पार्षदों की घेराबंदी पर डोटासरा का बड़ा हमला, बोले- वोट की लूट नहीं चलेगी

Last Updated:September 21, 2026, 08:13 IST
Rajasthan Nagar Nikya Chunav 2026: राजस्थान में नगर निकायों के सभापति और अध्यक्ष पद के चुनाव के बीच कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा और पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. डोटासरा ने दावा किया कि कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय पार्षदों को मतदान से रोकने, उनके ठहरने की जगह से मतदान केंद्र तक पहुंचने में बाधा डालने और दबाव बनाने की शिकायतें सामने आई हैं. उन्होंने हरियाणा बॉर्डर पर पार्षदों को हिरासत में लेने और पूर्व विधायक संदीप यादव को भी हिरासत में लिए जाने का आरोप लगाया. डोटासरा ने कहा कि पुलिस का काम लोकतंत्र की रक्षा करना है, किसी राजनीतिक दल के पक्ष में खड़ा होना नहीं. उन्होंने डीजीपी और प्रशासन से हर निर्वाचित पार्षद को बिना भय और दबाव के मतदान करने देने की अपील की. साथ ही श्रीगंगानगर, नोहर और फतेहपुर में कथित कार्रवाई का जिक्र करते हुए चुनाव प्रक्रिया में प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए.राजस्थान में नगर निकायों के चुनाव के बीच कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा और पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए
जयपुर. राजस्थान में नगर निकायों के सभापति और अध्यक्ष पद के चुनाव के बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने देर रात बड़ा बयान जारी कर भाजपा और पुलिस-प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. डोटासरा ने कहा कि आज नगर निकायों में सभापति और अध्यक्ष पद के चुनाव का महत्वपूर्ण दिन है, लेकिन कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय पार्षदों को मतदान से रोकने की शिकायतें सामने आ रही हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह पार्षदों को उनके ठहरने के स्थान से मतदान केंद्र तक पहुंचने में बाधा डाली जा रही है. कुछ पार्षदों को रोकने, हिरासत में लेने और दबाव बनाने की शिकायतें भी मिली हैं.
डोटासरा ने हरियाणा बॉर्डर पर कांग्रेस समर्थित और निर्दलीय पार्षदों को हिरासत में लिए जाने तथा पूर्व विधायक संदीप यादव को भी हिरासत में लेने का आरोप लगाया. उन्होंने राजस्थान के डीजीपी से पुलिस की भूमिका को लेकर अपील करते हुए कहा कि पुलिस का काम लोकतंत्र की रक्षा करना है, किसी राजनीतिक दल के पक्ष में खड़ा होना नहीं. डोटासरा ने राज्य प्रशासन और निर्वाचन आयोग से यह सुनिश्चित करने की मांग की कि हर निर्वाचित पार्षद बिना भय और दबाव के मतदान कर सके.
आज 21 सितंबर 2026 को नगर निकायों में सभापति और अध्यक्ष पद के चुनाव का महत्वपूर्ण दिन है। लेकिन बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि कांग्रेस और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय पार्षदों को मतदान से रोकने के लिए पुलिस और प्रशासन के दुरुपयोग के मामले सामने आ रहे हैं।



