रक्षाबंधन पर भाई ने बहन को दिया अनोखा तोहफा, जुड़वा बेटों की खुशी में कर रहे दंडवत यात्रा

Last Updated:August 28, 2026, 06:40 IST
Brother’s Unique Gift on Raksha Bandhan: रक्षाबंधन पर भाई-बहन के प्रेम की एक अनोखी कहानी सामने आई है. गुजरात के रामसन निवासी गमना भाई मालवी अपनी बहन की वर्षों पुरानी मनोकामना पूरी होने पर गुजरात से बाबा रामदेव की नगरी रामदेवरा तक दंडवत यात्रा कर रहे हैं. गमना भाई के मुताबिक उनकी बहन लंबे समय से निःसंतान थीं. करीब 20-25 साल पहले उन्होंने बहन के लिए संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर कई जगह प्रार्थना की और बाद में बाबा रामदेव से संतान का आशीर्वाद मांगा. उन्होंने संकल्प लिया कि मनोकामना पूरी होने पर वे रामदेवरा की दंडवत यात्रा करेंगे. उनकी बहन को बाद में जुड़वा बेटों की प्राप्ति हुई. इसके बाद गमना भाई ने अपना संकल्प निभाने के लिए दंडवत यात्रा शुरू की. अब उनकी यात्रा अंतिम पड़ाव पर है और आने वाले दिनों में वे रामदेवरा पहुंच सकते हैं. रास्ते में भक्त उनकी सेवा और स्वागत कर रहे हैं. रक्षाबंधन पर भाई का यह समर्पण लोगों के लिए भावुक कर देने वाला उदाहरण बन गया है.
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जोधपुर. आज रक्षाबंधन का पावन पर्व है और इस दिन हर भाई अपनी बहन को कोई न कोई तोहफा देकर उसके चेहरे पर मुस्कान लाने की कोशिश करता है, लेकिन गुजरात के रामसन निवासी गमना भाई मालवी ने अपनी बहन को ऐसा तोहफा दिया है, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो रहा है. करीब 52 वर्ष पहले बहन ने संतान प्राप्ति की मन्नत मांगी थी. मन्नत पूरी होने और बहन के घर जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद गमना भाई ने दंडवत यात्रा करने का संकल्प लिया. अब वे गुजरात से रामदेवरा तक दंडवत यात्रा कर रहे हैं. इस यात्रा में परिवार के सदस्य भी उनके साथ हैं.
रास्ते में जगह-जगह लोग उनकी श्रद्धा, संकल्प और बहन के प्रति इस अनोखे समर्पण की सराहना करते हुए स्वागत कर रहे हैं. रक्षाबंधन पर भाई का यह अनोखा तोहफा भाई-बहन के अटूट प्रेम और रिश्ते की गहराई की मिसाल बन गया है. गमना भाई मालवी ने बताया कि करीब 20-25 साल पहले उन्होंने अपनी निःसंतान बहन के लिए संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर गांव में दो-तीन जगह बाधा रखी थी, लेकिन उससे कोई लाभ नहीं हुआ. इसके बाद वह अपनी बहन को लेकर पालनपुर गए, जहां चिकित्सकीय जांच भी करवाई, लेकिन डॉक्टरों ने कहा कि बहन को संतान होने की कोई संभावना नहीं है. इसके बाद उन्होंने बाबा रामदेव से याचना की कि बाबा मेरी बहन को आप जो भी संतान देंगे, वह मुझे मंजूर है.
बहन को जुड़वा दो बेटों का आशीर्वाद मिला
उन्होंने बताया कि संतान के रूप में चाहे लड़का हो या लड़की कोई फर्क नहीं पड़ता, बस बहन की सूनी गोद भर जाए. मनोकामना पूरी होने की आस में उन्होंने चार बार जमीन नापते हुए बिना चप्पल पहने रामदेवरा की यात्रा की और पांचवीं बार दंड यात्रा कर बाबा रामदेव से प्रार्थना की. उन्होंने बताया कि बाबा ने उनकी याचना सुन ली और उनकी बहन को जुड़वा दो बेटों का आशीर्वाद मिला. गमना भाई मालवी के अनुसार, करीब 52 साल की उम्र के बाद उनकी बहन को जुड़वा बेटों की प्राप्ति हुई. गुजरात से शुरू हुई गमना भाई मालवी की दंडवत यात्रा अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है और आने वाले कुछ दिनों में वे रामदेवरा पहुंचने वाले हैं.
बहन को जुड़वा बेटों की खुशी मिली तो भाई ने निभाया वादा
इस कठिन यात्रा में उनके साथ कई भक्त भी जुड़े हुए हैं, जो रास्ते भर उनकी सेवा और देखभाल में जुटे हैं. कोई उनके लिए भोजन-पानी की व्यवस्था कर रहा है तो कोई यात्रा के दौरान जरूरी सहयोग दे रहा है. गमना भाई लगातार दंडवत करते हुए बाबा रामदेव की नगरी की ओर बढ़ रहे हैं. वर्षों पहले बहन की संतान प्राप्ति के लिए की गई प्रार्थना पूरी होने के बाद लिया गया यह संकल्प अब पूरा होने जा रहा है. रक्षाबंधन के मौके पर भाई की इस आस्था और बहन के प्रति समर्पण की कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है.
About the Authorदीप रंजन सिंह Content Producer
दीपरंजन सिंह लगभग एक दशक से पत्रकारिता के फिल्ड से जुड़े हुए हैं. वह अभी न्यूज18 हिंदी के राजस्थान डिजिटल डेस्क से जुड़े हैं, जहां वे बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले लगभग एक दशक से सक्रिय पत…
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Jodhpur,Rajasthan
First Published :
August 28, 2026, 06:40 IST



