दादा थे नशे के आदी तो पोता बन गया नंबर 1 का तस्कर, ANTF ने मंदसौर से 2 साल बाद दबोचा

Last Updated:October 06, 2026, 18:42 IST
Rajasthan Drug Smuggler Arrested By ANTF: राजस्थान पुलिस की ANTF ने दो साल से फरार एक लाख रुपये के इनामी नशा तस्कर विश्नाराम जाट को मध्यप्रदेश के मंदसौर से गिरफ्तार किया है. आरोपी पर राजस्थान और हरियाणा में 18 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं. सबसे अजीब तथ्य जो सामने आया है वह यह है कि तस्कर के दादा को नशे की भयानक लत थी. तस्कर भी यह सब बचपन से देखते आया है. जानकारी के अनुसार बचपन के परवरिश की देन है कि वह इतना बड़ा तस्कर बना. जानें क्या है उसकी पूरी कहानी.
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दादा थे नंबर एक के नशेड़ी तो पोता बना सबसे कुख्यात तस्कर
जयपुर. राजस्थान पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स यानी ANTF ने दो साल से फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी नशा तस्कर विश्नाराम जाट को मध्यप्रदेश के मंदसौर से गिरफ्तार किया है. इस मामले में तस्कर के बारे में एक अजीब तथ्य सामने आया है. बताया जा रहा है कि तस्कर के बाबा नंबर एक के नशेड़ी थे. विश्नाराम बचपन से उन्हें देखता आया और इन्हीं सब से वह प्रेरित हो गया. पुलिस के मुताबिक विश्नाराम प्रदेश के टॉप मोस्ट नार्को-25 में शामिल था. उसका नशा तस्करी का नेटवर्क राजस्थान के साथ मध्यप्रदेश और हरियाणा तक फैला हुआ था. आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में 18 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं.
यह कार्रवाई ANTF ने ऑपरेशन मद्वैतेश के तहत की. एएनटीएफ आईजी विकास कुमार ने इसकी जानकारी दी. पुलिस के अनुसार गठन के करीब एक साल के भीतर ANTF की यह 101वीं बड़ी कार्रवाई है. विश्नाराम पर पुलिस मुख्यालय की ओर से एक लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले करीब दो साल से पुलिस की पकड़ से बाहर था.
दादा को थी नशे की लत, पोता तस्करी में उतरा
ANTF आईजी विकास कुमार के मुताबिक 32 साल का विश्नाराम बाड़मेर के कुड़ला, थाना रीको क्षेत्र का रहने वाला है. उसने 12वीं तक पढ़ाई की है. बताया गया कि परिवार में उसके दादा डोडा-पोस्त के नशे के आदी थे. दादा की नशे की लत को देखते हुए विश्नाराम की भी इस धंधे में रुचि बढ़ी. शुरुआत में वह खलासी के रूप में काम करता था. इसी दौरान उसका संपर्क नीमच और मंदसौर के बड़े नशा तस्करों से हुआ. इसके बाद वह मध्यप्रदेश से मादक पदार्थ की खेप लेकर राजस्थान के मारवाड़ इलाके में सप्लाई करने लगा. धीरे-धीरे उसने खुद का नेटवर्क खड़ा कर लिया. पुलिस के अनुसार वह करीब 12 साल से अपराध की दुनिया में सक्रिय था.
राजस्थान में दबाव बढ़ा तो मंदसौर में बदला ठिकाना
राजस्थान में ANTF और दूसरी पुलिस टीमों का दबाव बढ़ने के बाद विश्नाराम ने अपने ठिकाने बदलने शुरू कर दिए. इसके बाद वह मध्यप्रदेश के मंदसौर पहुंच गया. यहां उसने अपनी पहचान छिपाने के लिए खुद को फर्नीचर कारोबारी के तौर पर पेश करना शुरू कर दिया. बाहर से वह सामान्य कारोबारी की तरह रह रहा था, लेकिन ANTF उसकी तलाश में लगी हुई थी. इसी दौरान टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि विश्नाराम मंदसौर में फर्नीचर का काम करवा रहा है और उसने जोधपुर से कुछ कारीगर भी वहां बुलाए हैं.
कारीगरों का पीछा करते हुए आरोपी तक पहुंची टीमसूचना मिलने के बाद ANTF ने जोधपुर से मंदसौर पहुंचे कारीगरों की गतिविधियों पर नजर रखी. टीम उनका पीछा करते हुए मंदसौर जिले के पिपलियामंडी थाना क्षेत्र के उमरिया गांव तक पहुंची. पुलिस के मुताबिक विश्नाराम अपने एक तस्कर साथी के रिश्तेदार के मकान में कारीगरों और कुछ सहयोगियों के साथ मौजूद था. इसी दौरान ANTF की टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दी. बताया गया कि आरोपी उस समय साथियों के साथ नशे की पार्टी कर रहा था. टीम ने अचानक कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया और भागने का मौका नहीं दिया.
राजस्थान से हरियाणा तक दर्ज हैं 18 से ज्यादा केस
विश्नाराम के खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं. पुलिस के अनुसार बाड़मेर के सदर, कोतवाली, महिला थाना, रीको, नागाणा, चौहटन और गिड़ा थानों में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं. इसके अलावा जोधपुर कमिश्नरेट, पाली के सुमेरपुर, प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी और हरियाणा के गुड़गांव स्थित सुशांत लोक थाना क्षेत्र में भी उसके खिलाफ केस दर्ज बताए गए हैं. इन मामलों में एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास, चोरी, धोखाधड़ी और मारपीट जैसी धाराओं में कार्रवाई हुई है. पुलिस के मुताबिक उसके खिलाफ 18 से ज्यादा मामले दर्ज हैं.
101वीं बड़ी कार्रवाई पर ANTF का फोकस
ANTF के गठन के बाद से नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है. विश्नाराम की गिरफ्तारी को इसी अभियान की एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है. एक लाख रुपये के इनामी और लंबे समय से फरार आरोपी के मध्यप्रदेश में छिपे होने के बावजूद उसकी तलाश जारी रखी गई. अब पुलिस आरोपी से उसके नशा तस्करी नेटवर्क, दूसरे साथियों और राजस्थान के बाहर फैले संपर्कों को लेकर पूछताछ करेगी. इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि वह कितने समय से इस नेटवर्क को चला रहा था और उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे.
About the Authorआनंद पाण्डेयContent Producer
आनंद पाण्डेय वर्तमान में हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…
Jaipur,Jaipur,Rajasthan
First Published :
October 06, 2026, 18:42 IST



