दवाई डालने के बाद कान में लगाते हैं रुई? डॉक्टर से जानिए क्यों यह आदत छीन सकती है आपकी सुनने की क्षमता

Last Updated:August 24, 2026, 16:14 IST
Ear Infection in Monsoon: मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम के बीच कान के संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. नमी के कारण कान में दर्द, खुजली और सूजन जैसी परेशानी हो सकती है, लेकिन ऐसे समय में लोग खुद से दवा लेने या कान में रुई लगाने जैसी गलतियां कर बैठते हैं. ईएनटी विशेषज्ञ के मुताबिक, कान में दवा डालने के बाद रुई लगाने से हवा का प्रवाह रुक सकता है और संक्रमण बढ़ने का खतरा रहता है. इसके अलावा ईयरबड और तेज आवाज में ईयरफोन का इस्तेमाल भी कानों के लिए परेशानी बढ़ा सकता है.
Ear Infection in Monsoon: मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दिनों मौसम लगातार बदल रहा है. कभी बारिश तो कभी उमस और नमी का असर लोगों की सेहत पर भी दिखाई दे रहा है. वायरल और सर्दी-जुकाम के साथ कान में इंफेक्शन की शिकायतें भी बढ़ रही हैं. ऐसे में कान में थोड़ी भी परेशानी होने पर लोग कई बार खुद ही दवा डालने या रुई लगाने लगते हैं. लेकिन यह तरीका परेशानी को कम करने के बजाय और बढ़ा सकता है. इसी को लेकर लोकल-18 ने नाक, कान और गला रोग विशेषज्ञ डॉ. सुमित उपाध्याय से बात की. आइए जानते हैं डॉक्टर ने इसे लेकर क्या कुछ सावधानियां बरतने को कहा है.
कान में दर्द या खुजली हो तो खुद से दवा न लेंडॉ. सुमित उपाध्याय ने बताया कि इस समय कान में इंफेक्शन के मामले बढ़ रहे हैं. मौसम में नमी होने के कारण कान में संक्रमण होने की संभावना भी बढ़ जाती है. कई लोग कान में दर्द, खुजली या सूजन होने पर मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खुद ही इलाज शुरू कर देते हैं. ऐसा करने से बचना चाहिए. उन्होंने बताया कि कान के इंफेक्शन का कारण अलग-अलग हो सकता है और उसी के हिसाब से दवा दी जाती है. इसलिए अगर कान में दर्द, खुजली, सूजन या किसी तरह की परेशानी हो रही है तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. बिना सलाह के दवा डालने से समस्या बढ़ सकती है.
कान में दवा डालने के बाद रुई लगाने से बचेंडॉ. उपाध्याय के मुताबिक, कई लोगों की आदत होती है कि कान में दवा डालने के बाद रुई लगा देते हैं, ताकि दवा बाहर न निकले. लेकिन ऐसा करना कान के लिए नुकसानदायक हो सकता है. रुई कान के अंदर हवा का रास्ता रोक सकती है. इसके अलावा रुई दवा को अपने अंदर सोख लेती है, जिससे दवा संक्रमण वाली जगह तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाती. कान के अंदर हवा का प्रवाह रुकने से संक्रमण और बढ़ सकता है और परेशानी ज्यादा हो सकती है. इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह के कान में रुई लगाने से बचना चाहिए.
ईयरबड और तेज आवाज से भी कान को नुकसानडॉक्टर ने बताया कि आजकल युवा ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में लोग ईयरबड और हेडफोन का इस्तेमाल करते हैं. लंबे समय तक तेज आवाज में ईयरबड या हेडफोन लगाने से सुनने की क्षमता पर असर पड़ सकता है. खासकर तेज आवाज में लगातार संगीत सुनना कानों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. ईयरबड कान के अंदर लगाने से कान का रास्ता भी बंद रहता है. इसलिए इनका इस्तेमाल सीमित समय और कम आवाज में करना बेहतर है.
बुजुर्गों के साथ युवा भी हो रहे प्रभावितडॉ. सुमित उपाध्याय ने बताया कि कान से जुड़ी समस्याएं अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं हैं. युवा भी कान के इंफेक्शन और सुनने से जुड़ी परेशानियों की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. मौसम में बदलाव के साथ कान में किसी तरह की समस्या होने पर उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. अगर कान में लगातार दर्द, खुजली, सूजन या सुनने में कमी जैसी परेशानी हो रही है तो समय पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है. सबसे जरूरी बात यह है कि कान में खुद से दवा, रुई या कोई दूसरी चीज डालने से बचें.
About the AuthorSeema Nath
Seema Nath is a digital journalist and content creator with 6 years of experience in journalism, including ground reporting, regional news coverage and feature writing. She currently works as a Content Producer…
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Meerut,Uttar Pradesh
First Published :
August 24, 2026, 16:14 IST



