बांसवाड़ा में आदिवासी महिला से बर्बरता पर बवाल, 7 आरोपी गिरफ्तार, डोटासरा बोले- राजस्थान में ऐसी घटनाएं आम हो गई हैं

बांसवाड़ा. राजस्थान के बांसवाड़ा में आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट और अमानवीय व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद अब यह मामला सियासी मुद्दा भी बन गया है. घटना को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार को घेरा है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बांसवाड़ा की घटना की निंदा करते हुए आरोप लगाया कि राजस्थान में महिलाओं के साथ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और अब बांसवाड़ा जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं. डोटासरा ने कहा कि महिला के साथ जिस तरह का व्यवहार किए जाने का वीडियो सामने आया है, वह बेहद गंभीर और चिंताजनक है.
उन्होंने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. इधर, इस मामले में पुलिस महिला के पति समेत सात लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस के अनुसार घटना 1 सितंबर की है, जबकि वीडियो 4 सितंबर को सामने आया. पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है. घटना को लेकर अब कांग्रेस और सरकार के बीच सियासी बयानबाजी तेज होने के आसार हैं.
बांसवाड़ा की घटना पर कांग्रेस का हमला
बांसवाड़ा में 40 वर्षीय आदिवासी महिला के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले को कांग्रेस ने गंभीर मुद्दा बनाया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने घटना को लेकर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं चिंता बढ़ा रही हैं. डोटासरा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति ऐसी बन गई है कि महिलाओं के साथ बर्बरता की घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने बांसवाड़ा की घटना को शर्मनाक बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.
डोटासरा बोले- ऐसी घटनाएं अब आम हो चुकी हैं
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजस्थान में अब बांसवाड़ा जैसी घटनाएं आम हो चुकी हैं. उन्होंने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार से सवाल किए और कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों में कानून का डर होना जरूरी है. डोटासरा के बयान के बाद यह मामला राजनीतिक तौर पर भी गरमा गया है. कांग्रेस इस घटना को प्रदेश में महिला सुरक्षा और कानून व्यवस्था के मुद्दे से जोड़कर सरकार को घेर रही है.
वीडियो वायरल होने के बाद सामने आया मामला
दरअसल, बांसवाड़ा जिले में एक 40 वर्षीय आदिवासी महिला के साथ कथित तौर पर मारपीट, बदसलूकी और अमानवीय व्यवहार किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का मामला सामने आया था. आरोप है कि महिला को पहले नंगे पैर सड़क पर चलने के लिए मजबूर किया गया और इसके बाद उसके साथ मारपीट की गई. वायरल वीडियो में कुछ लोग महिला के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं. आसपास मौजूद कुछ लोगों पर घटना का वीडियो बनाने का भी आरोप है. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई शुरू की.
पति समेत सात आरोपी गिरफ्तार
बांसवाड़ा पुलिस के मुताबिक मामले में महिला के पति समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का कहना है कि घटना 1 सितंबर की बताई जा रही है, जबकि वीडियो 4 सितंबर को सोशल मीडिया पर सामने आया. महिला को कथित तौर पर उसके पति ने पहले नंगे पैर सड़क पर चलने के लिए मजबूर किया. इसके बाद परिवार के कुछ सदस्यों ने उसके साथ मारपीट और बदसलूकी की. वायरल हुए वीडियो में महिला के साथ कई लोगों के दुर्व्यवहार का दावा किया गया है. वीडियो के एक हिस्से में कुछ लोग महिला को पकड़कर खींचते हुए और डंडों से मारते दिखाई दे रहे हैं. वहीं आसपास मौजूद कुछ लोग तमाशबीन बने नजर आते हैं. इनमें बच्चों के भी मौजूद होने की बात सामने आई है. पुलिस अब वीडियो और घटनाक्रम से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है. शुरुआती जांच में महिला और उसके पति के बीच विवाद की बात भी सामने आई है. हालांकि घटना के पीछे की पूरी वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर जांच जारी है.
वायरल वीडियो की पुलिस कर रही है जांच
पुलिस अधिकारी के मुताबिक मामले की जांच जारी है और वायरल वीडियो की भी पड़ताल की रही है, ताकि घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका स्पष्ट की जा सके. पुलिस इस बात का भी पता लगा रही है कि महिला के साथ कथित दुर्व्यवहार की शुरुआत कैसे हुई और इसके पीछे क्या वजह थी. शुरुआती जांच में महिला और उसके पति के बीच किसी तरह के विवाद की बात सामने आई है. हालांकि घटना के पीछे की पूरी वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है. पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है. घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भी नाराजगी है. घटना का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा बनाते हुए कानून व्यवस्था पर निशाना साधा है. कांग्रेस के हमले के बाद बांसवाड़ा की घटना पर सियासत तेज हो गई है.



