भाई के लिए धड़का बहन का दिल, 13 घंटे के मैराथन ऑपरेशन में चचेरी बहन बनी जीवनदाता

Last Updated:August 30, 2026, 22:24 IST
Pali hindi News: त्याग और निस्वार्थ प्रेम की असली मिसाल राजस्थान के पाली जिले के खिंवाड़ा गांव में देखने को मिली. वहां की हितेशी राठौड़ ने अपने चचेरे भाई गजराज सिंह की गंभीर बीमारी में जान बचाने के लिए अपने लीवर का हिस्सा डोनेट कर दिया. हितेशी के इस साहस और समर्पण ने साबित कर दिया कि सच्चे रिश्ते मुश्किल वक्त में एक-दूसरे की ढाल बनकर जीवनदान देते हैं.
राजस्थान के पाली जिले में आने वाले सुमेरपुर के खिवाड़ा गांव से भाई-बहन के अटूट प्रेम और समर्पण की एक अनोखी मिसाल सामने आई है. खिंवाड़ा ठिकाणा के रहने वाले गजराज सिंह पुत्र स्व. राजेन्द्रसिंह के अचानक बीमार पड़ने पर जब डॉक्टरों ने जांच की, तो उनका लीवर खराब होने की बात पता चली. डॉक्टरों ने गजराज की जान बचाने के लिए तुरंत लीवर ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी, जिसके बाद पूरे परिवार पर संकट के बादल छा गए.
भाई की गंभीर स्थिति और लीवर ट्रांसप्लांट की जरूरत की बात जब उनकी चचेरी बहन हितेशी राठौड़ पुत्री कुलदीपसिंह को पता चली, तो उन्होंने बिना एक पल गंवाए अपने लीवर का हिस्सा डोनेट करने का साहसिक फैसला लिया. एक संयुक्त परिवार में रहने वाली हितेशी ने शादी नहीं की है और उनके पांच भाई-बहन हैं, जबकि गजराज सिंह की इकलौती बहन की शादी हो चुकी है. हितेशी के इस फैसले ने परिवार को एक नई उम्मीद दी.
अहमदाबाद के शैल्बी हॉस्पिटल में 27 मार्च 2026 को डॉक्टर की टीम ने यह जटिल ऑपरेशन शुरू किया. करीब साढ़े 13 घंटे तक चली इस लंबी सर्जरी के बाद हितेशी के लीवर का हिस्सा गजराज सिंह में सफलतापूर्वक ट्रांसप्लांट कर दिया गया. दोनों भाई-बहन की मजबूत इच्छाशक्ति और मेडिकल टीम की मेहनत से यह सर्जरी पूरी तरह सफल रही.
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हितेशी खुद फिटनेस को लेकर काफी जागरूक हैं और कई मैराथन में हिस्सा ले चुकी हैं. अपनी इसी सेहतमंद जीवनशैली के कारण वे इतनी बड़ी सर्जरी के लिए शारीरिक रूप से तैयार हो सकीं. सर्जरी के बाद लीवर में संक्रमण की आशंका को देखते हुए हितेशी डॉक्टरों की सलाह पर विशेष सावधानी बरत रही हैं, क्योंकि चिकित्सकों के अनुसार इस प्रक्रिया के बाद करीब एक साल तक सेहत का खास ख्याल रखना पड़ता है.
ऑपरेशन के करीब पांच महीने बीत जाने के बाद अब दोनों भाई-बहन पूरी तरह स्वस्थ और सामान्य जीवन जी रहे हैं. भाई-बहन का रिश्ता सिर्फ राखी बांधने या उपहार देने तक सीमित नहीं होता, हितेशी ने अपने शरीर का हिस्सा देकर इस रिश्ते की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसमें राखी की डोर से कहीं मजबूत प्रेम, त्याग और समर्पण दिखाई देता है.
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August 30, 2026, 22:23 IST



