भीलवाड़ा का अनोखा और प्राचीन तेजाजी मंदिर, पूरे मेवाड़ से दर्शन करने पहुंचते हैं श्रद्धालु, जानें खासियत

Last Updated:September 21, 2026, 21:49 IST
Tejaji Temple Bhilwara: भीलवाड़ा का प्रसिद्ध तेजाजी मंदिर अपनी प्राचीनता और अनोखी पहचान के लिए श्रद्धालुओं के बीच खास आस्था का केंद्र माना जाता है. यहां केवल भीलवाड़ा ही नहीं, बल्कि पूरे मेवाड़ और राजस्थान के अलग-अलग क्षेत्रों से भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं. वीर तेजाजी महाराज के प्रति श्रद्धा रखने वाले श्रद्धालु मंदिर में पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. धार्मिक महत्व के चलते यह स्थान स्थानीय लोगों और पर्यटकों को आकर्षित करता है.
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भीलवाड़ा – भीलवाड़ा शहर के तेजाजी चौक में स्थित तेजाजी महाराज का मंदिर अपने आप में बहुत प्राचीन और ख़ास हैं. इस मंदिर की सबसे बड़ी खास बात यह है कि यहां पर भीलवाड़ा शहर जिला ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश भर से श्रद्धालु दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं मान्यता है कि सर्प के रूप में यहां पर तेजाजी महाराज श्रद्धालुओं को दर्शन देते हैं इतना ही नहीं यह मंदिर भीलवाड़ा के स्थापना होने से पहले से ही बसा हुआ है. वह यहां पर पुराने समय में एक परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी पूजा करते हुए आ रहा है. खास बात यह है कि यहां पर तेजाजी का भव्य मेले का भी आयोजन होता है.
लोक देवता वीर तेजाजी महाराज की स्मृति में मनाया जाने वाला तेजा दशमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया. इसी के तहत भीलवाड़ा प्रसिद्ध तेजाजी के मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. श्रद्धालुओं ने मंदिर में पूजा-अर्चना कर तेजाजी महाराज के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की. बड़ी संख्या में महिला-पुरुष और बच्चे तेजाजी महाराज के दर्शन के लिए पहुंचे. मान्यता है कि अगर किसी को कोई जहरीला जीव काट ले तो तेजाजी महाराज के नाम का धागा बांधने और उनके दर्शन करने से उसे व्यक्ति को काफी आराम मिलता है. साथ ही चर्म रोग जैसी समस्याओं से भी निजात मिलती है. श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार प्रसाद चढ़ाया और धोक लगाकर मन्नतें मांगीं. साथ ही यहां पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन भी किया जाता है.
भगवान तेजाजी महाराज को भोग अर्पित कर रहेमंदिर पुजारी बालू राम जाट ने लॉकल18 से खासबात करते हुए कि यह मंदिर जब से है जब भीलवाड़ा के बसने की शुरुआत हुई थी यह मंदिर काफी चमत्कारी है और हर साल तेजा दशमी पर यहां पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया जाता है. सुबह से ही यहां पर भक्तों की भीड़ लगी हुई है. इस मंदिर की मान्यता है कि अगर किसी को भी सांप या कोई अन्य जहरीला जीव काट ले तो भगवान तेजाजी महाराज के प्रसाद चढ़ाने में उनके नाम का धागा बांधने से मात्र से ही उसकी कासन का निवारण होने लगता है. साथ ही चर्म रोग भी खत्म हो जाता है. आज दसवीं का उपवास करने वाले लोग भी यहां आ रहे हैं और भगवान तेजाजी महाराज को भोग अर्पित कर रहे हैं.
About the AuthorJagriti Dubey
मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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Bhilwara,Rajasthan
First Published :
September 21, 2026, 21:49 IST



