Health

बढ़े हुए यूरिक एसिड से हैं परेशान? रोज खाएं ये सस्ता फल, मिल सकता है फायदा

Uric Acid: शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ने से जोड़ों में दर्द, सूजन और तेज़ दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं, खासकर पैरों में. यूरिक एसिड तब बनता है जब शरीर ‘प्यूरीन’ नाम के पदार्थों को तोड़ता है और आमतौर पर यह पेशाब के ज़रिए शरीर से बाहर निकल जाता है. अगर इसका लेवल बढ़ जाए, तो गाउट (gout) होने का खतरा बढ़ जाता है.

ऐसे में खान-पान पर ध्यान देना बहुत ज़रूरी है. कुछ फल फायदेमंद हो सकते हैं, चेरी पर हुई स्टडीज़ से पता चला है कि इनके सेवन से गाउट के अटैक का खतरा कम हो सकता है. चेरी में एंथोसायनिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जिनमें सूजन कम करने वाले गुण (anti-inflammatory properties) होते हैं.

चेरी कैसे खाएं?अगर उपलब्ध हो, तो चेरी को ताज़े फल के तौर पर सीमित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल किया जा सकता है. बिना चीनी वाली ताज़ी या फ्रोज़न चेरी बेहतर विकल्प हैं. हालांकि, चेरी का जूस पीते समय सावधानी बरतें, क्योंकि मीठे या ज़्यादा फ्रूट जूस से शरीर में शुगर और फ्रुक्टोज़ का लेवल बढ़ सकता है. गाउट को कंट्रोल करने के लिए फ्रूट जूस कम पीने की सलाह दी जाती है.

सिर्फ़ फलों पर निर्भर न रहेंयह समझना ज़रूरी है कि कोई भी एक फल अचानक बढ़े हुए यूरिक एसिड लेवल को नॉर्मल नहीं कर सकता. खान-पान में बदलाव से गाउट और गाउट के अटैक के जोखिम को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है, लेकिन कई लोगों को यूरिक एसिड लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए मेडिकल सलाह और दवा की ज़रूरत पड़ सकती है.

इसके अलावा, पर्याप्त पानी पीना, हेल्दी वज़न बनाए रखना और रेगुलर फिजिकल एक्टिविटी करना भी ज़रूरी है. रेड मीट, ऑर्गन मीट, कुछ खास तरह के सीफ़ूड, शराब और ज़्यादा फ्रुक्टोज वाले मीठे ड्रिंक्स का सेवन कम करना भी फ़ायदेमंद हो सकता है.

सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp. आपका नाम गोपनीय रखकर हम देंगे जानकारी.

( Disclaimer : इस खबर में दी गई जानकारी और सलाह विशेषज्ञों से हुई बातचीत पर आधारित है. ये सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए किसी भी सलाह को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. किसी भी नुकसान के लिए न्यूज-18 जिम्मेदार नहीं रहेगा.

Source link

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

Uh oh. Looks like you're using an ad blocker.

We charge advertisers instead of our audience. Please whitelist our site to show your support for Nirala Samaj