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राजस्थान का VIP नंबर RNJ 7773 क्यों है इतना खास? बुलेट बाबा की बाइक से जुड़ा रहस्य आज भी लोगों को करता है हैरान

पाली. भारत में वीआईपी नंबर का क्रेज किसी से छिपा हुआ नहीं है. यहां लोग लाखों रुपये खर्च कर वीआईपी नंबर हासिल करते हैं. लेकिन राजस्थान में एक वाहन का नंबर ऐसा भी है, जो कीमत से नहीं बल्कि लोगों की आस्था से जुड़ा है. यह नंबर है RNJ 7773. यह कोई आम नंबर नहीं है, बल्कि राजस्थान की आस्था के प्रमुख धाम ओम बन्ना सा की बुलेट मोटरसाइकिल यानी रॉयल एनफील्ड का नंबर है.

ओम बन्ना सा को आज भगवान की तरह पूजा जाता है. पाली-जोधपुर हाईवे पर स्थित ओम बन्ना धाम को बुलेट बाबा मंदिर भी कहा जाता है. इस धाम में इसी नंबर वाली बुलेट पिछले कई सालों से आज भी विराजमान है. इसके दर्शन करने के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं. जानें, मंदिर में विराजमान इस मोटरसाइकिल और इसके नंबर के पीछे क्या रहस्य है.

बाइक के साथ जुड़ी वह अनहोनी रातएक रात पाली-सांडेराव मार्ग पर बंगड़ी से चोटिला की ओर लौटते समय ओम बन्ना की बुलेट का नियंत्रण बिगड़ गया और वह सड़क किनारे एक विशाल पेड़ से टकरा गई. इस दर्दनाक हादसे में ओम बन्ना ने मौके पर ही प्राण त्याग दिए और उनकी प्रिय बुलेट पास के एक गहरे गड्ढे में जा गिरी. सुबह स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा किया और नियमानुसार दुर्घटनाग्रस्त बुलेट को स्थानीय पुलिस थाने ले आई.

VIP नंबर RNJ 7773 और बुलेट के चमत्कार का रहस्यअगले ही दिन थाने से बुलेट अचानक गायब हो गई. छानबीन करने पर पुलिसकर्मी तब हैरान रह गए, जब वही बाइक फिर से दुर्घटनास्थल वाले गड्ढे में खड़ी मिली. पुलिस उसे दोबारा थाने ले आई. इस बार कोई चालाकी या चोरी न हो सके, इसलिए पुलिस ने सख्त कदम उठाए. बाइक की पेट्रोल टंकी पूरी तरह खाली कर दी गई. उसे मजबूत जंजीरों से बांधकर ताला लगा दिया गया. लेकिन अगली सुबह जो हुआ, उसने सभी को हैरान कर दिया. जंजीरें टूटी मिलीं और बुलेट एक बार फिर बिना ईंधन के सफर तय करके उसी हादसे वाली जगह पर पहुंची हुई थी. कई दिनों तक यह सिलसिला लगातार चलता रहा. हर बार बाइक थाने से गायब होकर उसी खाई में पहुंच जाती थी.

बुलेट और ओम बन्ना सा का अटूट बंधनइसी अलौकिक घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इसे ओम बन्ना की आत्मा और उनकी प्रिय बुलेट का अटूट बंधन माना. आज वही स्थान बुलेट बाबा मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है, जहां यात्री अपनी सुरक्षित यात्रा के लिए ओम बन्ना और उनकी बुलेट की पूजा करते हैं. यह घटना इतनी रहस्यमय थी कि लोगों का मानना था कि बाइक में कोई अलौकिक शक्ति है और ओम बन्ना की आत्मा अभी भी बाइक में विराजमान है. खबर फैलते ही इस घटना को आध्यात्मिक महत्व मिलने लगा और बाइक को संत का नाम दिया गया, बुलेट बाबा.

शाही सवारी बुलेट 350 की खासियतें
बुलेट 350 अपनी दमदार क्षमता और भारी बनावट के लिए जानी जाती है. इसमें 350 सीसी का इंजन, मजबूत मेटल बॉडी और इसकी खास भारी आवाज यानी थम्प इसे दूसरी मोटरसाइकिलों से अलग पहचान देती है. राजस्थान के रेतीले और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर बुलेट के संतुलन और मजबूती को खास माना जाता है. ओम बन्ना को भी अपनी इस बुलेट पर बेहद गर्व था.

जिस पेड़ से एक्सीडेंट हुआ, उसकी भी होती है पूजापाली जिले में जोधपुर-पाली हाईवे के पास मौजूद इस मंदिर से गुजरने वाले यात्री यहां रुककर दर्शन जरूर करते हैं. जिस पेड़ से मोटरसाइकिल का एक्सीडेंट हुआ था, लोग उसकी भी पूजा करते हैं. मंदिर के अंदर बुलेट को कांच के अंदर विराजमान किया गया है. इस पर फूल-मालाओं के साथ श्रद्धालुओं की आस्था के चलते चुनरी आदि भी चढ़ाई जाती है. कांच पर मोटरसाइकिल का विशेष नंबर 7773 भी अंकित किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है.

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