मां का आखिरी वोट, बेटे की एक वोट से जीत, नदबई का नतीजा आंखें नम कर देगा

Last Updated:September 15, 2026, 10:57 IST
Bharatpur Nikay Chunav Intresting Result: भरतपुर की नदबई नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 का चुनाव परिणाम बेहद करीबी मुकाबले और भावुक कहानी के चलते चर्चा में है. यहां निर्दलीय प्रत्याशी जगदीश प्रसाद ने भाजपा के रामशरण को महज एक वोट से हरा दिया. मतगणना में जगदीश को 151 वोट मिले, जबकि रामशरण को 150 वोट हासिल हुए. यानी एक वोट ने पूरी बाजी पलट दी. इस जीत के साथ एक मार्मिक संयोग भी जुड़ा है. बताया जा रहा है कि जगदीश प्रसाद की मां ने मतदान के दिन अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था और अगले ही दिन उनका निधन हो गया. ऐसे में बेटे की एक वोट से हुई जीत और मां के आखिरी मतदान की चर्चा पूरे क्षेत्र में भावुकता के साथ हो रही है. परिवार के लिए यह परिणाम अब जीत की खुशी के साथ मां की आखिरी याद से भी जुड़ गया हैभरतपुर की नदबई नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 का चुनाव परिणाम भावुक कहानी के चलते चर्चा में है
भरतपुर. राजस्थान के निकाय चुनाव में कई नतीजे ऐसे सामने आए हैं, जिन्होंने राजनीतिक समीकरणों से ज्यादा अपनी कहानी से लोगों का ध्यान खींचा है. भरतपुर जिले की नदबई नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 का परिणाम भी ऐसी ही एक कहानी है, जहां जीत और हार के बीच सिर्फ एक वोट का अंतर रहा. निर्दलीय प्रत्याशी जगदीश प्रसाद ने भाजपा प्रत्याशी रामशरण को महज एक वोट से हराकर चुनाव जीत लिया. मतगणना में जगदीश प्रसाद को 151 वोट मिले, जबकि रामशरण के खाते में 150 वोट आए. यानी 151 बनाम 150 के इस मुकाबले में सिर्फ एक मत ने चुनाव का पूरा परिणाम बदल दिया.
लेकिन इस जीत की कहानी सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं है. जगदीश प्रसाद की इस बेहद करीबी जीत के साथ उनकी मां की एक भावुक याद भी जुड़ गई है. बताया जा रहा है कि उनकी मां ने मतदान के दिन अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था. मतदान के अगले ही दिन उनका निधन हो गया. ऐसे में परिवार के लिए बेटे की एक वोट से हुई जीत खुशी के साथ गहरे दुख और भावनाओं से भी जुड़ गई.
एक वोट ने बदल दी पूरी बाजी
नदबई के वार्ड 6 में चुनावी मुकाबला शुरू से ही करीबी माना जा रहा था, लेकिन मतगणना के बाद सामने आया परिणाम बेहद चौंकाने वाला रहा. एक-एक वोट की गिनती के साथ प्रत्याशियों और समर्थकों की धड़कनें बढ़ती रहीं. जब अंतिम आंकड़ा सामने आया तो निर्दलीय जगदीश प्रसाद 151 वोट के साथ विजेता बने, जबकि भाजपा प्रत्याशी रामशरण को 150 वोट मिले. दोनों के बीच सिर्फ एक वोट का अंतर रहा. यह ऐसा अंतर है, जिसमें एक मत भी परिणाम को पलट सकता था.
जीत के साथ घर में छाया मातम
जगदीश प्रसाद के लिए यह जीत उस समय और भावुक हो गई, जब मतदान के अगले ही दिन उनकी मां का निधन हो गया. मतदान के दिन उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था. इसके अगले दिन परिवार में मातम छा गया. एक तरफ चुनाव परिणाम में बेटे की जीत की खबर आई, दूसरी तरफ मां के निधन का गम परिवार को तोड़ गया.
मां के आखिरी वोट की चर्चा
अब इस चुनाव परिणाम को मां के उस आखिरी वोट से जोड़कर भी देखा जा रहा है. जगदीश की जीत का अंतर महज एक वोट रहा, जबकि उनकी मां ने मतदान के दिन अपना वोट डाला था. ऐसे में स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भावुकता के साथ हो रही है कि मां का डाला वोट बेटे की जीत में निर्णायक साबित हुआ. हालांकि किस मतदाता ने किस प्रत्याशी को वोट दिया, यह मतदान की गोपनीयता के कारण सार्वजनिक तौर पर नहीं कहा जा सकता. लेकिन परिवार और स्थानीय लोगों के लिए यह संयोग इस जीत को हमेशा के लिए एक भावुक याद से जोड़ गया है. 151 और 150 के बीच का यह अंतर सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक ऐसी कहानी बन गया है, जिसमें चुनावी रोमांच के साथ जीत की खुशी और अपनों को खोने का गहरा दुख भी शामिल है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Bharatpur,Rajasthan
First Published :
September 15, 2026, 10:57 IST



