बारिश में पानीपुरी खाते ही गले में चुभने लगे कांटे? ये देसी जुगाड़ राहत तो देगा ही आगे भी कभी नहीं होंगे टॉन्सिलाइटिस!

Throat Pain Remedy: दुनिया में जैसे बड़ी संख्या लोग चाय के दीवाने हैं वैसे ही पानीपुरी खाने वालों की संख्या भी कम नहीं है. फिर चाहे मौसम कोई भी हो इसका नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. लेकिन अगर आप बारिश के मौसम में पानीपुरी खाते हैं तो खाते-खाते अचानक गले में ऐसा महसूस होने लगता है, जैसे कोई बारीक कांटा चुभ गया हो? शुरुआत में लोग इसे सामान्य जलन समझकर पानी पी लेते हैं, लेकिन अगर दर्द निगलने पर ज्यादा महसूस हो या गले में कुछ अटका हुआ लगे, तो इसे नजरअंदाज करना ठीक नहीं है. खासकर तीखा, खट्टा और मसालेदार पानीपुरी का पानी गले की संवेदनशील परत को और परेशान कर सकता है. ऐसे में रसोई में मौजूद कुछ आसान चीजें अस्थायी राहत दे सकती हैं.
हालांकि, एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है हर बार गले में चुभन का मतलब टॉन्सिल होना नहीं होता. इसके पीछे जलन, छोटा खरोंच, संक्रमण या कोई दूसरी वजह भी हो सकती है. इसलिए घरेलू उपाय राहत के लिए हैं, इलाज का विकल्प नहीं.
पानीपुरी के बाद गले में चुभन क्यों होती है?
पानीपुरी का पानी आमतौर पर खट्टा, तीखा और मसालेदार होता है. इमली, नींबू, मिर्च और दूसरे मसाले कुछ लोगों के गले में जलन पैदा कर सकते हैं. अगर पानीपुरी का कुरकुरा हिस्सा खाते समय गले में हल्की खरोंच लग जाए, तो निगलते वक्त कांटा चुभने जैसा एहसास भी हो सकता है.
नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे
ऐसी हल्की जलन या खराश में गुनगुने नमक पानी से गरारे करना एक आसान घरेलू तरीका है. एक गिलास गुनगुने पानी में थोड़ी मात्रा में नमक डालकर गरारे किए जा सकते हैं. पानी बहुत गर्म न हो, वरना जलन बढ़ सकती है. गरारे करने के बाद पानी निगलने के बजाय बाहर निकाल दें.
शहद से मिल सकती है गले को राहत
अगर आपको शहद से एलर्जी नहीं है, तो थोड़ी मात्रा में शहद धीरे-धीरे लेने से गले में आराम महसूस हो सकता है. यह गले को नम रखने में मदद करता है. हालांकि, एक साल से छोटे बच्चों को शहद नहीं देना चाहिए.
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क्या इससे आगे कभी टॉन्सिल नहीं होंगे?
यह दावा सही नहीं है कि पानीपुरी खाने के बाद कोई खास घरेलू नुस्खा करने से भविष्य में टॉन्सिल की समस्या कभी नहीं होगी. टॉन्सिल यानी गले के पीछे मौजूद ऊतक में सूजन कई कारणों से हो सकती है, जिनमें वायरल या बैक्टीरियल संक्रमण शामिल हैं. इसलिए घरेलू उपाय को टॉन्सिल से बचाव की गारंटी मानना सही नहीं होगा.
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर गले में चुभन लगातार बनी रहे, निगलने में काफी परेशानी हो, तेज बुखार आए, सांस लेने में दिक्कत हो या वास्तव में कोई चीज गले में फंसी महसूस हो, तो खुद से उसे निकालने की कोशिश न करें. ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है. खासकर किसी नुकीली चीज के फंसने का संदेह हो तो देरी नहीं करनी चाहिए.



