माइन क्लीयरेंस से टैंक तालमेल तक, सुदर्शन चक्र कोर की ब्रिगेड ने दिखाया दम

Last Updated:October 20, 2026, 13:44 IST
Indian Army Sudarshan Chakra Corps Exercise: भारतीय सेना की सुदर्शन चक्र कोर की ब्रिगेड ने 19 अक्टूबर को एक सप्ताह का फील्ड ट्रेनिंग अभ्यास पूरा किया. इस युद्धाभ्यास में जवानों ने कठिन परिस्थितियों में माइनफील्ड बिछाने व साफ करने, अस्थायी पुल बनाने तथा टैंकों व बख्तरबंद वाहनों के साथ तालमेल का अभ्यास किया. कॉम्बैट इंजीनियरिंग पर केंद्रित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सेना की आवाजाही और युद्ध क्षमता मजबूत करना था. वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों के जज्बे की सराहना की और “ट्रेन हार्ड, एम ट्रू, स्टे बैटल रेडी” का संदेश दिया.
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Sudarshan Chakra Corps Exercise: भारतीय सेना की सुदर्शन चक्र कोर ब्रिगेड का अभ्यास संपन्न, दिखाई कॉम्बैट ताकत
Sudarshan Chakra Corps Exercise: भारतीय सेना की सुदर्शन चक्र कोर के तहत कार्य करने वाली एक ब्रिगेड ने कठिन और विषम परिस्थितियों में एक सप्ताह तक चला अपना गहन फील्ड ट्रेनिंग अभ्यास 19 अक्टूबर की शाम को सफलतापूर्वक पूरा किया. इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारतीय जवानों की युद्धक तैयारी, तकनीकी कौशल, उच्च स्तरीय तालमेल और कॉम्बैट इंजीनियरिंग क्षमताओं को और अधिक मजबूत बनाना था. यह अभ्यास थल सेना के जवानों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और वास्तविक युद्ध क्षेत्र में निर्णायक बढ़त हासिल करने में बेहद मददगार साबित होगा.
इस ट्रेनिंग का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु कॉम्बैट इंजीनियरिंग और उन्नत फील्ड क्राफ्ट पर रहा. अभ्यास के दौरान सेना के जवानों ने युद्ध जैसे वास्तविक माहौल में बारूदी सुरंगें (माइनफील्ड) बिछाने और उन्हें सुरक्षित तथा त्वरित तरीके से हटाने के लिए माइन क्लीयरेंस ऑपरेशन का सघन अभ्यास किया. इसके अलावा, रास्ते में आने वाली प्राकृतिक एवं कृत्रिम बाधाओं को पार करने के लिए बेहद कम समय में अस्थायी पुल और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया.
टैंकों व बख्तरबंद गाड़ियों के साथ बेहतरीन रणनीतिक तालमेलअभ्यास के दौरान कठिन और दुर्गम इलाकों में भारतीय सेना की निर्बाध आवाजाही बनाए रखने पर विशेष बल दिया गया. जवानों ने बख्तरबंद गाड़ियों और मुख्य युद्धक टैंकों के साथ रणनीतिक समन्वय स्थापित करते हुए जटिल कॉम्बैट ऑपरेशन्स को अंजाम देने का कौशल प्रदर्शित किया. युद्ध जैसी विपरीत परिस्थितियों में उत्पन्न होने वाली विभिन्न सामरिक चुनौतियों से निपटने और त्वरित जवाबी कार्रवाई करने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया.
“ट्रेन हार्ड, एम ट्रू, स्टे बैटल रेडी” के मंत्र के साथ सराहनायुद्धाभ्यास के सफल समापन के अवसर पर भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेने वाले जवानों के असाधारण जज्बे, अनुशासन और प्रोफेशनल अप्रोच की जमकर तारीफ की. ब्रिगेड ने “ट्रेन हार्ड, एम ट्रू, स्टे बैटल रेडी” के मूल मंत्र को दोहराते हुए देश को आश्वस्त किया कि भारतीय सेना सीमा सुरक्षा और किसी भी रणनीतिक ऑपरेशन के लिए हर क्षण पूरी तरह तैयार है.
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Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…
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Jaisalmer,Jaisalmer,Rajasthan
First Published :
October 20, 2026, 13:42 IST



