Sariska Tiger Reserve: सरिस्का में बाघिन का दीदार, सामने से गुजरती ST-2302 को देख रोमांचित हुए पर्यटक

Last Updated:October 06, 2026, 17:56 IST
Sariska Tiger Reserve: अलवर के सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन में बाघिन ST-2302 नजर आई. बाला किला के चोड़ की होड़ी–अंधेरी वन क्षेत्र में बाघिन को देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे. सरिस्का में बाघिन और शावकों की मौजूदगी वन्यजीव संरक्षण की सफलता और बढ़ती टाइगर आबादी का संकेत मानी जा रही है.बाघिन ST-2302
अलवर. सरिस्का टाइगर रिजर्व के बफर जोन से वन्यजीव प्रेमियों के लिए रोमांचित करने वाली तस्वीर सामने आई है. अलवर बफर रेंज के चोड़ की होड़ी–अंधेरी वन क्षेत्र में बाघिन ST-2302 नजर आई. बाला किला क्षेत्र के आसपास बाघिन को देखकर वहां मौजूद पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला. जंगल में खुले तौर पर घूमते बाघिन को पर्यटकों ने देखा और इस नजारे का मजा लिया.
जानकारी के अनुसार, बाघिन ST-2302 अलवर बफर रेंज के चोड़ की होड़ी–अंधेरी वन क्षेत्र में दिखाई दी. बाघिन को प्राकृतिक वातावरण में विचरण करते देख पर्यटक रोमांचित हो गए. जंगल सफारी के दौरान वन्यजीव प्रेमियों के लिए बाघ का दीदार हमेशा खास आकर्षण रहता है. ऐसे में बाघिन का नजर आना पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन गया.
बाघिन और शावकों की मौजूदगी से बढ़ा उत्साह
सरिस्का के जंगलों में बाघिनों का प्राकृतिक रूप से प्रजनन करना और शावकों की मौजूदगी वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. बाघिन ST-2302 को शावकों के साथ देखे जाने से पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों में खुशी का माहौल है. जंगल में बाघिन और उसके शावकों की मौजूदगी इस बात का संकेत देती है कि सरिस्का का प्राकृतिक आवास बाघों के लिए अनुकूल बना हुआ है.
लगातार बढ़ रही बाघों की संख्या
सरिस्का टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ समय से बाघों की संख्या में बढ़ोतरी और नए शावकों की मौजूदगी वन्यजीव संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है. बाघों की बढ़ती संख्या से सरिस्का की पहचान देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व के रूप में और मजबूत हो रही है. बाघों के प्राकृतिक रूप से प्रजनन करने से जंगल में उनकी आबादी को बढ़ावा मिल रहा है. सरिस्का के जंगलों में बाघिन और शावकों की मौजूदगी वन्यजीव प्रेमियों के लिए उम्मीद और खुशी का विषय है. बाघिन ST-2302 का बाला किला क्षेत्र के आसपास नजर आना भी पर्यटकों के लिए खास अनुभव रहा. जंगल के प्राकृतिक माहौल में बाघिन को विचरण करते देखना पर्यटकों के लिए किसी रोमांचक पल से कम नहीं था. सरिस्का में लगातार दिखाई दे रहे बाघ और शावक वन्यजीव संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणाम के तौर पर देखे जा रहे हैं.
About the Authorमोनाली पाल
नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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Alwar,Rajasthan
First Published :
October 06, 2026, 17:56 IST



