मानसून की विदाई का काउंटडाउन शुरू, राजस्थान के 34 जिलों में आज बारिश, आंधी-बिजली का अलर्ट

जयपुर. राजस्थान में मानसून की विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर सक्रिय है. प्रदेश में मंगलवार यानी 15 सितंबर को पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कई जिलों में बारिश के साथ मेघगर्जन और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है. आईएमडी ने 15 सितंबर के लिए करौली, दौसा, भरतपुर, टोंक, पाली, बाड़मेर, सवाई माधोपुर, कोटा, चूरू, धौलपुर, जयपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और डूंगरपुर में भारी बारिश की संभावना जताई है. इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ स्थानों पर झोंकों की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान में कई जगह बारिश हुई है और इसका असर जारी रहने के आसार हैं.
आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और उससे सटे उत्तर गुजरात के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र अब दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान, कच्छ और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान के ऊपर है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है. मानसून ट्रफ भी इस सिस्टम के केंद्र से होकर राजगढ़, दमोह, पेंड्रा रोड, राउरकेला और दीघा होते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है. एक अन्य ट्रफ दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान से मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए झारखंड तक फैली है. इसके अलावा मध्य क्षोभमंडल में पश्चिमी विक्षोभ की ट्रफ भी सक्रिय है.
15 सितंबर को राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का जोर रहेगा और पूर्वी व दक्षिणी जिलों में मेघगर्जन के साथ तेज बारिश होने की संभावना है.
दक्षिण राजस्थान में सिस्टम का ज्यादा असर
आईएमडी के मुताबिक अगले दो-तीन दिनों में इस मौसम प्रणाली का सबसे ज्यादा असर दक्षिण राजस्थान के जिलों में रहने की संभावना है. 15 और 16 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. उदयपुर संभाग और आसपास के जिलों में कुछ स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश के दौर बन सकते हैं. अजमेर, अलवर, ब्यावर, भरतपुर , भीलवाड़ा, दौसा, डीग, धौलपुर, डूंगरपुर, जयपुर, झुंझुनं, करौली, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली बहरोड़, राजसमंद, सलूम्बर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर में सुबह से बादल और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. दोपहर बाद गरज-चमक वाले बादल बनने और शाम तक बारिश का जोर बढ़ने की संभावना है. कोटा संभाग में भी कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ में बारिश के दौर बन सकते हैं. दोपहर से शाम के बीच गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं. वहीं जयपुर, दौसा, अलवर, भरतपुर, डीग, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर में भी अलग-अलग स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं तेज बारिश हो सकती है.
पश्चिमी राजस्थान में भी बारिश और तेज हवा
पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा. जोधपुर संभाग के जिलों में 15 से 16 सितंबर तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. बालोतरा, बाड़मेर, जालोर, जोधपुर, नागौर और पाली में मेघगर्जन के साथ बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. जैसलमेर में प्रदेश का सबसे अधिक 40.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है. बीकानेर संभाग में भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश के आसार हैं. उत्तरी राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं में भी दोपहर बाद गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है.
करौली, दौसा, भरतपुर, टोंक, पाली, बाड़मेर, सवाई माधोपुर, कोटा, चूरू, धौलपुर, जयपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और डूंगरपुर में भारी बारिश का अलर्ट दिया है.
16-18 सितंबर तक बना रहेगा असर
राजस्थान में 16 सितंबर तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है. पूर्वी राजस्थान में 17 सितंबर तक और पश्चिमी राजस्थान में 16 सितंबर तक 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की चेतावनी है. 16 सितंबर को भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झालावाड़, कोटा, राजसमंद, प्रतापगढ़, सिरोही, उदयपुर, बाड़मेर, पाली और जालोर में येलो अलर्ट के तहत बारिश और मेघगर्जन की संभावना है. 17-18 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी से आने वाली मौसम प्रणाली और स्थानीय परिस्थितियों में बदलाव का असर देखने को मिल सकता है. पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर समेत कई हिस्सों में बारिश के नए दौर बन सकते हैं. हालांकि इस अवधि में सभी जिलों में समान बारिश होने की संभावना नहीं है.
पूर्वी राजस्थान में 17 सितंबर तक बारिश के आसार
• 15 सितंबर को राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का जोर रहेगा और पूर्वी व दक्षिणी जिलों में मेघगर्जन के साथ तेज बारिश होने की संभावना है.
• आईएमडी ने करौली, दौसा, भरतपुर, टोंक, पाली, बाड़मेर, सवाई माधोपुर, कोटा, चूरू, धौलपुर, जयपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और डूंगरपुर में भारी बारिश का अलर्ट दिया है.
• बारिश के दौरान राजस्थान के कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जबकि कुछ जगह रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
• दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान, कच्छ और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में बारिश को प्रभावित कर रहा है.
• इस सिस्टम से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है और ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुका हुआ है.
• मानसून ट्रफ निम्न दबाव क्षेत्र के केंद्र से होकर राजगढ़, दमोह, पेंड्रा रोड, राउरकेला और दीघा होते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है.
बारिश के दौरान राजस्थान के कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं
• उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ में सुबह से बादल और बारिश की गतिविधियां रह सकती हैं तथा दोपहर बाद गरज-चमक बढ़ने के आसार हैं.
• जोधपुर संभाग में 14 से 16 सितंबर तक कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है, जबकि बालोतरा, बाड़मेर, जालोर, जोधपुर और पाली में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है.
• पूर्वी राजस्थान में 17 सितंबर तक और पश्चिमी राजस्थान में 16 सितंबर तक गरज-चमक के साथ 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं का असर रहने की चेतावनी है.
• आईएमडी के अनुसार 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी शुरू होने की परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं.
19 सितंबर से मानसून की विदाई के संकेत
बारिश के बीच राजस्थान में मानसून की विदाई के संकेत भी मिलने लगे हैं. आईएमडी के अनुसार परिस्थितियां दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए अनुकूल हो रही हैं और 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई शुरू हो सकती है. यानी अगले कुछ दिन प्रदेश में बारिश के लिहाज से सक्रिय रहने के बाद पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी का सिलसिला शुरू होने की संभावना है. हालांकि मानसून की वापसी की तारीख और क्षेत्र मौसम प्रणालियों की आगामी स्थिति पर निर्भर करेंगे.
उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़ में सुबह से बादल और बारिश की गतिविधियां रह सकती हैं
15 सितंबर को राजस्थान में मौसम कैसा रहेगा?
15 सितंबर को राजस्थान के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा. पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान में बारिश के दौर बन सकते हैं. करौली, दौसा, भरतपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, कोटा, जयपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और डूंगरपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है. बारिश के दौरान मेघगर्जन, बिजली गिरने और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है. पश्चिमी राजस्थान में भी कुछ स्थानों पर बारिश होगी.
राजस्थान के किन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है?
आईएमडी ने 15 सितंबर को करौली, दौसा, भरतपुर, टोंक, पाली, बाड़मेर, सवाई माधोपुर, कोटा, चूरू, धौलपुर, जयपुर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और डूंगरपुर में भारी बारिश की संभावना जताई है. इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं और मेघगर्जन हो सकता है. दक्षिणी राजस्थान में मौसम प्रणाली का असर अपेक्षाकृत ज्यादा रहने की संभावना है. स्थानीय स्तर पर कुछ स्थानों पर बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है.
राजस्थान में बारिश का यह दौर क्यों आया है?
राजस्थान में बारिश के पीछे दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान, कच्छ और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी पाकिस्तान के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र प्रमुख कारण है. इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला है. मानसून ट्रफ भी इस सिस्टम के केंद्र से होकर गुजर रही है. इसके अलावा एक अन्य ट्रफ मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए झारखंड तक बनी है, जिससे मौसम गतिविधियों को अतिरिक्त मजबूती मिल रही है.
राजस्थान में मानसून की विदाई कब शुरू हो सकती है?
आईएमडी के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अब अनुकूल होने लगी हैं. राजस्थान में करीब 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से मानसून की विदाई शुरू हो सकती है. हालांकि मानसून की वापसी मौसम प्रणालियों की आगामी स्थिति पर निर्भर करेगी. फिलहाल 15 से 18 सितंबर के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां कई हिस्सों में जारी रहने की संभावना है. इसके बाद बदलाव दिख सकता है.
15 सितंबर को तेज हवाओं की रफ्तार कितनी रह सकती है?
15 सितंबर को बारिश और मेघगर्जन के दौरान राजस्थान के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं. कुछ स्थानों पर हवा के झोंकों की अधिकतम रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है. पूर्वी राजस्थान में 14 से 17 सितंबर तक और पश्चिमी राजस्थान में 16 सितंबर तक तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा बना रह सकता है.



