पर्दे पर सख्त किरदार निभाने वाले एक्टर असल में थे आर्मी ऑफिसर, 13 साल की देश की सेवा, फिर फिल्मों में आजमाई किस्मत

Last Updated:August 29, 2026, 04:02 IST
बॉलीवु़ड के वो दिवंगत एक्टर जिन्हें आपने हिंदी फिल्मों से लेकर ओटीटी तक लगभग हर जगह एक ही तरह के किरदार में देखा होगा. पर्दे पर ये एक्टर अक्सर सख्स पुलिस अफसर के रोल में दिखते थे लेकिन बहुत कम लोग इस बात से वाकिफ होंगे कि वो असल जिंदगी में भी आर्मी अफसर थे. एक्टर ने 13 साल तक देश की सेवा की थी. एक्टर की आज बर्थ एनिवर्सरी है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड फिल्मों में अक्सर सख्त पुलिस अफसर के रोल में नजर आने वाले वो एक्टर जिन्होंने असल जिंदगी में कई सालों तक देश की सेवा की. ये एक्टर जिसकी आज बात कर रहे हैं वो बिक्रमजीत कंवरपाल थे. वो पर्दे पर अक्सर पुलिस ऑफिसर, आर्मी ऑफिसर या किसी सख्त अधिकारी के रोल में ही नजर आते थे. असल जिंदगी में बिक्रमजीत कंवरपाल भारतीय सेना का हिस्सा रह चुके थे. उन्होंने करीब 13 साल तक देश की सेवा की और मेजर के पद से रिटायर हुए लेकिन उनकी जिंदगी में एक सपना ऐसा था, जिसे उन्होंने कभी छोड़ा नहीं.
आर्मी परिवार में पले-बढ़े होने के बावजूद बिक्रमजीत को बचपन से ही एक्टिंग और फिल्मों का शौक था. सेना की नौकरी के दौरान भी उनके मन में बॉलीवुड में जाने की इच्छा बनी रही. आखिरकार 34 साल की उम्र में उन्होंने इस सपने को पूरा करने का फैसला किया. बिक्रमजीत कंवरपाल का जन्म 29 अगस्त 1968 को हिमाचल प्रदेश के सोलन में हुआ था. वो आर्मी परिवार से ताल्लुक रखते थे.
पिता की तरह की थी देश की सेवा
बिक्रमजीत कंवरपाल के पिता द्वारका नाथ कंवरपाल भी भारतीय सेना में अधिकारी थे और उन्हें 1963 में उनकी बहादुरी के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया था. पढ़ाई के दिनों से ही उन्हें एक्टिंग में काफी दिलचस्पी थी और वह स्कूल के नाटकों में हिस्सा लेते थे. उनके दोस्त उन्हें प्यार से ‘बिज’ या ‘बिजू’ कहकर बुलाते थे.
13 साल आर्मी में थे एक्टर
बिक्रमजीत के दिल में भले ही एक्टिंग का सपना पनप रहा था लेकिन उन्होंने अपने परिवार के नक्शे कदम पर चलते हुए आर्मी में जाने का फैसला किया. बचपन में फिल्मों का सपना देखने वाले बिक्रमजीत ने आगे चलकर 1989 में भारतीय सेना ज्वॉइन कर ली. उन्होंने सेना में करीब 13 साल काम किया. इस दौरान उनकी पोस्टिंग अलग-अलग जगहों पर हुई और वह कारगिल युद्ध का भी हिस्सा रहे.
उनकी बचपन की दोस्त वंदना शाह ने एक इंटरव्यू में बताया था कि कारगिल युद्ध के बाद बिक्रमजीत ने उनसे कहा था कि वह अब फिल्मों में जाना चाहते हैं. उन्होंने कहा था कि ड्यूटी के दौरान उन्होंने मौत को बहुत करीब से देखा है और जिंदगी बहुत छोटी है, इसलिए इंसान को अपने सपने पूरे करने चाहिए. यही सोच उनके बॉलीवुड जाने के फैसले की बड़ी वजह बनी.
रिटायर होकर एक्टिंग में हुए शामिल
आखिरकार सेना से रिटायर होने के बाद बिक्रमजीत ने अपने पुराने सपने का पीछा किया. साल 2002 में मुंबई के खार इलाके में उनकी मुलाकात पूजा भट्ट से हुई और इसके बाद उन्हें फिल्म ‘पाप’ में काम करने का मौका मिला. साल 2003 में रिलीज हुई इस फिल्म से उन्होंने बॉलीवुड में कदम रखा. इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें फिल्मों में कई तरह के रोल मिलने लगे. उनकी लंबी कद-काठी, आवाज और गंभीर अंदाज की वजह से डायरेक्टर्स उन्हें अक्सर पुलिस, सेना, अधिकारी या किसी ताकतवर शख्स के किरदार में पसंद करते थे.
About the AuthorPranjul SinghSub-Editor
From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…
New Delhi,Delhi
First Published :
August 29, 2026, 04:02 IST



