भरतपुर में सरपंच बनने की चाह में अनोखा प्रचार, वोट के लिए जमीन पर लेटे प्रत्याशी, गांव की दंडवत परिक्रमा कर मांग रहे समर्थन

Last Updated:November 04, 2026, 11:32 IST
Bharatpur Sarpanch Election Campaign: राजस्थान के भरतपुर जिले में सरपंची चुनाव से पहले प्रत्याशियों के अनोखे प्रचार का माहौल बना हुआ है. ग्राम पंचायत सलाबाद, अवार और रूपवास सहित कई गांवों में सरपंच पद के दावेदार वोटरों को रिझाने के लिए पूरे गांव की दंडवत परिक्रमा कर रहे हैं. जमीन पर लेटकर दंडवत करते हुए प्रत्याशी हर गली तक पहुँच रहे हैं, जो ग्रामीणों के बीच आकर्षण और चर्चा का केंद्र बना हुआ है. ग्रामीण इसे आस्था व प्रचार का नया जरिया मान रहे हैं.
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Bharatpur: राजस्थान में सरपंची चुनाव की सुगबुगाहट तेज होते ही ग्रामीण अंचलों में चुनावी माहौल पूरी तरह से गर्मा गया है. चुनाव की तारीखों से पहले ही सरपंच पद के संभावित दावेदार मतदाताओं को अपने पक्ष में गोलबंद करने के लिए तरह-तरह के अनोखे और लुभावने तरीके अपना रहे हैं. जहां कुछ प्रत्याशी परंपरागत तरीके से घर-घर जाकर ग्रामीणों से सीधा संपर्क साध रहे हैं, वहीं कुछ दावेदार गांव की दंडवत परिक्रमा कर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचने में जी-जान से जुटे हैं. इन दिनों भरतपुर और आसपास के कई गांवों में प्रत्याशियों का यह अनूठा अंदाज भारी चर्चा का विषय बना हुआ है.
सरपंच पद के कई दावेदार पूरे गांव की सीमाओं और गलियों में दंडवत परिक्रमा कर रहे हैं. इस प्रक्रिया में प्रत्याशी जमीन पर लेटकर दंडवत प्रणाम करते हुए एक स्थान से दूसरे स्थान तक आगे बढ़ते हैं और इसी प्रकार चरणबद्ध तरीके से पूरे गांव की परिक्रमा संपन्न करते हैं. प्रत्याशियों का यह अनूठा तरीका ग्रामीणों के बीच कौतूहल और आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है. गांव की तंग गलियों और चौपालों से गुजरते हुए वे दंडवत स्थिति में ही लोगों से समर्थन और आशीर्वाद की अपील भी कर रहे हैं.
सलाबाद, अवार और रूपवास के प्रत्याशी बने चर्चा का विषयइसी कड़ी में भरतपुर जिले की ग्राम पंचायत सलाबाद और ग्राम पंचायत अवार के सरपंच प्रत्याशी अपनी दंडवत परिक्रमा को लेकर विशेष रूप से सुर्खियों में आ गए हैं. इनके अलावा आसपास की कई अन्य ग्राम पंचायतों में भी सरपंच पद के दावेदार इसी राह पर चलते दिखाई दे रहे हैं. वहीं रूपवास क्षेत्र में भी सरपंच पद के कई दावेदार पूरे गांव की दंडवत परिक्रमा करते नजर आ रहे हैं. प्रत्याशी इस अनूठे प्रयोग के जरिए गांव के हर एक मजरे और नुक्कड़ तक पहुँचकर मतदाताओं के बीच अपनी अमिट पहचान बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं.
आस्था और प्रचार के बीच उलझे ग्रामीण, नतीजे पर टिकी नजरेंचुनाव से पहले प्रत्याशियों के इस अनोखे रंग-रूप को ग्रामीण बेहद उत्सुकता से देख रहे हैं. गांव के बड़े-बुजुर्ग जहां इसे प्रत्याशी की धार्मिक निष्ठा और आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं युवाओं का मानना है कि यह चुनावी प्रचार का एक हटकर और प्रभावशाली जरिया है. सरपंची चुनाव से ठीक पहले गांवों में चल रही ये सांस्कृतिक व राजनीतिक गतिविधियां हर किसी की जुबान पर हैं. अब देखना यह दिलचस्प होगा कि प्रत्याशियों का यह दंडवत अंदाज उन्हें मतपेटी में कितना फायदा पहुँचा पाता है और मतदाता किसे अपना सरपंच चुनते हैं.
About the Authorvicky Rathore
Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Bharatpur,Bharatpur,Rajasthan
First Published :
November 04, 2026, 11:29 IST



