें. राय लिखने वाले लोगों की प्रोफाइल और उनकी दूसरी गतिविधियों को भी देख सकते हैं. इसके साथ ही डॉक्टर की जानकारी अलग-अलग भरोसेमंद स्रोतों पर एक जैसी है या नहीं, यह भी जांचना जरूरी है.
इलाज खुद न शुरू करेंएआई मरीजों को यह समझने में मदद कर सकता है कि उनकी परेशानी के लिए किस तरह के विशेषज्ञ से मिलना चाहिए. कई बार आम लोगों को यह भी नहीं पता होता कि किसी खास बीमारी के लिए किस विशेषज्ञ के पास जाना है. ऐसे में एआई शुरुआती जानकारी देने में मददगार हो सकता है. लेकिन एआई के आधार पर खुद बीमारी तय करना या अपनी मर्जी से दवा लेना सही नहीं है. एआई को केवल जानकारी और सही विशेषज्ञ तक पहुंचने के लिए एक माध्यम की तरह इस्तेमाल करना चाहिए. बीमारी की जांच और इलाज के लिए योग्य डॉक्टर की सलाह जरूरी है.
स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ेगी एआई की भूमिकास्वास्थ्य के क्षेत्र में एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. बीमारी की पहचान, शोध और मरीजों को शुरुआती जानकारी देने जैसे कई क्षेत्रों में इस तकनीक पर काम हो रहा है. शिवम दीक्षित के मुताबिक, आने वाले समय में एआई मरीज और डॉक्टर के बीच जानकारी की दूरी कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है. हालांकि तकनीक कितनी भी आगे बढ़ जाए, स्वास्थ्य से जुड़ा अंतिम फैसला विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही लेना जरूरी रहेगा.



